कैट पोज को कई नामों से जाना जाता है, जैसे काउ पोज या मार्जरीआसन। संस्कृत भाषा में इसे बिटिलासन कहा जाता है। यह मुद्रा आपके डेली वर्कआउट रूटीन को शुरू करने के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण मानी जाती है। यह वार्म-अप मुद्रा आपकी रीढ़ की हड्डी के दो कोमल हिस्सों का एक कॉम्बिनेशन है। 

यह योगासन मूलभूत मुद्राओं में से एक है और आसान होने के बावजूद अत्यधिक प्रभावी है। कैट पोज के बारे में और अधिक जानकारी के लिए हमने अक्षर योग के योग गुरु अक्षर जी से बात की।

उन्‍होंने कहना है, ''यह आसन तन और मन के लिए फायदेमंद है क्योंकि यह ध्यान, निपुणता और मानसिक शक्ति में सुधार करता है। इस आसन के साथ अपना योग सेक्‍शन शुरू करना चाहिए। अगर आप पीठ दर्द और तनाव से पीड़ित हैं तो आप राहत पाने के लिए कैट-काउ पोज भी कर सकती हैं।''

कैट-काउ पोज की कला में महारत हासिल करने के लिए योग गुरु अक्षर द्वारा सुझाए गए इन स्‍टेप्‍स को फॉलो करें। साथ ही उससे जुड़े फायदों के बारे में जानें।

कैट-काउ पोज के स्‍टेप्‍स

cat cow pose benefits by expert

स्‍टेप-1

अपने हाथ और घुटनों को फर्श पर रखकर शुरुआत करें। घुटनों को हिप्‍स के नीचे और कलाई को कंधों के नीचे संरेखित करें। अपनी रीढ़ को एक तटस्थ स्थिति में रहने दें और कोर को भी संलग्न करें। ऐसा करते हुए आपकी उंगलियां आगे की ओर होनी चाहिए और पैर नीचे की ओर होने चाहिए और पैर की उंगलियां अंदर की ओर और फर्श पर टिकी हों। गहरी सांस लें और सांस छोड़ें।

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स्‍टेप- 2

सांस छोड़ें और अपने दिमाग को आराम दें। रीढ़ को छत की ओर गोल करें और कल्पना करें कि आप अपनी नाभि को अपनी रीढ़ की ओर स्‍ट्रेच कर रही हैं। अपनी गर्दन को शिथिल रखते हुए, चिन को चेस्‍ट की ओर तानें। यह आपका उर्ध्व मुखी मार्जरी आसन या कैट मुद्रा बन जाता है।

स्‍टेप- 3

सांस भरते हुए, अपनी पीठ को झुकाएं और अपने सिर को टेलबोन के साथ आकाश की ओर ऊपर उठाएं। ऐसा अपनी गर्दन पर दबाव डाले बिना करें। अपनी गर्दन को ऊपर उठाएं और छत की ओर देखें। यह अधो मुखी मार्जरी आसन या काउ मुद्रा है।

स्‍टेप- 4

ऊपर की ओर कैट पोज से डाउनवर्ड कैट पोज़ तक एक निरंतर प्रवाह बनाएं जो आपकी सांस को प्रत्येक गति से जोड़ता है। इसे 8-10 राउंड या जितनी जरूरत हो उतनी सांसों के लिए दोहराएं।

स्‍टेप-5

अपने पेल्विक को अपनी एड़ी पर धीरे से नीचे करें, अपने माथे को जमीन पर रखें और अपनी पीठ को आराम दें।

बिटिलासन या कैट पोज करने के फायदे

cat cow pose

तनाव करता है मुक्त

कैट/काउ की मूवमेंट्स, जो आपकी सांसों के साथ तालमेल बिठाती हैं। जब आप इसे करते हैं, तो आपके पेट, हिप्‍स, लंग्‍स और चेस्‍ट को स्‍ट्रेच आता है। यह उन अंगों में किसी भी तरह के तनाव को कम करता है और किसी भी प्रकार के संयम को मुक्त करता है।

बढ़ाता है फ्लेक्सिबिलिटी

कैट पोज शुरुआती लोगों के लिए बेसिक पोज में से एक है। यदि आप योग का अभ्यास शुरू करने की प्‍लानिंग बना रहे हैं, तो आप इस मुद्रा से अपनी योग जर्नी शुरू कर सकती हैं। यह आपकी मसल्‍स के फ्लेक्सिबिलिटी में सुधार करता है और आपको मुश्किल पोज में आगे बढ़ने में सक्षम बनाता है। हालांकि, यह करने के लिए एक अपेक्षाकृत आसान मुद्रा है, सेक्‍शन के लिए आपके शरीर को धीरे से गर्म करने के लिए कैट/काऊ मुद्रा बहुत प्रभावी है।

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मालिश और पेट के अंगों को करता है उत्तेजित

इस आसान योग मुद्रा के दौरान पेट के विस्तृत अंगों जैसे किडनी और एड्रेनल ग्लैंड्स की आंतरिक रूप से मसाज की जाती है। यह उन्हें सबसे अच्छे तरीके से उत्तेजित और मजबूत करता है।

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रीढ़ की ताकत में करता है सुधार

कैट पोज मुद्रा आपकी रीढ़ में ब्‍लड फ्लो में सुधार करके और इसे मजबूत करके गर्दन और ऊपरी पीठ के तनाव को दूर करती है।

पीरियड्स पेन से प्रदान करता है राहत

पीरियड्स पेन जैसी समस्याओं से छुटकारा पाने के लिए योग बेहद फायदेमंद है। मार्जरीयासन या बिटिलासन पीरियड्स में ऐंठन और दर्द से राहत के लिए बहुत अच्छा है। "हालांकि, यदि आप गर्भवती हैं, तो कैट/काऊ मुद्रा करते समय पेट में जबरदस्त संकुचन से बचें," योग गुरु अक्षर ने सिफारिश की। लेकिन, यह प्रसवपूर्व योग का भी एक हिस्सा है क्योंकि यह महिलाओं में रिप्रोडक्टिव अंगों को टोन करता है।

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