टीनएजर्स के लिए बॉडी सेफ्टी  एक बड़ा विषय है। इसका अर्थ है कि आप खुद को यौन शोषण और अपने शरीर का दुरुपयोग होने से बचाने के तरीके सीखें। टीनएजर्स और छोटे बच्‍चों के पेरेंट्स के लिए भी यह जरूरी है कि वह अपने बच्‍चों को प्राइवेट पार्ट्स को महत्‍व बताएं। इस विषय पर अपने बच्‍चों से बात करना उतना ही महत्वपूर्ण है जितना कि उन्हें तैरना या सावधानीपूर्वक सड़क पार करना सिखाना है। इतना ही नहीं, पेरेंट्स के लिए यह भी जरूरी है कि वह अपने बच्‍चे को इस बात को व्‍यक्‍त करने के लिए प्रोत्‍साहित करें कि कहीं उन्‍हें किसी ने हिंसक और गलत तरीके से छूने की कोशिश तो नहीं की है। मगर कई बार पेरेंट्स ऐसा कर पाने में असफल हो जाते हैं। वे अपने अपने बच्‍चों से इस इस विषय पर चर्चा करने में कठिनाइयों का सामना करते हैं, जिससे भविष्‍य में और भी अधिक गंभीर समस्‍याएं हो सकती हैं। 

आमतौर पर जिन बॉडी सेफ्टी ईशूज का सामना करना पड़ता है और उनके समाधान 

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मेरा बच्‍चा अभी बहुत छोटा है 

हर बच्‍चा अपने पेरेंट्स का प्रिय होता है। बेशक पेरेंट्स के लिए उनका बच्‍चा हमेशा छोटा रहता है, मगर शारीरिक तौर पर उसका विकासा निरंतर होता रहता है। ऐसे में हर पेरेंट्स के लिए अपने बच्चे को छोटी उम्र से ही बॉडी सेफ्टी के बारे में सिखाना बहुत जरूरी है। जिस तरह आप उन्‍हें आंख, कान और नाक के बारे में बताते हैं, उसी तरह स्पष्ट भाषा में उन्‍हें उनके प्राइवेट बॉडी पार्ट्स के बारे में समझाना आवश्यक है। अपने बच्‍चे को रेगुलर और प्राइवेट बॉडी पार्ट के बीच के अंतर के बारे में समझाएं। इससे उन्‍हें अपने प्राइवेट पार्ट्स को ढकने की जरूरत का एहसास होगा और उन्‍हें यह भी बताएं कि वे कब उन पार्ट्स में असहज महसूस कर सकते हैं। 

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मेरा बच्चा मुझसे इस बारे में खुलकर बात नहीं करता है

यौन शोषण के बढ़ते मामलों का एक बड़ा कारण यह है कि बच्‍चे और बड़े इस बारे में अपने करीबियों से बात करने में खुद को सक्षम महसूस नहीं करते हैं। यह एक गंभीर बात है क्‍योंकि ऐसा होने से पेरेंट्स भी अपने बच्‍चों की परेशानियों को समझने में असफल रहते हैं। इसलिए जरूरी है कि आप अपने बच्‍चों के साथ एक दोस्‍ताना और ओपन रिलेशनशिप बनाएं, जहां वह आप पर पूरी तरह से भरोसा करते हों और आपसे किसी भी चीज के बारे में बात कर सकते हों। इतना ही नहीं, जब आप उनके प्रश्‍नों का उत्‍तर दें तो उनके साथ ईमानदार रहें और उन्‍हें अपने सभी सीक्रेट्स को ऐसे व्‍यक्ति के साथ शेयर करने के लिए कहें जिस पर उन्‍हें भरोसा हो या फिर वह उनके अच्‍छे दोस्‍त की तरह हों। पेरेंट्स के रूप में आप अपने बच्‍चों के पहले गुरु हैं। इसलिए अपने बच्‍चों को उनकी छोटी गलतियों पर सज़ा देने की जगह उन्‍हें आप पर भरोसा करने और अपने साथ खुलकर बात करने के लिए प्रोत्‍साहित करें। (टीनएज में कौन-कौन से बदलावों का होता है अनुभव, जानें)

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आपका बच्‍चा इन बातों को समझने में शर्म महसूस कर सकता है

बॉडी सेफ्टी के बारे में बात करना कुछ समय पहले तक वर्जित माना जाता था, लेकिन अब ऐसा नहीं है। पेरेंट्स को अपने बच्चों के स्वभाव का बहाना नहीं बनाना चाहिए और उन्‍हें ऐसी स्थिति में खुद और दूसरों के लिए खड़े होने की बात सिखानी चाहिए। बच्चों में अच्छे मानव स्वभाव की पहचान करना और उन्हें केवल जेंडर और दिखावे के आधार पर लोगों को अलग न करने की बात सिखाना बहुत महत्वपूर्ण है। (टीनएजर्स परिवार में हो रहे शोषण से कैसे लड़ें)

एक्‍सपर्ट एडवाइस के लिए डॉक्‍टर पारुल टैंक (कंसलटेंट, साइकेट्रिस्ट और थेरेपिस्‍ट ) का विशेष धन्‍यवाद 

References

https://www.amightygirl.com/blog?p=11069

https://www.mother.ly/child/now-is-the-perfect-time-to-teach-your-children-about-consent

https://www.anxioustoddlers.com/prevent-sexual-abuse/#.XkZOJxNKjBJ

https://www.shumee.in/blogs/news/body-safety-why-parents-need-to-talk-about-it-to-their-children-from-toddlers-to-teens