खाना बनाने और खाने को लेकर हम कई सारी सावधानियां फॉलो करते हैं। ऑर्गेनिक इंग्रीडियंट्स से लेकर कोल्ड प्रेस्ड ऑयल तक न जाने हमारे किचन में किस तरह की चीज़ें होती हैं। पर क्या आपने कभी सोचा है कि जब हम इंग्रीडियंट्स, रेसिपी आदि का इतना ध्यान रखते हैं तो हमें इस बात का ध्यान भी रखना चाहिए कि आखिर किस तरह के तेल से हम कैसी डिश बनाएं। यहां सिर्फ स्वाद की बात नहीं हो रही है बल्कि यहां पर हम न्यूट्रिशन और तेल के अन्य इस्तेमाल की बात भी कर रहे हैं। 

अगर आपके किचन में भी बहुत से तेल हैं और आप उन सभी का इस्तेमाल करती हैं तो चलिए आपको ये बताते हैं कि आखिर किस तरह के तेल से कैसा खाना बनाना सही होगा। दरअसल, Food Safety and Standards Authority of India (FSSAI) ने अपने आधिकारिक ट्विटर हैंडल पर ये जानकारी शेयर की है कि आखिर किस तरह के तेल के कैसे फायदे होते हैं और किस तरह से उसे खाने में इस्तेमाल करना चाहिए। 

1. सोयाबीन का तेल-

सोयाबीन का तेल अक्सर घरों में इस्तेमाल होता है और उसे हम किसी अन्य काम में भी यूज कर सकते हैं। 

cok oil

सोयाबीन का तेल कैसे इस्तेमाल करें-

फ्राई और बेक करने के लिए सोयाबीन का तेल सबसे बेस्ट है। 

फायदे-

ये PUFA (Polyunsaturated fatty acids) में भरपूर होता है, कोलेस्ट्रॉल कम होता है, कोरोनरी हार्ट डिजीजेस के खतरे को कम करता है और हड्डियों को बेहतर बनाता है। 

सोयाबीन का तेल डीप फ्राइंग के लिए भी बेस्ट हो सकता है। 

 

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2. तिल का तेल-

तिल का तेल अक्सर खाने के लिए नहीं बल्कि अपनी सुंदरता के लिए इस्तेमाल किया जाता है। लेकिन इसे अपनी डाइट में शामिल करने के भी कई फायदे हो सकते हैं। 

कैसे करें तिल के तेल का इस्तेमाल-

इसे ड्रेसिंग्स, सॉस और फ्लेवर बढ़ाने के लिए इस्तेमाल करें। अगर सलाद खाते हैं तो सलाद की ड्रेसिंग के तौर पर तिल का तेल बेस्ट हो सकता है।  

तिल के तेल के फायदे- 

तिल का तेल एंटीऑक्सिडेंट्स से भरपूर होता है और ये हाइपरटेंशन की समस्या को कम करने और इम्यूनिटी बढ़ाने के काम में आ सकता है। तिल का तेल बहुत ही ज्यादा फायदेमंद होता है और इससे कई ब्यूटी बेनेफिट्स भी मिलते हैं।  

तिल के तेल को अपने किचन का हिस्सा जरूर बनाना चाहिए।  

3. मूंगफली का तेल-

मूंगफली का तेल अक्सर व्रत और उपवास के खाने के लिए इस्तेमाल किया जाता है और इसे हम डीप फ्राइंग के लिए भी अपने घर में रखते हैं। इसे सोयाबीन के तेल से ज्यादा शुद्ध माना जाता है।  

कैसे करें मूंगफली के तेल का इस्तेमाल- 

इसे कुछ सब्जियों को शैलो फ्राई करने, ग्रिल करने या फिर डीप-फ्राई करने के लिए इस्तेमाल किया जा सकता है। ये उपवास के खाने में भी अच्छी तरह से इस्तेमाल होता है।  

