माना जाता है कि महिलाओं की बॉडी बहुत नाजुक होती है, इसलिए उन्‍हें हैवी एक्‍सरसाइज करने से बचना चाहिए। लेकिन ऐसा नही है महिलाओं को भी स्‍ट्रेंथ ट्रेनिंग करनी चाहिए। परेशान मत हो हम यहां आपको हैवी एक्‍सरसाइज करके बॉडी-बिल्‍डर बनने के लिए नहीं कह रहे हैं बल्कि वेट लिफ्टिंग के फायदों के बारे में बता रहे हैं। जी हां स्‍ट्रेंथ ट्रेनिंग महिलाओं के लिए बेहद फायदेमंद होती है। इससे आप अपना वेट लॉस करने के साथ-साथ हड्डियों को मजबूत बना सकती हैं।

हालांकि कई फिटनेस प्रोग्राम महिलाओं के लिए वजन घटाने के लिए कार्डियो पर जोर देते हैं लेकिन रेजिस्टेंस/ स्‍ट्रेंथ ट्रेनिंग (उर्फ वेटलिफ्टिंग) महिलाओं की पूरी हेल्‍थ के लिए बहुत अच्‍छा होता है। लंबे समय तक आपको फिट रखने के लिए स्‍ट्रेंथ ट्रेनिंग जरूरी है। क्योंकि इससे मिलने वाले कुछ बेनिफिट्स आपको अन्‍य एक्‍सरसाइज से नहीं मिल सकते हैं। एक्‍सपर्ट महिलाओं को कार्डियो और स्‍ट्रेंथ ट्रेनिंग दोनों में रेगुलर करने की सलाह देते हैं। जी हां स्‍ट्रेंथ ट्रेनिंग को अक्सर पुरुषों की फिटनेस के रूप में जाना जाता है, लेकिन महिलाओं के लिए भी इसके अविश्वसनीय फायदे हैं!

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strength training for women

इस बारे में अधिक जानकारी के लिए कि स्‍ट्रेंथ ट्रेनिंग महिलाओं के लिए कैसे फायदेमंद हैं, हर जिंदगी ने Sports education develoment Australia certified के ट्रेनर सुनील से बात कि तब उन्‍होंने हमें बताया, महिलाओं को लगता हैं कि अगर वह स्‍ट्रेंथ ट्रेनिंग करेंगी तो पुरुषों की तरह उनकी बॉडी बन जायेगी। लेकिन ऐसा बिल्‍कुल भी नहीं है, पुरुषों में ऐसा इसलिए होता है क्‍योंकि महिलाओं के मुकाबले पुरुषों में टेस्‍टोस्‍टेरोन का लेवल अधिक होता है जिससे स्‍ट्रेंथ ट्रेनिंग से उनकी मसल्‍स ज्यादा बनती है लेकिन जब महिलाएं स्‍ट्रेंथ ट्रेनिंग करती हैं तो उनके एब्स टोन होते हैं और बट आकर्षक दिखते हैं।'



ट्रेनर सुनील का यह भी कहना हैं कि कार्डियो करते समय उसी दौरान कैलोरी बर्न होती हैं, बाद में नहीं। लेकिन अगर आप स्‍ट्रेंथ ट्रेनिंग करती हैं तो इसके बाद भी 72 घंटे तक आपकी कैलोरी बर्न होती रहती हैं। मान लीजिए अगर आप कार्डियो एक सेक्‍शन के दौरान 400 कैलोरी बर्न करती हैं। यह कैलोरी उसी दौरान बर्न होती हैं जबकि कार्डियो ना करने के दौरान कैलोरी बर्न नहीं होती। लेकिन स्‍ट्रेंथ ट्रेनिंग के बाद 72 घंटे तक बर्न होती रहती हैं। इसे 'आफ्टर बर्न इफेक्‍ट' कहते हैं।

 
 
 
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वेट लॉस में मददगार 

स्‍ट्रेंथ ट्रेनिंग तेजी से वजन घटाने का बेहतर विकल्प है। इससे आपकी बॉडी का एक्‍स्‍ट्रा फैट तेजी से बर्न हो जाता है। जी हां आम धारणा के विपरीत, स्ट्रेंथ ट्रेनिंग वेट लॉस में हेल्‍प करती है। कार्डियो की तरह, स्ट्रेंथ ट्रेनिंग से कैलोरी बर्न होती है, जो आपको कैलोरी की कमी को पूरा करने में हेल्‍प कर सकती है। स्ट्रेंथ ट्रेनिंग से एक्‍स्‍ट्रा ऑक्सीजन की खपत (EPOC) भी बढ़ जाती है, जो तब होती है जब एक्‍सरसाइज के बाद घंटों तक बॉडी  में एक्‍स्‍ट्रा कैलोरी बर्न होती रहती है।

