सेक्शुएलिटी विविध और व्यक्तिगत है और यह एक महत्वपूर्ण हिस्सा है कि आप कौन हैं। अपनी सेक्शुएलिटी की खोज एक बहुत ही आज़ादीभरा, रोमांचक और सकारात्मक अनुभव हो सकता है। सेक्शुएलिटी का मतलब यह नहीं है कि आप किसके साथ यौन संबंध बनाते हैं या आप कितनी बार ऐसा करते हैं बल्कि सेक्शुएलिटी आपकी यौन भावनाओं, विचारों, आकर्षण और अन्य लोगों के प्रति आपका व्यवहार है। आप अन्य लोगों के साथ फिजिकली, सेक्‍शुअली या इमोशनली आकर्षित हो सकते हैं और यह सभी चीजें आपकी सेक्शुएलिटी का हिस्सा हैं। 

कुछ लोग अपनी सेक्शुएलिटी को लेकर भेदभाव का अनुभव करते हैं। यदि कोई आपसे आपकी सेक्शुएलिटी को लेकर बुरा व्‍यवहार करता है तो बेहतर है कि आप इसके बारे में किसी से बात जरूर करें। 

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हेट्रोसेक्‍शुअल और होमोसेक्‍शुअल 

ज्यादातर लोग अपोजिट सेक्‍स के प्रति आकर्षित होते हैं- जैसे लड़के जो लड़कियों को पसंद करते हैं और महिलाएं जो पुरुषों को पसंद करती हैं। ये लोग हेटेरोसेक्‍शुअल या 'स्‍ट्रेट' होते हैं। कुछ लोग एक ही सेक्‍स के प्रति आकर्षित होते हैं, वह होमोसेक्‍शुअल हैं। 

‘लेस्बियन’ उन लोगों के लिए सामान्य शब्द है, जो महिलाओं के रूप में पहचाने जाते हैं और समान लिंग के प्रति आकर्षित होते हैं। वहीं  ‘गे’ उन लोगों को कहा जाता है, जो पुरुषों के रूप में पहचाने जाते हैं और समान लिंग से आकर्षित होते हैं। हालांकि, समलैंगिक महिलाओं को लेस्बियन कहा जाता है, मगर वे भी कभी-कभी इस शब्द का उपयोग करती हैं। 

बाइसेक्शुअल

सेक्‍शुएलिटी स्‍ट्रेट और समलैंगिक होने से अधिक जटिल भी हो सकती है। कुछ लोग पुरुषों और महिलाओं दोनों के प्रति आकर्षित होते हैं। ऐसे लोगों को बाइसेक्शुअल के रूप में जाना जाता है। 

बाइसेक्शुअल का मतलब यह नहीं है कि उनके मन में महिला और पुरुष दोनों के लिए समान फीलिंग्‍स हों। यह निर्भर करता है कि वह ज्‍यादा किससे मिलते हैं।  

बाइसेक्‍शुएलिटी के विभिन्‍न प्रकार होते हैं। कुछ लोग जो पुरुषों और महिलाओं के प्रति आकर्षित होते हैं,वे खुद को स्‍ट्रेट या समलैंगिक भी मानते हैं। या फिर वे दोनों लिंगों के प्रति सेक्‍शुअल फीलिंग्‍स रख सकते हैं। लेकिन इंटरकोर्स केवल एक के साथ करते हैं। (कैसे करें जेंडर डिस्क्रिमिनेशन का मुकाबला?)

अन्य लोग यौन आकर्षण को काले और सफेद की तुलना में ग्रे के रूप में अधिक देखते हैं। ऐसे लोग खुद को क्‍वीर कहलाना ज्‍यादा पसंद करते हैं। इन्‍हें पैन और पैनसेक्‍शुअल भी कहा जा सकता है क्‍योंकि यह विभिन्‍न प्रकार के लोगों के लिए आकर्षित होते हैं। भले ही उनका लिंग, पहचान या अभिव्यक्ति कोई भी हो।

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एसेक्‍शुअल

ऐसे लोग जिन्‍हें बहुत कम यौन आकर्षण का अनुभव है या वह अनुभव ही नहीं करते हैं, उन्‍हें एसेक्‍शुअल कहा जाता है। 

