फिट और हेल्दी रहने के लिए एक्सरसाइज करना बहुत जरूरी होती है, इसलिए महिलाओं को अपने रूटीन में एक्सरसाइज को शमिल करना चाहिए। लेकिन महिलाओं के लिए एक्सरसाइज चुनते समय कई बातों को ध्यान में रखना होता है। उनकी संरचना पुरूषों से भिन्न होती है, क्योंकि वह पुरूषों की तुलना में प्रकृति के अधिक निकट होती हैं। पीरियड्स के कारण उनके हार्मोन समयबद्ध तरीके से प्रवाहित होते हैं। महिलाओं के लिए एक्सरसाइज का निर्धारण करते समय उनकी फिटनेस संबंधी आवश्यकताओं पर भी ध्यान दिया जाना चाहिए। पुरूष मसल्स बनाने के लिए एक्सरसाइज करते हैं, जबकि महिलाएं अधिकांशतः लचक और सहनशक्ति बढ़ाने पर ध्यान देती हैं। 

इन सभी बातों को ध्‍यान में रखते हुए नीचे 3 एक्सरसाइज दी गई हैं, जो सभी महिलाओं के लिये जरूरी हैं। इस एक्‍सरसाइज के बारे में हमें ग्‍लोबल लिडिग होलिस्टिक हेल्‍थ गुरू और कॉर्पोरेट लाइफ कोच डॉक्‍टर मिकी मेहता बता रहे हैं।

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चाइल्ड पोज
childs pose for women

चाइल्ड पोज योग की सबसे आसान और जरूरी एक्‍सरसाइज में से एक है। इससे पीठ, हिप्स, थाइस और टखनों में स्ट्रेच आता है और कमर दर्द से राहत मिलती है। इसे करने के लिए मैट पर हाथ और घुटने रखें। फिर मैट की चौड़ाई जितना घुटनों को फैलाएं, पैर के ऊपरी भाग को फ्लोर पर रखें और अंगूठे से छूएं। अपनी नाभि को अपनी थाइस के बीच लाएं और सिर को फ्लोर पर। अपने हाथ ऐसे फैलाएं कि हथेली फ्लोर की ओर रहे या अपने हाथों को थाइस पर रखें और हथेली को ऊपर की ओर।

कोबरा पोज
dynamic cobra pose for women

डायनैमिक कोबरा पोज जिसे आप डॉग पोज के नाम से भी जानते हैं। यह कोबरा पोज पेट की मसल्स में स्ट्रेच लाता है, जबकि डॉग पोज पीठ को मजबूत करता है। यह पोज हार्ट चक्र को खोलता है, आत्मविश्वास और स्थायित्व लाता है। इस एक्सरसाइज से उत्पन्न होने वाला सर्कुलेशन एंडोक्राइन ग्लैंड्स की उच्चतम कार्यात्मकता के लिए उत्कृष्ट है। इसे करने के लिए सबसे पहले पेट के बल लेटें और मैट पर हाथों को चेस्ट के पास रखें। सांस लेते समय चेस्ट को मैट से उठाएं और सिर को पीछे की ओर ले जाते हुए मुड़ें। सांस छोड़ते समय अपने पंजों को दबाएं और बॉडी को उल्टे ‘वी’ के आकार में उठाएं, आपकी एड़ियां और हथेलियां जमीन पर होनी चाहिए। सांस के साथ यह मूवमेन्ट करते रहें।

ब्रिज पोज
dynamic bridge for women

डायनैमिक ब्रिज पोज को वाइंड रिलीज पोज के नाम से भी जानते है। ब्रिज पोज में कमर का निचला हिस्से पर असर पड़ता है और उसे मजबूती मिलती है, जबकि वाइंस रिलीज पोज में आंतरिक अंगों पर असर पड़ता है, और टॉक्सिन बाहर आ जाते हैं, इससे डाइजेशन में भी मदद मिलती है। इस एक्‍सरसाइज को करने के लिए पीठ के बल लेटें, घुटनों को उठाएं और पैरों को फ्लोर पर रखें। सांस लेते समय हिप्‍स को उठाएं और चेस्‍ट को यथासंभव ठोड़ी के पास ले जाएं। सांस छोड़ते समय पीठ को मैट पर लाएं और घुटनों को चेस्‍ट पर, ऐसे कि घुटने सिर से टकराएं। सांस के साथ यह मूवमेंट करते रहें।

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किसी भी एक्‍सरसाइज का सबसे जरूरी हिस्‍सा यह है कि इसे रेगुलर करना चाहिए और साथ ही हेल्‍दी फूड्स लेने चाहिए, जिसमें भरपूर मात्रा में पोषक तत्‍व शामिल हों। खाने और एक्‍सरसाइज करते समय व्यक्ति की मनःस्थिति उसके लक्ष्य की प्राप्ति में बड़ी भूमिका निभाती है।

हम आशा करते हैं कि आपकी हेल्‍थ बनी रहे!!!!