कोरोना वायरस से बचाव का एक मात्र उपाय मास्क पहनकर बाहर निकलना है । इसलिए फेस मास्क पहनना जरूरी हो गया है। मास्क पहनने से वायरस का खतरा काफी हद तक कम हो जाता है। इसी वजह से लोग जब भी घर से बाहर होते हैं या किसी दूसरे व्यक्ति के संपर्क में आते हैं तब वो मास्क जरूर लगाए रहते हैं। हो सकता है कि इससे वायरस का प्रसार थम भी जाए, लेकिन लगातार मास्क का इस्तेमाल करने से लोगों में एक नई समस्या सामने आ रही है। लगातार मास्क पहनने से आंखों की समस्या उत्पन्न हो रही है जिसे ऑक्युलर इरिटेशन कहा जाता है। मास्क की वजह से बढ़ने वाली आंखों की इस परेशानी के बारे में बता रही हैं डॉक्टर अनुरीता वधावन, नेत्र विशेषज्ञ और चेयर पर्सन आई कैन फाउंडेशन (दिल्ली )। आइए जानें मास्क के इस्तेमाल से होने वाली आंखों की इस समस्या के बारे में -

क्या हैं ऑक्युलर इरिटेशन के कारण

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लगातार मास्क का इस्तेमाल हमारी जरूरत है लेकिन ये आंखों की नमी चुरा लेता है। इसकी वजह से ऐसे रोगी जिनमें पहले से इसके कोई लक्षण नहीं थे, उनमें भी बदलाव दिखाई दे रहे हैं। खासकर कुछ पढ़ने या लंबे समय तक डिजिटल उपकरणों का इस्तेमाल करने के दौरान इनमें इजाफा देखा जा रहा है। इसका मुख्या कारण हमारे आंसुओं में असंतुलन होने पर आंखों का खुस्ख या ड्राई होना है । इसमें आंखों की सतह को कोट करने वाली तरल परत सूखने लगती है और आंखों की ड्राईनेस बढ़ जाती है जो आंखों की इस बीमारी का कारण बनती है। (ऐसे करें आंखों की देखभाल ) मास्क पहनना ‘टियर फिल्म’ के संतुलन को प्रभावित कर सकता है, क्योंकि इसके दौरान मुंह और नाक से बाहर की ओर हवा का प्रसार कम हो जाता है। आँखों के लागातार ख़ुश्क रहने से उन्हें बार-बार छूने की आदत बढ़ सकती है। इससे कोरोना संक्रमण का खतरा भी बढ़ सकता है।

ऑक्युलर इरिटेशन के लक्षण

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आमतौर पर व्यक्ति में इसके लक्षण नज़र नहीं आते हैं। लेकिन जब समस्या ज्यादा बढ़ जाती है तो आँखों में कई लक्षण दिखाई देने लगते हैं जैसे -

  • आँखों में लगातार खुजली होना
  • आँखों से आंसुओं का निकलना कम होना
  • आंखों का लाल होना
  • आँखों में चुभन और असहनीय पीड़ा होना


ऑक्युलर इरिटेशन के खतरे को कैसे कम करें

डॉक्टर से संपर्क करें

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अगर आप लगातार मास्क का इस्तेमाल कर रही हैं तो आपको जैसे ही आंखों में खुजली हो या आंखों की नमी कम होती हुई लगे और आंखें खुश्क हो जाएं तो बिना किसी देरी के तुरंत डॉक्टर यानी किसी नेत्र विशेषज्ञ से संपर्क करें। बीमारी का शुरुआत में ही पता लगने पर इसको आसानी से ठीक किया जा सकता है।

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डिजिटल उपकरणों का कम इस्तेमाल

आजकल कोरोना की वजह से सारी चीज़ें जैसे ऑफिस का काम और बच्चों की क्लासेज सब ऑनलाइन ही चल रहा है। जिससे हमारा काफी समय गैजेट्स के साथ गुजरता है और ये आँखों की समस्या को जन्म देता है। इसलिए डिजिटल उपकरणों पर काम करते हुए बीच-बीच में ब्रेक लेते रहें और जहाँ तक संभव हो सिर्फ काम के समय ही इनका इस्तेमाल करें।

आंखों को रगड़ने से बचें

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यदि आपको आँखों में ड्राइनेस लगे और खुजली हो तो आँखों को बार -बार रगड़ने से बचें क्योंकि यदि आप अपने हाथों से आँखों को छूती हैं तो कोरोना का खतरा भी बढ़ जाता है।

एसी में बैठने का वक्त कम करें

यदि आप लगातार मास्क पहनकर एसी में बैठती हैं तो अपना एसी में बैठने का समय थोड़ा कम करें । आमतौर पर देखा गया है कि एसी शरीर के साथ आँखों की भी नमी चुरा लेता है (आंसुओं को रोकना है खतरनाक ) जिससे आँखों में  ड्राइनेस होने लगती है और ये इरिटेशन का कारण बनती है।

बीच -बीच में मास्क हटा दें

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आँखों की ये समस्या लगातार मास्क के इस्तेमाल से बढ़ रही है। इसलिए कोशिश करें कि सिर्फ पब्लिक प्लेसेस में ही मास्क का इस्तेमाल करें। जब आप अकेली हों तब मास्क न लगाएं या बीच में मास्क हटा दें।

आंखों की एक्ससरसाइज़ करें

ऑक्युलर इरिटेशन से बचने के लिए बीच -बीच में आई ब्लिंकिंग एक्ससरसाइज़ करें। ऐसा करने से आँखों में नेचुरल टियर्स बनते हैं और यूए समस्या कम हो जाती है।

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उपर्युक्त बातों को ध्यान में रखकर आप मास्क लगाने के बाद भी अपनी आँखों को किसी भी तरह की बीमारी से बचा सकती हैं और आंखों की खूबसूरती बरकरार रख सकती हैं।

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Image Credit:free pik and Dr. Anureeta Wadhawan