किसी व्यक्ति के जेंडर के आधार पर उससे भेदभाव करना ही जेंडर डिस्क्रिमिनेशन (लैंगिक भेदभाव) कहलाता है। जेंडर डिस्क्रिमिनेशन के कारण कई सारी सुविधाएं, अवसर, विशेषाधिकार या पुरस्कार उन लोगों को नहीं दिए जाते जिनके साथ ये भेदभाव हो रहा है। ये अधिकतर महिलाओं और लड़कियों के साथ होता है और इसका कारण वो मानसिकता है जिसमें एक जेंडर को दूसरे से ऊपर माना जाता है।

कितने तरह के होते हैं जेंडर डिस्क्रिमिनेशन-

- व्यवसाइक या कार्मिक क्षेत्र में जेंडर डिस्क्रिमिनेशन कई तरह के फैसलों पर असर कर सकता है। जैसे किसी महिला को नौकरी पर नहीं रखना, किसी पुरुष कर्मचारी को महिला के एवज में प्रमोशन सिर्फ उसके जेंडर के कारण, महिला कर्मचारियों को पुरुषों की तुलना में एक जैसे काम के लिए ही कम पैसे देना।

- सेक्शुअल हैरेस्मेंट भी एक तरह का जेंडर डिस्क्रिमिनेशन है। शत्रुतापूर्ण कार्यक्षेत्र या ऑफिस भी सेक्शुअल हैरेस्मेंट का एक कारण हो सकता है। यह तब होता है जब एक सहकर्मी या बॉस का व्यवहार उनके विपरीत जेंडर के कर्मचारियों के प्रति काम में शत्रुतापूर्ण, भयभीत करने वाला, या आक्रामक हो जाता है।

gender descrimination in household

समाज, अर्थव्यवस्था और ग्रोथ पर जेंडर डिस्क्रिमिनेशन के दुष्प्रभाव-

- शिक्षा में लैंगिक असमानता ह्यूमन इंटलेक्ट (मानव बुद्धि) के औसत स्तर को कम करके आर्थिक विकास को प्रभावित करती है।

- जेंडर डिस्क्रिमिनेशन से एक तरह से महिलाएं और लड़कियां बंदी बना ली जाती हैं क्योंकि उन्हें उनके मौलिक मानव अधिकार नहीं दिए जाते। इसके कारण न सिर्फ उन्हें बल्कि उस घर को भी आर्थिक परेशानियां झेलनी पड़ सकती हैं जिस घर की वो हैं।

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जेंडर डिस्क्रिमिनेशन से कैसे निपटें?

- लोगों को समझाने का प्रयत्न करें। कोर वैल्यू, अपनी सोच, अपनी ताकत द्वारा ही उन्हें प्रेरित करें। चुनौतियों का सामना करना लोगों को कठिनाइयों से लड़ने का साहस देगा।

-  समर्थन प्रणालियों की तलाश करें। आपका परिवार, सहकर्मी, और मित्र आपको आपकी योग्यता का अहसास करवा सकते हैं और आपको उन गलत मान्यताओं को तोड़ने में मदद कर सकते हैं। भेदभाव के बारे में बात करना दर्दनाक है। इस तरह की घटनाओं को संभालने के लिए दोस्तों और परिवार की मदद लें।

- अगर आपके साथ शिक्षा या व्यवसाय के क्षेत्र में किसी तरह का भेदभाव हुआ है तो दोस्त और परिवार वाले उससे उबरने में मदद कर सकते हैं। आपका सपोर्ट सिस्टम ही ये तय करेगा कि क्या आपके दावे सही हैं और आपको आगे इसके लिए कैसे कदम उठाने चाहिएं।

- एक जैसी सोच वाले लोगों, ग्रुप और संगठनों से जुड़ें। भले ही आप उनसे खुद मिलें या ऑनलाइन जुड़ें। ऐसे और लोग भी हो सकते हैं जिनका एक्सपीरियंस आपकी तरह रहा हो। ऐसे लोगों से जुड़ने से आपको ये तय करने में मदद मिलेगी कि इस समस्या का हल कैसे निकाला जाए और भेदभाव के खिलाफ आवाज़ किस तरह से उठाई जाए।

- भेदभाव अगर होता है तो उसके साथ कई सारे इमोशन जैसे गुस्सा, दुख और शर्मिंदगी महसूस होती है। अपना दिमाग शांत रखें और ठीक से सोचें।

- कई बार भेदभाव के कारण डिप्रेशन भी हो सकता है और ये काफी चैलेंजिंग स्तिथि हो सकती है इसलिए ये जरूरी है कि आप प्रोफेशनल मदद लें। साइकोलॉजिस्ट कई तरह के लक्षणों जैसे स्ट्रेस से छुटकारा पाने में मदद कर सकते हैं। इसी के साथ, वो कुछ हेल्दी सुझाव दे सकते हैं इस समस्या से निपटने के।

कैसे जेंडर डिस्क्रिमिनेशन को खत्म करें-

- महिलाओं को सपोर्ट करें
- जेंडर-न्यूट्रल प्रोसेस बनाएं
- भेदभाव को लेकर साफ रणनीति तैयार करें
- महिलाओं को प्रेरित करें
-  योग्यता की संस्कृति को बढ़ावा देना

सार-

जेंडर डिस्क्रिमिनेशन को मिटाने का सिर्फ एक ही तरीका है कि महिलाओं के लिए खड़े हों और समाज को ये बात समझनी होती कि महिलाएं भी पुरुषों की तरह ही बराबरी का हक रखती हैं। महिलाओं को ये ध्यान रखना होगा कि उनके साथ भेदभाव न हो। उन्हें अपने दोस्तों और परिवार की मदद लेते हुए अपने लिए आवाज़ उठानी होगी और इसके लिए लीगल सिस्टम की मदद लेनी होगी ताकि उन्हें समान अधिकार मिल सकें।

डॉक्टर माधुरी मेहेनदले (MBBS, DGO, DNB- Obstetrics & Gynaecology) को उनकी एक्सपर्ट एड्वाइस के लिए धन्यवाद।

Reference:
https://www.inc.com/encyclopedia/gender-discriminations.html
https://en.wikipedia.org/wiki/Gender_inequality