एसेक्‍शुएलिटी कोई विकल्‍प नहीं है। यह होमोसेक्‍शुएलिटी और हेट्रोसेक्‍शुएलिटी की तरह एक सेक्‍शुअल ओरिएंटेशन है। जहां व्‍यक्ति किसी से आकर्षित होने के बाद भी सेक्‍स करने की इच्‍छा नहीं रखता है। 

कुछ ऐसेक्‍शुअल लोगों की पहचान की जा सकती है, जिन्‍हें यौन आकर्षण का अनुभव तो होता है, मगर वह ऐसा तब ही महसूस करते हैं जब वह किसी के साथ एक मजबूत इमोशनल बॉन्‍ड विकसित करते हैं (इसे डेमीसेक्शुएलिटी के रूप में जाना जाता है)। अन्य लोग अन्य तरीकों की श्रृंखला में एसेक्शुएलिटी का अनुभव करते हैं। 

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सेक्‍शुएलिटी और मेंटल हेल्‍थ 

एलजीबीटीआई वर्ग के लोगों में सामान्य आबादी की तुलना में अवसाद, चिंता, मादक द्रव्यों के सेवन, बेघर, आत्म-हानि और आत्महत्या करने जैसे विचारों का खतरा ज्‍यादा होता है। यह विशेष रूप से युवा एलजीबीटीआई लोगों के साथ ज्‍यादा होता है, जो अपनी सेक्‍शुएलिटी की वजह से स्‍कूल में हीन-भावना का शिकार होते हैं और लोगों द्वारा परेशान किए जाने का अनुभव करते हैं।  

कुछ तनावपूर्ण अनुभव जो एक एलजीबीटीआई व्यक्ति के मानसिक स्वास्थ्य को प्रभावित कर सकते हैं:

  • अन्य लोगों से अलग महसूस करना
  • दूसरों द्वारा मौखिक या शारीरिक रूप से तंग किया जाना 
  • अपनी सेक्‍शुएलिटी को नकारने या बदलने का दबाव महसूस करना
  • लोगों के सामने जाने से डरना और उनके द्वारा अस्वीकार या न समझ पाने के लिए चिंतित होना।

सेक्‍शुएलिटी के बारे में दिलचस्प तथ्य 

  • होमोसेक्‍शुएलिटी मस्तिष्क की संरचना का परिणाम है। बाएं और दाएं गोलार्द्धों की समरूपता की डिग्री किसी व्यक्ति की यौन प्रकृति को तय करती है। इसका एक अन्य कारक amygdale में नर्व कनेक्शन को भी माना गया है।
  •  हेट्रोसेक्‍शुअल व्यक्ति (पुरुष और महिला दोनों) होमोसेक्‍शुअल पुरुषों की तुलना में अधिक सिमेट्रिकल फेस रखते हैं और होमोसेक्‍शुअल ओरिएंटेशन वाले लेस्बियन अपने हेट्रोसेक्‍शुअल काउंटरपार्ट्स से ज्‍यादा बाएं हाथ का इस्‍तेमाल करने वाले अधिक होते हैं।   
  •  हेट्रोसेक्‍शुअल और होमोसेक्‍शुअल लोगों के अलावा, एसेक्‍शुअल लोगों ने भी  आज की आबादी में अपनी एक जगह बना ली है। वे वही हैं जो partnered activity की इच्छा नहीं रखते हैं।
  •  आँखें भी हमारा सेक्‍शुअल ओरिएंटेशन बताती हैं। यह आंखों की पुतली के फैलाव की डिग्री के माध्यम से पता चलता है।
  • हेट्रोसेक्‍शुअल पेरेंट्स समलैंगिक पेरेंट्स की तुलना में समलैंगिक बच्‍चों को ज्‍याद अच्‍छी परवरिश दे सकते हैं। 
  • ऐसा भी देखा गया है कि समान सेक्‍स वाले कपल्‍स सामान्‍य कपल्‍स की तुलना में ज्‍यादा स्‍वस्‍थ जीवन जीते हैं। 
  • ऐसा कहा जाता है कि बाइसेक्‍शुअल पुरुष ऐसे लोग होते हैं जो, अभी तक समलैंगिक होने के बात को स्‍वीकार नहीं कर पाए हैं। मगर एक शोध में इस बात के प्रमाण मिले हैं कि मेल बाइसेक्‍शुएलिटी- पुरुषों और महिलाओं दोनों के जवाब में मजबूत शारीरिक और मनोवैज्ञानिक उत्‍तेजना है और निश्चित रूप से एक वास्‍तविक चीज है।
  • जबकि गैर-लैंगिकता वास्तव में होमोसेक्‍शुएलिटी से जुड़ी है, यह व्यवहार संबंधी विशेषताओं और उपस्थिति के मुताबिक समलैंगिक पुरुषों और लेस्बियंस में काफी अलग होती है। 
  • गे कपल्‍स के बीच जो रिश्‍ता होता है, उसमें किसी की कोई भूमिका निर्धारित नहीं होती है। दोनों ही बराबर से जिम्‍मेदारियों निभाते हैं। जबकि समलैंगिक पुरुष अपने हेट्रोसेक्‍शुअल काउंटरपार्ट्स की तुलना में अधिक मजबूत कामेच्छा या अधिक यौन इच्छा नहीं रखते हैं।
  • कामुकता के विषय पर कई मिथक और गलत धारणाएं हैं, लेकिन ऊपर वर्णित तथ्य मिथकों को स्पष्ट करने के लिए अधिकृत एजेंसियों द्वारा दिए गए हैं। ये उनके द्वारा किए गए विभिन्न सर्वेक्षणों का परिणाम हैं।

