पेट और कमर में हल्‍का-हल्‍का दर्द व अकड़न,
हाथ और पैरों में अजीब सा दर्द और थकान!
ऐसा महसूस होने पर लड़कियों को पता चल जाता है कि पीरियड्स आने वाले है। लेकिन मेरे पीरियड्स तो इतने दर्दनाक होते हैं कि मुझे ऑफिस से छुट्टी लेनी पड़ती है। जी हां यह मेरे लिए किसी डरावने सपने की तरह होते है। पेट में दर्द और पूरे शरीर में अकड़न मुझे इतना तंग करती है कि मुझे मजबूरन बिस्‍तर पकड़ना पड़ता है। ऐसे में मुझे कुछ नहीं सुझता और मैं दर्द से छुटकारा पाने के लिए पेनकिलर खाती हूं। हालांकि मेरे घर में मौजूद बुजुर्ग महिलाएं इस दर्द को नॉर्मल बताती है। लेकिन मुझे आज तक समझ में नहीं आया कि इन दिनों में मुझे बाकी लड़कियों से ज्‍यादा दर्द क्‍यों होता है। इस बारे में जानने के लिए मैंने लेडी डॉक्‍टर से बात की।

कुकरेजा हॉस्पिटल की लेडी डॉक्‍टर अरोड़ा के अनुसार, "अगर आपको पीरियड्स के दौरान हल्का दर्द है तो ये नॉर्मल बात है लेकिन अगर दर्द बर्दाश्त नहीं होता है तो ये चिंता की बात है।" कुछ महिलाओं को तो पीरियड्स में इतना दर्द होता है कि उन्हें दवा लेनी पड़ जाती है। अगर आप भी उन लड़कियों में शामिल हैं जिनको बहुत ज्यादा ही दर्द होता है तो इसे नजरअंदाज करने के बजाय दर्द होने के कारणों में गौर करें।

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यूटेराइन फाइब्रॉयड

लगभग 75 प्रतिशत महिलाओं को उनके जीवन में कभी न कभी uterine fibroids का सामना करना पड़ता है। यूटेराइन फाइब्रॉयड, यूटेरस में होने वाले बहुत छोटे tubules होते हैं, जब ये यूटेरस की लाइनिंग को छूते हैं, तो बेहद दर्दनाक हो जाते हैं। हालांकि ये cancerous नहीं होते फिर भी ये आपकी पीरियड्स का दर्द और बढ़ा देते हैं। पीरियड्स ज्यादा दिनों तक चलता है, हैवी फ्लो होता है या फिर बहुत पेन होता है, तो तुरंत अपने डॉक्‍टर को दिखाइए, कहीं आपके यूटेरस में फाइब्रॉइड तो नहीं।

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पेल्विक इंफ्लेमेटरी डिजीज

PID महिला के reproductive organs में होने वाला एक तरह का बैक्‍टीरियल इंफेक्शन है। यह  gonorrhea या chlamydia जैसी बीमारियां की सबसे गंभीर स्थिति है। इस बीमारी के अपने कुछ अधिक लक्षण नहीं होते, लेकिन पेट के आस-पास के हिस्‍से में दर्द होता है, पीरियड्स अनियमित हो जाते है, सेक्‍स के दौरान दर्द होता है और सामान्यतः heavy discharge होता है।

एंडोमेट्रियोसिस

एंडोमेट्रियोसिस एक ऐसी प्रॉब्लम है जिसमें यूटेरस की lining उसके बाहर तक बढ़ जाती है जिससे न सिर्फ़ pelvic muscles में दर्द होता है बल्कि प्रजनन में भी समस्‍या होती है। कई बार बिना पीरियड्स के भी आप दर्द महसूस करती हैं। लगभग 10 प्रतिशत महिलाएं इस परेशानी से गुजरती हैं। इनमें से एक-तिहाई महिलाओं को प्रेगनेंट होने में परेशानी होती है। इसके लिए परेशान होने की ज़रूरत नहीं है। सही इलाज इससे निजात पाई जा सकती है।

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एक्‍सरसाइज की कमी 

पीरियड्स से एक हफ्ते पहले महिला का शरीर काफी मात्रा में प्रोजेस्ट्रॉन बनाता है। तनाव की वजह से आपका कॉर्टिसोल लेवल भी बढ़ जाता है और ये दोनों मिलकर आपके हार्मोन्स में असंतुलन पैदा कर देते हैं। इसे योग, मेडीटेशन या कार्डियो के द्वारा काबू में किया जा सकता है, क्योंकि एक्‍सरसाइज करने से ‘आपको अच्छा महसूस कराने वाला हार्मोन’ सेरोटोनिन निकलता है।

बढ़ती उम्र 

उम्र बढ़ने के साथ-साथ पीरियड्स में भी दर्द बढ़ने लगता है। 20 की उम्र के बाद पीरियड्स का दर्द बहुत ही भयानक हो जाता है। ये prostaglandins की वजह से होता है जो यूटेरस की लाइनिंग को गिराने वाले हार्मोंस है। जो इस समय सबसे अधिक बनते हैं, जब आपकी उम्र बढ़ने लगती है।

अगर आपको भी पीरियड्स के दौरान ऐसा ही दर्द होता है तो सचेत हो जाएं।

  • Pooja Sinha
  • Her Zindagi Editorial