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बहुत ज्यादा एक्सरसाइज से आपकी सेहत को हो सकता है नुकसान

अगर आप स्लिम ट्रिम बने रहने के लिए जरूरत से ज्यादा एक्सरसाइज करती हैं तो ध्यान दें इससे आपकी आपकी सेहत को नुकसान भी हो सकता है।   
Published -25 Apr 2018, 11:38 ISTUpdated -25 Apr 2018, 11:53 IST
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आपने खुद को एनर्जेटिक बनाए रखने के लिए एक्टिव लाइफस्टाइल अपनाया हुआ है। आप हेल्दी डाइट लेती और जिम में भी खूब पसीना बहाती हैं। लेकिन आपको इस बात का भी ध्यान रखना जरूरी है कि कहीं बहुत ज्यादा एक्सरसाइज से आप बीमार न पड़ जाएं। एक नए अध्ययन में यह बात कही गई है कि बहुत ज्यादा एक्सरसाइज से आपको मोटर न्यूरॉन डिजीज होने का खतरा होता है, जिसे एमियोट्रोफिक लेटरल स्केलेरॉसिस (एएलएस) के नाम से भी जाना जाता है। 

एएलएस एक प्रोग्रेसिव और गंभीर न्यूरोडीजेनरेटिव डिजीज है, जिसका फिलहाल में कोई इलाज उपलब्ध नहीं है। इस बीमारी के लिए जीन्स, एन्वायरमेंट फैक्टर्स और फिजिकल एक्टिविटी जिम्मेदार माने जाते हैं। इस स्टडी में आयरलैंड, इटली और नीदरलैंड्स के एएलएस डायग्नोज होने वाले 1557 पार्टिसिपेंट्स के लाइफस्टाइल की तुलना उसी उम्र वर्ग के 2922 लोगों से की गई, जिन्हें ये बीमारी नहीं थी। सभी पार्टिसिपेंटस ने अपने लाइफस्टाइल, स्मोकिंग, एल्कोहॉल इनटेक, इम्प्लॉयमेंट हिस्ट्री और फिजिकल एक्टिविटी के स्तर के बारे में डीटेल मुहैया कराईं।

EXCESSIVE EXERCISE inside

इन पार्टिसिपेंट्स की फिजिकल एक्टिविटी मेटाबॉलिक इक्विविलेंट ऑफ टास्क (एमईटी) में मापी गई। इससे यह पता चला कि प्रति मिनट एक्सरसाइज करने पर कितनी कैलोरी खर्च की गई। स्टडी से मिले आंकड़ों की एनालिसिस करने पर यह बात सामने आई कि अत्यधिक फिजिकल एक्टिविटी से एएलएस का जोखिम ज्यादा था। इसमें उम्र बढ़ने, स्मोकिंग करने, शराब पीने और दूसरे कारणों से भी बीमारी होने की आशंका बढ़ जाती है। फ्री टाइम में की जाने वाली एक्टिविटीज से 6 परसेंट, वर्कप्लेस एक्टिविटीज से 7 परसेंट और ओवरऑल एक्टिविटीज से 6 फीसदी का खतरा बताया गया। आंकड़े में यह बात सामने आई कि एमईटी का स्कोर जितना ज्यादा था, एएलएस का जोखिम भी उतना ही अधिक था। यह स्टडी उन स्टडीज को और भी ज्यादा वेटेज दे रही है, जिनमें प्रोफेशनल एथलीट्स में मोटर न्यूरॉन डिजीज के ज्यादा मामले पाए जाने की बात कही गई थी। 

स्टडी करने वाले वैज्ञानिकों ने स्पष्ट किया कि कुल एक्टिविटीज में 6 फीसदी की बढ़त लोगों में एएलएस के 26 फीसदी बढ़े हुए जोखिम के रूप में देखा जा सकता है, जो सामान्य से ज्यादा या कम एक्टिव है। यह भी तथ्य है कि एक्सरसाइज एएलएस के विकसित होने में बहुत बड़ा कारक नहीं है, लेकिन जिन लोगों के घर में ऐसी बीमारी होने की मेडिकल हिस्ट्री रही है, उनके लिए इसका जोखिम निश्चित रूप से बढ़ जाता है। 

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