बाजरा का इस्तेमाल कई तरह से स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद है। खासतौर पर, सर्दियों के मौसम में बाजरा का इस्तेमाल शरीर को गर्म रखने के साथ सेहतमंद बनाए रखता है। जहां एक तरफ बाजरे का आटा मधुमेह नियंत्रण में सहायक होता है, वहीं बाजरे से बनाया गया दलिया पाचन को सुचारु रखता है। आइये जानें किन कारणों से सर्दियों के मौसम में बाजरा को अपने आहार में जरूर शामिल करना चाहिए और क्या हैं इसके फायदे। 

  • फाइबर तत्वों से भरपूर 
  • दिल को स्वस्थ रखे
  • कोलेस्ट्रॉल को नियंत्रित रखे 
  • मधुमेह नियंत्रण करे 
  • पाचन में सुधार करे 
  • विषाक्त पदार्थों को बाहर निकाले 
  • वजन नियंत्रित करे 

फाइबर तत्वों से भरपूर 

bajra diet

सर्दियों के मौसम में पाचन क्रिया थोड़ी सुस्त हो जाती है, इसलिए फाइबर तत्वों से भरपूर बाजरा का सेवन पेट संबंधी कई समस्याओं से छुटकारा दिलाता है। यह कब्ज की समस्या से निजात दिलाकर भोजन को पचाने में मदद करता है। 

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कोलेस्ट्रॉल को नियंत्रित रखे 

बाजरे में मौजूद फाइबर तत्व कोलेस्ट्रॉल को कम करने में मदद करते हैं। फाइबर वास्तव में शरीर से बैड कोलेस्ट्रॉल को समाप्त करता है और गुड कोलेस्ट्रॉल के प्रभाव को बढ़ाता है जिससे शरीर स्वस्थ रहता है। 

दिल को स्वस्थ रखे

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बाजरा मैग्नीशियम से भरपूर होता है, जो दिल को स्वस्थ रखने में मदद करता है। इसमें पोटेशियम तत्व भी मौजूद होते हैं, जो रक्त वाहिकाओं को पतला करते हैं। जिससे शरीर में रक्त अधिक आसानी से प्रवाहित होता है। यह समग्र रक्तचाप को कम करने में मदद करता है। बाजरा में मौजूद मैग्नीशियम तत्व ,रक्तचाप और दिल के दौरे के खतरे को कम करने में मदद करते हैं।  

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मधुमेह नियंत्रण करे 

बाजरे के आटे का इस्तेमाल मधुमेह जैसी बीमारी को कम करने में मदद करता है। बाजरे में मैग्नीशियम तत्व पाए जाते हैं जो टाइप 2 मधुमेह को कम करने में मदद करते हैं। मैग्नीशियम एक ऐसा महत्वपूर्ण मिनरल है जो शरीर में इंसुलिन और ग्लूकोज़ की क्षमता बढ़ाने में मदद करता है। डायबिटीज के मरीजों को भरपूर मात्रा में मैग्नीशियम युक्त आहार लेने चाहिए। इसलिए सर्दियों में बाजरे के आटे से बनी रोटी मधुमेह रोगियों के लिए बेहद लाभप्रद है। 

पाचन में सुधार करे 

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बाजरा में मौजूद भरपूर फाइबर तत्व, जठरांत्र प्रणाली को स्थानांतरित करने में मदद करते हैं और कब्ज, गैस, पेट फूलना जैसी कई समस्याओं से निजात दिलाने में भी मदद करते हैं।  पाचन क्रिया को नियंत्रित करने से शरीर में पोषक तत्वों को बनाए रखने में भी सुधार होता है।   

विषाक्त पदार्थों को बाहर निकाले 

बाजरे में पाए जाने वाले एंटीऑक्सीडेंट तत्व शरीर से, खास तौर पर लिवर और किडनी से विषाक्त पदार्थों को निकालने में मदद करते हैं। बाजरे में मौजूद एंटीऑक्सीडेंट पाचन क्रिया को स्वस्थ रखते हैं और यह मल के साथ शरीर की गंदगी को बाहर निकालकर शरीर को विषाक्त पदार्थों से मुक्त करने में भी मदद करते हैं। शरीर से विषाक्त पदार्थों के निकलने से लिवर और किडनी स्वस्थ रहते हैं तथा इम्यून सिस्टम भी स्ट्रांग होता है। इसलिए खासतौर पर बाजरा का इस्तेमाल किसी न किसी रूप में ठण्ड के मौसम में जरूर करें। 

वजन नियंत्रित करे 

bajra in diet

बाजरे में प्रोफेन तत्व मौजूद होता है जो एक अमीनो एसिड है। यह अधिक भूख लगने की समस्या को कम करता है। कम भूख लगने की वजह से अनियंत्रित वजन को कंट्रोल किया जा सकता है। बाजरा से बनाया गया कोई भी व्यंजन बहुत देर तक पेट को भरा हुआ रखता है, जिससे भूख नहीं लगती है। इसमें मौजूद फाइबर वजन को नियंत्रित रखने के लिए कारगर है। 

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सर्दियों में बाजरा का इस्तेमाल किसी भी रूप में आपके लिए स्वास्थ्य के लिए लाभप्रद है, लेकिन यदि आपको स्वास्थ्य सम्बन्धी कोई अन्य समस्या है, तो इसके इस्तेमाल से पहले विशेषज्ञ की सलाह अवश्य लें। 

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Image Credit: free pik