पानी ही जीवन है और पानी के बिना जीवन की कल्‍पना भी नहीं की जा सकती है। सही भी है आप कुछ दिन बिना खाए तो रह सकते हैं लेकिन बिना पानी के जीवित रह पाना मुमकिन नहीं। पानी ना सिर्फ हमारी प्यास बुझाता है बल्कि डाइजेस्टिव सिस्‍टम से लेकर ब्रेन के विकास तक में अहम भूमिका निभाता है। निसंदेह पानी सबसे हेल्‍दी ड्रिंक है, लेकिन क्‍या आप जानती हैं कि प्‍लास्टिक की बोतल से पानी पीना आपकी हेल्‍थ को नुकसान पहुंचा सकता है, खासतौर पर अगर आप प्रेग्‍नेंट है। यह बात हम नहीं कह रहे बल्कि हाल में हुई एक रिसर्च से पता चला है।

जी हां आजकल सफर के दौरान सभी लोग पानी की बोतल खरीदते है। यहां तक कि अपने फ्रीज में भी प्लास्टिक की बोतल का इस्तेमाल करते है लेकिन रिसर्च से पता चलता है कि प्लास्टिक की बोतल हेल्‍थ के लिए हानिकारक होती है क्योंकि इनके निर्माण में Bisphenol A का इस्‍तेमाल पूरी तरह से वर्जित नहीं है। प्लास्टिक बोतलों के लगातार इस्तेमाल से दिल संबंधी समस्या, दिमाग को नुकसान, डायबिटीज तथा गर्भावस्था में कई तरह की समस्‍याएं आने लगती हैं।

Read more: क्या आप प्रेग्नेंसी में कर रही हैं ट्रेवल?

plastic water bottle in

प्रेग्‍नेंसी में खतरनाक है प्‍लास्टिक की बोतल मे पानी पीना

इसलिए अगर आप गर्भवती हैं और प्लास्टिक को बोतल में पानी पीती हैं तो उसे फौरन छोड़ दें, वरना आप अपने साथ-साथ अपने बच्चे को भी नुकसान पहुंचा रही है। ये प्रेग्नेंट महिलाओं में हार्मोनल बदलाव पैदा करता है, जिसकी वजह से बच्चे को नुकसान पहुंचने की संभावना बढ़ जाती है। प्लास्टिक की बोतलों में बिसफेनॉल नाम का केमिकल पाया जाता है, जो गर्भवती में भूख को कंट्रोल करने वाले हार्मोंन को प्रभावित करता है। ऐसा होने गर्भवती की भूख कम हो जाती है और इसकी वजह से बच्चे के विकास पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है। इसकी वजह से बच्चे के मानसिक विकास प्रभावित होती है।

बीपीए केमिकल क्‍या है?

बीपीए एक ऐसा केमिकल है जिसे कई commercial products में जोड़ा जाता है, जिसमें पानी की बोतलें, पेपर रसीद, कैनलाइनर और food storage containers शामिल हैं। इसे endocrine-disrupting केमिकल के रूप में जाना जाता है - ये केमिकल बॉडी के हार्मोन को प्रभावित करता है।

plastic water bottle in

क्‍या कहता है शोध

कनाडा के कैलगरी यूनिवर्सिटी के प्रमुख शोधकर्ता Deborah Kurrasch के अनुसार, "1,000 से ज्यादा जानवरों और 100 मानव महामारियों पर किये शोध में बीपीए के संपर्क और हेल्‍थ पर असर के बीच संबंध पाया गया है।" दरअसल, कई मानव रिसर्च ने बीपीए के संपर्क और व्यवहारिक समस्याओं को संबंधित पाया है, इसलिए सुझाव देते हैं कि बीपीए ब्रेन के विकास को स्थायी रूप से बदल देता है जो कि तंत्रिका के कामकाज पर स्थायी प्रभाव का कारण बनता है।

हालांकि, U.S. Food और Drug Administration, Health Canada, और European Food Safety Authority समेत दुनियाभर की सरकारी एजेंसियों ने बीपीए को सुरक्षित रखने की घोषणा की है। "इस असमानता का एक कारण smoking gun का अभाव है: अगर बीपीए मस्तिष्क के विकास के लिए इतने विषाक्त है, तो दोषपूर्ण दिमाग का प्रमाण कहां है?" Kurrasch ने कहा।

लेकिन यह पहली स्‍टडी है जिसमें ''बीपीए का इस्‍तेमाल करके मस्तिष्क के विकास पर केमिकल के असर को दिखाने के लिए तंत्रिका कोशिकाएं, या न्यूरॉन्स के जन्‍म के प्रभाव को दिखाया गया है।"

Read more: प्रेग्नेंट वुमेन के खाने-पीने के सारे सवालों का जवाब