मसाला डोसा, रवा या मैसूर डोसा, जानें तीनों में क्या है अंतर

डोसा के दिवाने सिर्फ भारत में ही नहीं बल्कि दुनियाभर में हैं। हालांकि यह डिश साउथ इंडिया की सबसे पॉपुलर डिशेज में से एक हैं। इसे बनाने के लिए चावल और काली दाल का बैटर तैयार किया जाता है। दरअसल साउथ इंडिया में चावल की पैदावार अधिक है, यही वजह कि लोग अपने दिन के भोजन में इसे जरूर शामिल करते हैं। इसके अलावा यहां चावल के तरह-तरह व्यंजन बनाए जाते हैं, इनमें डोसा सबसे ज्यादा पॉपुलर है। आपको बता दें कि डोसा दुनिया के टॉप 50 सबसे टेस्टी फूड में से एक है।
डोसा बनाने की क्रिएटिविटी और स्वाद की वजह से यह टॉप 10 टेस्टी फूड में भी शामिल हैं। भारत में डोसा के कई वैरायटी हैं, जो अलग-अलग क्षेत्रों में काफी पॉपुलर हैं। यही नहीं सिर्फ साउथ इंडिया में ही डोसा के कई वैरायटी उपलब्ध हैं, जिसे लोग काफी पसंद करते हैं। वहीं बात करें देशभर की तो यहां तीन तरह के डोसा अधिक पसंद किए जाते हैं,इसमें मसाला डोसा, रवा डोसा और मैसूर डोसा शामिल है। हालांकि ये तीनों डोसा एक दूसरे से काफी अलग हैं। इनके बीच का अंतर हैं आप आसानी से जान सकते हैं।
क्या है अंतर

- मसाला डोसा उरद दाल और चावल के बने बैटर से तैयार किया जाता है, जिसमें आलू और प्याज से बना मसाला स्टफ किया जाता है।
- रवा मसाला डोसा को भी कुछ इसी तरह बनाया जाता है, लेकिन इसमें रवा यानी सूजी को मिक्स कर बैटर तैयार किया जाता है। कभी-कभी रवा डोसा में कुछ बदलाव किए जाते हैं, जिसमें प्याज-हरी मिर्च का मिश्रण भी शामिल किया जाता है।
- वहीं बात करें मैसूर मसाला डोसा की तो इसका भी बैटर बिल्कुल मसाला डोसा की तरह ही तैयार किया जाता है, लेकिन इसे बनाते समय प्याज, लाल मिर्च और टमाटर का पेस्ट लगाते हैं। साथ ही स्टफिंग के लिए ताजा नारियल का भी इस्तेमाल किया जाता है। जिन लोगों को मसाले पसंद होते हैं वह अक्सर मैसूर डोसा ऑर्डर करते हैं।
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रवा मसाला डोसा

रवा मसाला डोसा का बैटर अन्य डोसा की तुलना में काफी अलग होता है। यह खास तौर पर सूजी से बनाया जाता है, जिसे अलग क्षेत्रों में दूसरे नामों से जाना जाता है। जिसे फर्मेंटेशन करने की जरूरत नहीं होती है। अगर आप टिफिन में ले जाना चाहती हैं तो इसे झटपट तैयार किया जा सकता है। बनाने का तरीका और इसका टेस्ट दोनों ही अन्य डोसा की तुलना में अलग है। इसके अलावा इसमें इस्तेमाल होने वाले इंग्रेडिएंट्स भी अलग होते हैं। क्रिस्पी क्रंची स्वाद होने की वजह से ज्यादातर लोग इस डोसा की डिमांड करते हैं।
मैसूर मसाला डोसा

मैसूर डोसा अन्य साउथ इंडियन डोसा से काफी अलग है। अन्य क्षेत्रों में इसे थोड़ा क्रंची और पतला बनाया जाता है। वहीं टेस्ट की बात करें तो इसमें आलू का मसाला स्टफ करने से पहले अंदर गाढ़ा लहसुन-लाल मिर्च की चटनी डाली जाती है। इसके अलावा भाजी और डोसा के बीच मक्खन का एक टुकड़ा भी शामिल किया जाता है। जब डोसा बनकर तैयार हो जाता है तो इसे नारियल की चटनी के साथ सर्व किया जाता है। स्पाइसी खाने वाले लोग मैसूर मसाला डोसा को खूब पसंद करते हैं।
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मसाला डोसा

रवा और मैसूर की तुलना में मसाला डोसा को बनाना सबसे आसान है और इसे सिंपल तरीका अपनाया जाता है। इसके अलावा जिन लोगों को ऑयल और मसाले से परहेज है वह इसे खूब खाते हैं। खास बात है कि इसका बैटर बनाने के लिए उरद दाल और चावल का इस्तेमाल किया जाता है। वहीं स्टफिंग आलू और प्याज से तैयार किया जाता है। यही नहीं ज्यादातर लोग ब्रेकफास्ट में मसाला डोसा खाते हैं, क्योंकि यह हेल्दी होने के साथ-साथ झटपट बनाया जा सकता है।
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