महिलाओं को बढ़ती उम्र के साथ बहुत सारी समस्‍याओं को झेलना पड़ता है। ऐसा मेनोपॉज के कारण होता है क्‍योंकि मेनोपॉज के बाद महिलाओं की बॉडी में एस्‍ट्रोजन का बनना कम या बिल्‍कुल ही बंद हो जाता है जिससे महिलाओं को कई तरह की समस्‍याओं को झेलना पड़ता है। हालांकि मेनोपॉज एक नेचुरल प्रोसेस है, लेकिन कई महिलाओं के शरीर में हो रहे बदलाव उनके रोजमर्रा की जिंदगी में कई समस्‍याएं आने लगती हैं। खासतौर पर मेनोपॉज के बाद महिलाओं की संबंध बनाने की इच्‍छा कम होने लगती हैं। अगर आप भी जानना चाहती हैं कि ऐसा क्‍यों होता है तो इस आर्टिकल को जरूर पढ़ें।

ऐसा ही कुछ गुंजन के साथ हो रहा था। जी हां 48 की गुंजन अपनी हेल्‍थ में बहुत बदलाव महसूस कर रही थीं। इसकी वजह से उनको नींद आने में तकलीफ हो रही थीं। कभी-कभार रात को गरमाहट महसूस होती थी और बहुत ज्‍यादा पसीना आता था। और उसकी संबंध बनाने की इच्‍छा भी कम हो गई थी। लेकिन उसने कई दिनों तक इन लक्षणों पर ध्यान नहीं दिया। लेकिन जब 2-3 महीनों से उसे पीरियड्स में प्रॉब्‍लम हुई तब उसे चिंता सताने लगी और डॉक्‍टर को दिखाया तब डॉक्‍टर ने बताया कि यह प्रीमेनोपॉज के लक्षण है। और मेनोपॉज के बाद महिलाएं ऐसा ही महसूस करती हैं। 

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क्‍या कहती है रिसर्च

इन समस्‍याओं के अलावा जैसे-जैसे महिलाओं की उम्र बढ़ने लगती है, संबंध में उनकी इच्‍छा भी कम होने लगती है। 'द जर्नल ऑफ द नॉर्थ अमेरिकन मेनोपॉज सोसायटी' में प्रकाशित एक रिसर्च के अनुसार, रेगुलर संबंध बनाने वाली महिलाओं की इच्‍छा उम्र बढ़ने के साथ-साथ कम होने लगती है और मेनोपॉज के बाद संबंध की इच्‍छा और भी कम हो जाती है। इस रिसर्च में मेनोपॉज के बाद महिलाओं में इस बात का निरीक्षण किया गया कि किस तरह से रिश्तों में घनिष्ठता, हेल्‍थ और मनोवैज्ञानिक कारक इन महिलाओं में संबंध बनाने की इच्‍छा को प्रभावित करता है।

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इच्‍छा कम होने के कारण

नॉर्थ अमेरिकन मेनोपॉज सोसायटी की चिकित्सा निदेशक स्टेफनी फ्यूबियन ने कहा, "उम्र बढ़ने के साथ-साथ यौन हेल्‍थ संबंधी चुनौतियां महिलाओं में आम है और पार्टनर भी महिलाओं की यौन एक्टिविटी और संतुष्टि में एक प्रमुख कारक निभाते हैं।" फ्यूबियन ने आगे कहा, "इसके अलावा मेनोपॉज संबंधी समस्याएं जैसे कि वेजाइना में ड्राईनेस और संबंध बनाने के दौरान दर्द, इनकी पहचान भी यौन एक्टिविटी को प्रभावित करने वाले कारकों में से एक है। हालांकि प्रभावपूर्ण चिकित्सकीय सुविधाओं के उपलब्ध होने के बावजूद कुछ ही महिलाएं इनसे संबंधित ट्रीटमेंट करवाती हैं।"

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शोधकर्ताओं ने अध्ययन किया कि कैसे और क्यों मेनोपॉज के दौरान और इसके बाद महिलाओं में संबंध बनाने में रुचि घटने लगती है। अध्ययन के लिए कई  कारकों पर शोध किया गया जैसे कि अचानक शरीर का तापमान बढ़ जाना, नींद में कमी, वेजाइना में ड्राईनेस और शारीरिक संबंध बनाने के दौरान दर्द आदि शामिल है। हालांकि विभिन्न मनोसामाजिक परिवर्तन, मेनोपॉज के बाद जिनका होना आम है। हालांकि इसके बारे में बहुत कम लोग जानते हैं। इसमें शरीर की बनावट को लेकर अधिक सचेत होना, आत्म-विश्वास, तनाव, मूड में परिवर्तन और रिश्ते से संबंधित समस्‍याएं भी शामिल हैं।
Source: IANS