दुनिया भर में कोरोनावायरस के मामलों में दिनों-दिन बढ़ती संख्या के बीच, हैंड सैनिटाइजर या साबुन से हाथ धोने के बीच बहस खत्‍म नहीं हो रही है। कोरोनोवायरस के प्रकोप से हैंड सैनिटाइज़र और साबुन की कमी हो गई। जबकि दोनों हैंड सैनिटाइजर और साबुन कोरोनावायरस को रोकने में सहायक हो सकते हैं, लेकिन हम यह तय नहीं कर पा रहे हैं कि कौन सा विकल्प अधिक असरदार है। अगर आपके मन में भी ऐसी ही कोई दुविधा है तो इस आर्टिकल को जरूर पढ़ें। क्‍योंकि इसमें एक्‍सपर्ट आपकी दुविधा को दूर कर रहे हैं। 

हाल ही में, स्कूल ऑफ केमिस्ट्री UNSW के प्रोफेसर पल्ली थॉर्डसन ने अपने ट्वीट के साथ शेयर किया कि ''खतरनाक वायरस को रोकने के लिए साबुन एक बेहतर विकल्प है। उन्होंने लिखा है कि साबुन वायरस को आपस में जोड़ने वाली अंत: क्रियाओं को तोड़कर नष्ट कर देता है। साबुन में फैटी एसिड और सॉल्ट जैसे तत्व होते हैं जिन्हें एम्फिफाइल्स कहा जाता है। साबुन में छिपे ये तत्व वायरस की बाहरी परत को निष्क्रिय कर देते हैं। करीब 20 सेकंड तक हाथ धोने से वो चिपचिपा पदार्थ नष्ट हो जाता है जो वायरस को एकसाथ जोड़कर रखने का काम करता है। आपने कई बार महसूस किया होगा कि साबुन से हाथ धोने के बाद स्किन थोड़ी ड्राई हो जाती है और उसमें कुछ झुर्रियां पड़ने लगती हैं। ऐसा इसलिए होता है क्योंकि साबुन काफी गहराई में जाकर बैक्‍टीरिया को मारता है। 

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soap INSIDE

जॉन हॉपकिंस यूनिवर्सिटी के शोध के अनुसार जैल, लिक्विड या क्रीम के रूप में मौजूद सैनिटाइजर कोरोना वायरस से लड़ने में साबुन जितना बेहतर नहीं है। कोरोना वायरस का सामना सिर्फ वही सैनिटाइजर कर सकेगा जिसमें एल्कोहल की मात्रा अधिक होगी। सामान्य तौर पर इस्तेमाल होने वाला साबुन इसके लिए ज्यादा बेहतर विकल्प है। 

हालांकि, उन्होंने शेयर किया है कि हैंड सैनिटाइज़र भी प्रभावी हैं। साबुन एक बेहतर विकल्प है, लेकिन जब आप अपने हाथों को साबुन से नहीं धो सकते हैं, तो आप हैंड सैनिटाइज़र का इस्‍तेमाल कर सकते हैं।

प्रोफेसर पल्ली थॉर्डसन ने हैंड सैनिटाइज़र का इस्‍तेमाल करके हाथ धोने के लिए एक गाइड भी शेयर की है। आइए इस पर एक नजर डालें:

उन्होंने ट्वीट किया, "दोनों बहुत अच्छी तरह से काम करते हैं! आप जिसे पसंद करते हैं या बेहतर समझते हैं! दोनों का उपयोग करें; कभी-कभी साबुन, कभी-कभी सैनिटाइज़र। हालांकि सैनिटाइज़र बहुत अधिक सुविधाजनक है। लेकिन यह हमेशा 100% बैक्‍टीरिया को नहीं मारता है। भले ही यह ''कभी-कभी" केवल 95% ही मारता है। लेकिन यह भी आपने आप में बहुत अच्छा है। लंबा और अच्छी तरह रगड़ना, दोनों में महत्वपूर्ण होता है!"

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इस बारे में अधिक जानकारी लेने क लिए हमने कोलंबिया एशिया हॉस्पिटल गुड़गांव के इंटरनल मेडिसिन, हेल्‍थ एक्‍सपर्ट, डॉक्‍टर मंजीत नाथ दास से बात की तब उन्‍होंने हमें बताया कि कैसे अपने हाथों को साबुन और पानी से धोना, हैंड सैनिटाइजर के इस्‍तेमाल से बेहतर है। उन्‍होंने बताया, "साबुन और पानी निश्चित रूप से अल्‍कोहल रब या किसी मेडिकेटेड सैनिटाइज़र से बेहतर होते हैं, क्योंकि जब आप इसे लगाते हैं तो दूसरी तरफ अच्‍छे से रगड़कर नहीं साफ किया जाता है। अल्‍कोहल रब से रगड़ने के मामले में, बैक्‍ट‍ीरिया को मारने के लिए एक विशिष्ट मात्रा होनी चाहिए। आमतौर पर लोग नहीं जानते हैं और सैनिटाइजर की सिर्फ 2-3 बूंदें लेते हैं और पूरे हाथों को रगड़ लेते हैं, यह भी सुनिश्चित नहीं करते है कि जिस हिस्‍से में इसे लगाया जाता है उसमें सैनिटाइजर समान रूप से फैला है या नहीं। इसलिए सैनिटाइजर का इस्‍तेमाल करने की तुलना में अपने हाथों को साबुन और पानी से धोना बेहतर होता है, लेकिन हां, कुछ भी इस्‍तेमाल न करने से बेहतर है कि कोई भी अपने हाथों को साफ करने के लिए हैंड सैनिटाइजर का इस्‍तेमाल करें।"

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पारस हॉस्पिटल्स गुड़गांव के इंटरनल मेडिसिन डॉक्‍टर पी वेंकट ने भी पुष्टि की है, "अक्टूबर में किए गए एक अध्ययन के अनुसार, सामान्य वायरस के मामले में, साबुन और पानी, अल्कोहल-बेस रब की तुलना में वायरस को तेजी से खत्म करने में सक्षम हैं, क्योंकि म्‍यूकस शराब को प्रवेश करने से रोकता है और अधिक समय लेता है। दोनों समान रूप से प्रभावी हैं लेकिन साबुन और पानी के साथ, वायरस बहुत तेजी से दूर होता है और रगड़ने में थोड़ा अधिक समय लगता है।"

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इसलिए अगर आप साबुन और पानी का इस्‍तेमाल नहीं कर सकते हैं तो आपको अपने हाथों को सैनिटाइजर से साफ करना चाहिए। COVID-19 ने अब तक 4000 से अधिक लोगों की जान ले चुका है और अब इसे विश्व स्वास्थ्य संगठन द्वारा आधिकारिक रूप महामारी के रूप में घोषित कर दिया गया है।