पेशाब नहीं, किडनी खराब होने के संकेत हैं शरीर के ये 5 मामूली बदलाव, आज ही चेक करें

किडनी हमारे शरीर का जरूरी अंग है, जो नेचुरल फिल्टर की तरह काम करता है। यह शरीर से टॉक्सिन्स को बाहर निकालती है, तरल पदार्थां को बैलेंस रखती है और ब्लड प्रेशर को कंट्रोल करती है। ध्यान देने वाली बात ये है कि किडनी डैमेज साइलेंट होता है। इसके लक्षण जल्दी पहचान में नहीं आते हैं। ज्यादातर लोग मानते हैं कि किडनी की समस्या के लक्षण सिर्फ पेशाब में दिखते हैं, जबकि सच यह है कि किडनी रोग की शुरुआत शरीर के कई अन्य छोटे-छोटे संकेतों से भी हो सकती है।
किडनी की समस्याएं अक्सर बिना किसी स्पष्ट लक्षण के शुरू होती हैं, लेकिन शरीर में आने वाले कुछ मामूली बदलाव किडनी डैमेज के शुरुआती संकेत हो सकते हैं। इन संकेतों को समय पर पहचान लेना क्रोनिक किडनी डिजीज या किडनी फेल्योर जैसी गंभीर स्थितियों से बचाव कर सकता है।
किडनी खराब होने के शुरुआती संकेतों और किडनी को हेल्दी रखने के जरूरी टिप्स के बारे में हमें मैक्स सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल, पटपड़गंज के किडनी एक्सपर्ट डॉक्टर रवि कुमार सिंह बता रहे हैं।

सूजन
किडनी फेल होने का पहला संकेत आपके टखनों, हाथों या आंखों के आस-पास सूजन है। डॉक्टर बताते हैं कि जब किडनी ठीक से काम नहीं करती, तब वह शरीर से पानी नहीं निकाल पाती, जिससे सूजन आ जाती है।
खुजली या रूखी त्वचा
किडनी डैमेज होने पर शरीर में कैल्शियम और फास्फोरस जैसे मिनरल्स का बैलेंस बिगड़ जाता है। इससे आपकी त्वचा पर रूखापन और खुजली होने लगती है और चकत्ते भी दिखाई देते हैं।
सांस लेने में तकलीफ
जब किडनी कचरा नहीं निकाल पाती, तब फेफड़ों में लिक्विड जमा हो जाता है, जिससे सांस लेना मुश्किल हो जाता है। रेड ब्लड सेल्स की कमी के कारण ऑक्सीजन भी कम होती है, जिससे सांस फूलने लगती है।
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हमेशा थकान महसूस होना
हेल्दी किडनी एरिथ्रोपोइटिन नाम का हार्मोन बनाती है, जो रेड ब्लड सेल्स को बनाने के लिए जरूरी है। किडनी डैमेज होने पर इस हार्मोन की कमी हो जाती है, जिससे आप थका हुआ महसूस करते हैं।
मतली, उल्टी या भूख न लगना
किडनी खराब होने पर टॉक्सिन्स ब्लड में जमा होने लगते हैं। एक्सपर्ट बताते हैं कि यह जमाव पेट को खराब करता है, जिससे मतली, उल्टी या भूख न लगना जैसे लक्षण महसूस होते हैं।
किडनी को सुरक्षित रखने के 5 जरूरी उपाय
किडनी को डैमेज से बचाने के लिए लाइफस्टाइल में कुछ बदलाव को अपनाना बेहद जरूरी है।

- किडनी-फ्रेंडली डाइट- नमक और प्रोसेस्ड फूड कम खाएं, लेकिन फल, सब्जियां और साबुत अनाज ज्यादा खाएं।
- डायबिटीज और हाई बीपी को रखें कंट्रोल- ये किडनी डैमेज के सबसे बड़े कारण हैं। इन्हें दवा, हेल्दी डाइट और रेगुलर चेकअप से कंट्रोल में रखें।
- हाइड्रेटेड रहें- पर्याप्त पानी पीने से किडनी ठीक से काम करती है, लेकिन अगर आपको पहले से दिल से जुड़ी समस्या है, तो ज्यादा पानी पीना हानिकारक हो सकता है।
- पेनकिलर से बचें- ज्यादार पेनकिलर खाने से किडनी को नुकसान हो सकता है। इन्हें कम और सिर्फ डॉक्टर की सलाह से ही लें।
- रेगुलर चेकअप- यदि आपकी डायबिटीज, हाई बीपी या किडनी रोग की फैमिली हिस्ट्री है, तो हर 6 महीने में सीरम क्रिएटिनिन और यूरिन एल्ब्यूमिन जैसे टेस्ट जरूर करवाएं।
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किडनी डैमेज अक्सर शांत तरीके से होता है, इसलिए इन चेतावनी संकेतों को जानना जरूरी है। हेल्दी लाइफस्टाइल और रेगुलर चेकअप ही आपकी किडनी को लंबे समय तक सुरक्षित रख सकते हैं।
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