अगर आप डार्क चॉकलेट पसंद करती हैं तो स्वाद और सेहत दोनों बनाए रख सकती हैं। एक नई स्टडी में यह बात सामने आई है कि डार्क चॉकलेट खाने से स्ट्रेस और शरीर में होने वाली जलन में कमी आती है। ऐसा इसलिए होता है कि डार्क चॉकलेट में ककाओ की मात्रा ज्यादा होती है और यह फ्लेवेनॉएड्स का अच्छा स्रोत है। कैलिफोर्निया की लोमा लिंडा यूनिवर्सिटी के लीड इन्वेस्टिगेटर ली एस बर्क का कहना है, 'ककाओ में पाए जाने वाले फ्लेवेनॉएड्स बहुत शक्तिशाली एंटीऑक्सिडेंट्स और एंटी-इन्फ्लेमेटरी एजेंट होते हैं, जो ब्रेन और कार्डियोवेस्कुलर हेल्थ के लिए बहुत अच्छे माने जाते हैं। कई सालों से डार्क चॉकलेट का न्यूरोलॉजिकल फंक्शन्स पर असर देखा जा रहा है, इसमें जितनी ज्यादा शुगर होती है, हम उतने ही ज्यादा खुश होते हैं। 

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अच्छी बात ये है कि डार्क चॉकलेट कई पोषक तत्वों से भरपूर होती है जो आपकी सेहत बनाए रखने का काम करते हैं। डार्क चॉकलेट ब्लड प्रेशर के स्तर को नियंत्रित करने में भी मदद करती है। डार्क चॉकलेट में पाया जाने वाला पोटैशियम और कॉपर स्ट्रोक और दिल की बीमारियों को रोकने में सहायक हैं। डार्क चॉकलेट में पाया जाने वाला आयरन आपको एनिमिक होने से बचाता है और मैग्नीशियम टाइप-2 डायबिटीज, हाई बीपी और हार्ट डिजीज से बचाता है। डार्क चॉकलेट के कई और हेल्थ बेनिफिट्स भी हैं, जिनके बारे में आपको जानना चाहिए।

दिल के लिए अच्छी है

शोध दर्शाते हैं कि डार्क चॉकलेट को थोड़ी-थोड़ी क्वांटिटी में हफ्ते में दो बार लिया जाए तो बीपी कम करने में सहायता मिलती है। डार्क चॉकलेट ब्लड फ्लो को बेहतर बनाती है और ब्लड क्लॉट्स जमने से रोकने में हेल्प करती है। डार्क चॉकलेट खाने से आर्टीरियोस्केलेरॉसिस (आर्ट्रीज का कठोर होना) को भी रोकने में मदद मिलती है।

आपके मस्तिष्क को रखती है हेल्दी

डार्क चॉकलेट हार्ट के साथ-साथ मस्तिष्क में भी खून का दौरा बेहतर बनाती है। डार्क चॉकलेट से स्ट्रोक के खतरे को कम करने में सहायता मिलती है और खुशी का अहसास बढ़ता है।  

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ब्लड ग्लूकोस को करती है कंट्रोल

डार्क चॉकलेट आपकी आर्ट्रीज को हेल्दी बनाए रखती है और खून का दौरा सही रहने से टाइप-2 डायबिटीज की आशंका कम हो जाती है। डार्क चॉकलेट के फ्लैवेनॉइड्स कोशिकाओं को सुचारू रूप से काम करने में मदद करते हैं, जिससे शरीर के अपने इन्सुलिन का इस्तेमाल बेहतर होता है। डार्क चॉकलेट का ग्लाइसीमिक इन्डेक्स भी कम होता है यानी इसे खाने से खून में अचानक ग्लूकोस की मात्रा नहीं बढ़ती।

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कैविटी का खतरा कम करती है

डार्क चॉकलेट में थियोब्रोमीन होता है, जो आपके दांतों के इनैमेल को मजबूत बनाता है। यानी अन्य मीठे फूड आइटम्स के जिस तरह से आपके दातों को नुकसान पहुंचाते हैं, उसके उलट डार्क चॉकलेट खाने पर आपको कैविटी होने का खतरा नहीं रहता।