विश्व स्वास्थ्य संगठन द्वारा कोरोना वायरस को महामारी घोषित किया गया है। इस इन्‍फेक्‍शन के बारे में लोगों के बीच ज्ञान तेजी से विकसित हो रहा है। प्रारंभिक शोध से पता चलता है कि कोरोनो वायरस से पीड़ित प्रेग्‍नेंट महिलाओं में मोरबिडिटी का खतरा अधिक नहीं होता है।

कोरोना वायरस के दौरान प्रेग्‍नेंट महिलाओं के लिए क्या-क्‍या जोखिम हैं?

सामान्य आबादी की तरह, कोविड -19 से संक्रमित गर्भवती महिलाओं का एक बड़ा हिस्सा यहा तो एसिम्‍टोमैटिक है या फिर उन्‍हें यह बीमारी हल्‍की-फुल्‍की है। मगर जो प्रेग्‍नेंट महिलाएं प्रेग्‍नेंसी के आखिरी तीन महीनों में लेबर के दौरान संक्रमण से गंभीर रूप से बीमार हैं, उन्हें इसके गंभीर परिणामों का सबसे अधिक खतरा होता है। नाल के माध्यम से रोग का वर्टिकल ट्रांसमिशन असंभव है।

pregnancy during covid

क्‍या कोरोना वायरस का प्रभाव बच्‍चे को जन्‍म देने के माध्‍यम पर भी पड़ेगा? 

अधिकांश अस्पताल महिलाओं की नासॉफिरिन्जियल स्वाब के द्वारा ड्यू डेट के निकट आने पर जांच कर रहे हैं ताकि यह पता लगाया जा सके कि क्या वे संक्रमित हैं। हालांकि, यह अनिवार्य नहीं है।

यदि आप पॉजिटिव नहीं हैं, तो लेबर और प्रसव प्रक्रिया हमेशा की तरह आगे बढ़नी चाहिए। कुछ परिस्थितियों में, आप पॉजिटिव न होने के बाद भी सिम्‍टोमैटिक बन सकते हैं। ऐसी स्थितियों में, महिलाओं को यह माना जाएगा कि वे कोविड-19 पॉजिटिव हैं।

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भले ही एक महिला कोविड-19 पॉजिटिव हो, मगर इस स्थिति में भी सिजेरियन द्वारा बच्‍चे को जन्‍म देना अनिवार्य नहीं है बल्कि कोरोनरा वायरस के दौरान सीजेरियन अधिक सामान्य हैं। महिलाएं नॉर्मल  डिलीवरी भी कर सकती हैं, खासकर अगर उनकी सामान्य स्थिति अच्छी है। यदि सिजेरियन के अन्य कारण हैं, तो उनका पता लगाया जाना चाहिए। यदि मां  को सांस लेने में दिक्‍कत है और इससे उसकी सामान्य स्थिति खराब हो रही है, तो सिजेरियन करना ही बेहतर विकल्‍प है। 

आपको स्थिति के आधार पर आवश्यकता के अनुकूल होने वाले विकल्पों के लिए भी फ्लेक्सिबल होना चाहिए। कोई भी इस बात का अनुमान नहीं लगा सकता है कि कोविड-19 के दौरान किस प्रकार की डिलीवरी होगी।

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डिलीवरी के बाद बरती जाने वाली सावधानियां

इन दिशानिर्देशों का पालन करें: 

  • अपने बच्चे को स्तनपान कराएं। स्तन का दूध बच्चे के लिए पोषण का एक उत्कृष्ट स्रोत है, और यह शरीर को सामान्य रूप से संक्रमण से लड़ने के लिए एंटीबॉडी का उत्पादन करने में भी मदद करता है।
  • बच्चे, आपने ब्रेस्‍ट, पंप, बच्चे का सामान आदि को छूने से पहले हाथों को अच्छी तरह से धोना चाहिए
  • अपने बच्चे के पास खांसने और छींकने से बचें। सुनिश्चित करें कि आसपास के लोग भी ऐसा ही करें।
  • शिशु को ब्रेस्‍टफीड कराते समय फेस मास्क पहनना उचित है।
  • सुनिश्चित करें कि आपके परिवार के सदस्य और आपकी मदद करने वाले मास्क पहनें और हाथों को साफ करने के बाद ही बच्‍चे को टच करें।
  • अपने डॉक्‍टर से परामर्श करें और उन सभी चीजों के बारे में जानें जो इस दौरान आपको करनी चाहिए और जो आपको और आपके बच्‍चे को इन्‍फेक्‍शन से बचाने के लिए आवश्‍यक है। 

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जन्म से पहले की तुलना में बच्चे को जन्म के बाद संक्रमित होने का अधिक खतरा होता है। इस लिए यह सलाह दी जाती है कि आप अपने बच्चे की  स्वच्छता और इन्‍फेक्‍शन के जोखिम का ख्याल रखें।

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विशेषज्ञ की सलाह के लिए डॉ. परीक्षित टैंक (MD DNB FCPS DGO DFP MNAMS FICOG FRCO) का विशेष धन्यवाद।

Reference:

https://www.ncbi.nlm.nih.gov/pmc/articles/PMC7151436/

https://www.tommys.org/pregnancy-information/im-pregnant/coronavirus-and-pregnancy/will-coronavirus-pandemic-affect-how-i-give-birth

https://www.cdc.gov/coronavirus/2019-ncov/need-extra-precautions/pregnancy-breastfeeding.html

https://www.uchealth.org/today/pregnancy-and-coronavirus-experts-advise-precautions/

https://www.stanfordchildrens.org/en/topic/default?id=the-new-mother---taking-care-of-yourself-after-birth-90-P02693