हड्डियों और मसल्‍स होती है मजबूत 

स्ट्रेंथ ट्रेनिंग करने से बॉडी को एक्‍स्‍ट्रा कैलोरी की जरूरत होती है जिससे मसल्‍स की कमजोरी दूर होती है और वे अधिक मजबूत होती हैं। यानि आप जितनी अधिक कैलोरी की खपत करेंगे मसल्‍स उतनी ही अधिक मजबूत होंगी, इसके लिए स्ट्रेंथ ट्रेनिंग करें। इसके अलावा बढ़ती उम्र के साथ, विशेष रूप से मेनोपॉज के बाद महिलाओं की हड्डियों का घनत्‍व कम होने लगता है। वेट-ट्रेनिंग एक्‍सरसाइज हड्डियों पर प्रेशर डालती है - बहुत अधिक स्‍ट्रेस नहीं, जो हड्डी को मजबूत करने के लिए पर्याप्त है। यह ऑस्टियोपोरोसिस को रोकता है, जो महिलाओं को विशेष रूप से ऑस्टियोपोरोसिस होने का खतरा होता है, इसलिए उम्र बढ़ने वाली महिलाओं के लिए स्ट्रेंथ ट्रेनिंग और भी जरूरी है।

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अन्‍य फायदे

  • अच्छी नींद कई बीमारियों को दूर करती है। अच्छी नींद अगर आप लेना चाहती हैं तो वेट लिफ्टिंग करें। स्पोर्टमेड नाम अंतर्राष्ट्रीय पत्रिका में छपे शोध की मानें तो स्ट्रेंथ ट्रेनिंग से अच्छी और सुकूनभरी नींद आती है। बेहतर नींद आपकी पूरी हेल्‍थ के लिए बेहद जरूरी होती है।
  • अगर आपको दिनभर आलस आता है तो स्ट्रेंथ ट्रेनिंग करें। सुबह के वक्त वेट लिफ्टिंग करने से बॉडी अधिक एक्टिव हो जाता है। इससे दिन में भी आलस नहीं आयेगा और आप ऊर्जावान महसूस करेंगी। जी हां एक्‍सरसाइज करने से बॉडी से एंडोर्फिन रिलीज़ होता है, जो मूड और एनर्जी को बढ़ाता है। हालांकि, कार्डियोवैस्‍कुलर एक्‍सरसाइज ज्‍यादा देर करने से बॉडी का एनर्जी का भंडार ख़त्म हो सकता हैं। लेकिन स्‍ट्रेथ ट्रेनिंग को 30 से 60 मिनट में पूरा किया जा सकता है, जो आपको दिनभर में ज्‍यादा एनर्जी मिलती है।
  • मेयो क्लिनिक के अनुसार, हार्ट डिजीज महिलाओं की मृत्यु का प्रमुख कारण है। रेगुलर एक्‍सरसाइज करने से महिलाओं में हार्ट डिजीज के खतरे को कम किया जा सकता है। मेयो क्लिनिक हार्ट हेल्‍थ में सुधार के लिए हर हफ्ते कम से कम दो दिन स्‍ट्रेथ ट्रेनिंग करने की सलाह देता है।

इसके अलावा स्‍ट्रेंथ ट्रेनिंग करने से आपका तनाव भी दूर होता है। इसलिए महिलाओं को भी अपने फिटनेस रुटीन में स्‍ट्रेंथ ट्रेनिंग को शामिल करना चाहिए। लेकिन स्‍ट्रेंथ ट्रेनिंग की शुरुआत किसी एक्‍सपर्ट की सलाह या निगरानी में करनी चाहिए। और शुरुआत धीमे-धीमे ही करनी चाहिए। जी हां एक नया वर्कआउट प्लान आपके लिए रोमांचक हो सकता है, लेकिन स्ट्रेंथ ट्रेनिंग से मसल्‍स और जोड़ों पर प्रेशर पड़ता है। बहुत ज्‍यादा करने से थकान, चोट या रूचि की कमी हो सकती है। इसलिए हर हफ्ते दो स्‍ट्रेंथ ट्रेनिंग से शुरुआत करें और जैसे-जैसे आप सहज महसूस करें, इसे बढ़ा सकती हैं।