क्या हैं मूंगफली के तेल के फायदे- 

ये कोलेस्ट्रॉल कम करने में मदद करता है और इससे विटामिन E भी मिलता है। इसमें कई एंटीऑक्सिडेंट प्रॉपर्टीज होती हैं और इससे दिल की बीमारी का खतरा भी कम होता है।  

मूंगफली के तेल को आप उपवास आदि का खाना बनाने के लिए भी इस्तेमाल कर सकती हैं और इससे आपको फायदा होगा।  

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4. सरसों का तेल- 

खाना खाने के लिए सबसे ज्यादा इस्तेमाल किया जाने वाला तेल सरसों का तेल ही होता है। नॉर्थ इंडिया में इसे बहुत ज्यादा इस्तेमाल किया जाता है।  

कैसे करें सरसों के तेल का इस्तेमाल- 

इससे डीप फ्राई किया जा सकता है। सब्जियों को पकाया जा सकता है। अचार बनाने के लिए सरसों का तेल ही उपयुक्त माना जाता है। इसके साथ ही करी और ग्रेवी वाली सब्जियों के लिए भी ये तेल परफेक्ट होता है।  

क्या हैं सरसों के तेल के फायदे- 

इससे पाचन शक्ति बेहतर होती है। इसमें एंटीबायोटिक प्रॉपर्टीज होती हैं। इससे इम्यून सिस्टम अच्छा होता है और दिल की सेहत के लिए ये बहुत अच्छा माना जाता है।  

5. बिनौला तेल (कॉटनसीड ऑयल)-

ये तेल शायद लोग ज्यादा इस्तेमाल नहीं करते हैं, लेकिन ऐसा नहीं है कि इसे इस्तेमाल करने वालों की संख्या कम है। ये बेकिंग और सलाद आदि के लिए बहुत अच्छा साबित हो सकता है।  

कैसे करें बिनौला तेल का इस्तेमाल- 

ये डीप फ्राइंग और बेकिंग और सलाद आदि के लिए इस्तेमाल हो सकता है।  

क्या हैं बिनौला तेल के फायदे- 

बिनौला तेल एंटीऑक्सिडेंट्स से भरपूर होता है। ये ओमेगा-6 फैटी एसिड से भरपूर होता है और साथ ही साथ ये दिल की सेहत के लिए अच्छा है।  

6. धान की भूसी का तेल (राइज ब्रान ऑयल)-

अक्सर गांव आदि में इस तेल का इस्तेमाल किया जाता है जो कोलेस्ट्रॉल जैसी समस्या को हल करने के लिए बहुत अच्छा माना जाता है।  

कैसे करना है धान की भूसी का इस्तेमाल- 

इसे कुकिंग ऑयल और फ्राइंग के लिए अच्छी तरह से इस्तेमाल करना चाहिए।  

क्या हैं धान की भूसी के तेल के फायदे? 

ये तेल कोलेस्ट्रॉल की समस्या को कम करने में मदद करता है। इसी के साथ, ये एंटीऑक्सिडेंट प्रॉपर्टीज के साथ आता है। इससे इम्यूनिटी भी बढ़ती है और ये दिल की सेहत के लिए अच्छा माना जाता है।  

इन सभी तरह के तेलों का इस्तेमाल बेहतर तरीके से किया जा सकता है और साथ ही साथ आपको ये भी ध्यान रखना चाहिए कि इन तेलों को सीमित मात्रा में ही इस्तेमाल करें।  

अगर आपको कोई बीमारी है, किसी तरह की दवा चल रही है या पेट संबंधित कोई समस्या है तो अपने डॉक्टर से सलाह लेने के बाद ही आप अपना तेल बदलें। अगर आपको ये स्टोरी अच्छी लगी तो इसे शेयर जरूर करें। ऐसी ही अन्य स्टोरी पढ़ने के लिए जुड़े रहें हरजिंदगी से।