अन्‍य अद्भुत फैक्‍ट्स 

  • दो लोगों के बीच एक किस करने से 10 मिलियन से 1 बिलियन बैक्‍टीरिया आदान-प्रदान होते हैं।
  • महिलाओं को ऑर्गेज्म के माध्यम से फायदा हो सकता है क्योंकि यह स्ट्रोक, हार्ट डिजीज, डिप्रेशन के साथ ही ब्रेस्‍ट कैंसर के जोखिमों को कम करता है।
  • औसत महिला को ऑर्गेज्म बीस सेकंड तक रहता है, जबकि पुरुषों में यह औसतन छह सेकंड का होता है। जानवरों में समलैंगिकता की दरें काफी भिन्न हो सकती हैं। उदाहरण के लिए, राम्‍स जानवरों की ऐसी प्रजातियां हैं, जिनकी आबादी में 9 प्रतिशत का अनुपात एक समान-सेक्स वरीयता वाला है। इसी प्रकार, 23 प्रतिशत प्रजातियाँ बाइसेक्‍शुअल हैं।
  • विकासवादी सिद्धांत बताता है कि हेट्रोसेक्‍शुअल पुरुष उन महिलाओं की ओर आकर्षित होते हैं जिनके शरीर का आकार hourglass की तरह होता है और जिनके लंबे, रेशमी बाल होते हैं क्योंकि ये अच्छे स्वास्थ्य और फर्टिलिटी के संकेत हैं।

सेक्स के फायदे 

सेक्‍शुएलिटी के बारे में कई तथ्य हैं जो बताते हैं कि सेक्‍शुअल एक्टिविटी कितनी फायदेमंद हो सकती है। 

  • यह तनाव के स्तर को कम करता है।
  • कुछ अध्ययनों और शोध के अनुसार, कम कामकाजी लोगों को अधिक सेक्स और दूसरों को इसके विपरीत पाया गया है।
  • सेक्‍शुअल एक्टिविटी से दिल बेहतर होता है। यह मुख्य रूप से पुरुषों को हार्ट अटैक के अधिक दर से बचाता है।
  • सेक्‍शुअल एक्टिविटी आगे चल कर कैंसर से बचाने, महिलाओं को दर्द में राहत देने और स्पर्म की गुणवत्ता में सुधार करने में मदद करती है।

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निष्‍कर्ष

सेक्‍शुएलिटी मनुष्‍य को प्रकृति का दिया हुआ उपहार है। इसमें जीवन को बदलने की शक्ति होती है। हालांकि किसी निश्चित भावना या गतिविधि से जुड़ने से पहले आपको हमेशा सेक्‍शुएलिटी के वास्तविक अर्थ को समझना चाहिए

एक्‍सपर्ट सलाह के लिए डॉक्‍टर नीरज जादव (राजकोट गुजरात, सेक्‍शुअल मेडिसिन कमेटी के चेयरपर्सन एफओजीसीआई 2020-22) का धन्‍यवाद। 

References:

https://www.glamour.com/story/11-sex-facts-to-blow-your-mind

https://psychcentral.com/lib/facts-about-sexual-orientation/

https://www.lehmiller.com/blog/2014/9/19/10-scientific-facts-about-sexual-orientation

https://www.healthline.com/health/surprising-facts-about-sex#sperm-quality