दालचीनी को हर घर में मसाले के रूप में इस्तेमाल किया जाता है। यह Cinnamomum genus के पेड़ की छाल से मिलने वाला एक मसाला है। यह मुख्य रूप एरोमेटिक होता है और इसलिए यह चाय से लेकर कई तरह के नमकीन व मीठे व्यंजनों के स्वाद व महक को बेहतर बनाने में मददगार है। यह एक बेहद ही वर्सेटाइल इंग्रीडिएंट है जो किसी भी डिश में एक अद्वितीय स्वाद जोड़ता है। दालचीनी जहां स्वाद में बेमिसाल है, वहीं इसके औषधीय गुणों को भी नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। दालचीनी एंटीऑक्सिडेंट में समृद्ध है, इसमें एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण होते हैं, हृदय रोग के जोखिम को कम करता है, रक्त शर्करा के स्तर को कम करता है और बैक्टीरिया के संक्रमण से लड़ने में मदद करता है। आप भी अपने घर में दालचीनी का इस्तेमाल जरूर करती होंगी। लेकिन क्या आप जानती हैं कि सिर्फ भारत में ही नहीं, बल्कि पूरी दुनिया में कई अलग वैरायटीज की दालचीनी मिलती है, जिसके बारे में आपको शायद ही पता हो। लेकिन आज हम आपको दालचीनी की अलग-अलग वैरायटी के बारे में बता रहे हैं-

चीनी दालचीनी

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चीनी दालचीनी की उत्पत्ति दक्षिणी चीन में होती है, और दक्षिण और दक्षिण पूर्व एशिया में व्यापक रूप से वहाँ खेती की जाती है। चीनी दालचीनी का स्वाद कम डेलिकेट होता है और इसकी छाल अधिक थिक होती है, जिसे कुचलने में अधिक मुश्किल होती है, और इसकी बनावट खुरदरी होती है। कैसिया या दालचीनी की कलियों का उपयोग मसाले के रूप में भी किया जाता है, विशेष रूप से भारत में, और कभी प्राचीन रोमन द्वारा उपयोग किया जाता था।

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कोरंटजे दालचीनी या इंडोनेशियाई दालचीनी

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कोरिंटजे दालचीनी वास्तव में इंडोनेशियाई दालचीनी है। इंडोनेशिया दुनिया में सबसे अधिक दालचीनी का उत्पादन करता है, विशेष रूप से सुमात्रा के द्वीप पर जहां केरिजेन का पश्चिमी क्षेत्र उत्पादन का केंद्र है। जिसे इंटरनेशनल डिश्ेज में जरूर शामिल किया जाता है। इसका उपयोग केक, कुकीज़, पाई, चटनी, करी, सूप, सॉस या चाय जैसे व्यंजनों में किया जाता है। छाल का चटपटा स्वाद गर्म दालचीनी कैंडी की याद दिलाता है और कई मीठे बेकिंग व्यंजनों में लोकप्रिय है।

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सीलोन दालचीनी

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सीलोन दालचीनी का उत्पादन श्रीलंका में होता है और यह रेतीली मिट्टी में सबसे अच्छी होती है। यह वास्तव में पेड़ की एक पतली छाल होती है। सीलोन दालचीनी का सबसे बड़ा फायदा यह होता है कि इसमें Coumarin का लेवल अल्ट्रा-लो होता है। Coumarin लेवल के अधिक होने से लिवर के फेल होने की संभावना काफी बढ़ जाती है। इसलिए अगर आप रोजाना दालचीनी का सेवन करती हैं तो ऐसे में सीलोन दालचीनी का सेवन करना एक अच्छा विकल्प हो सकता है।

साइगॉन दालचीनी या वियतनामी दालचीनी

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यह दालचीनी की ऐसी किस्म है, जिसकी सुंगध और स्वाद आपके टेस्ट बड पर एक अमिट छाप छोड़ती है। साइगॉन दालचीनी वियतनाम के केंद्रीय पहाड़ी जंगलों में सबसे अच्छा बढ़ता है। उच्चतम गुणवत्ता की छाल क्विंग एनगई प्रांत से निकलती है, जहां इसे वसंत में काटा जाता है। यह कैसिया दालचीनी या चीनी दालचीनी की तुलना में थोड़ा अधिक महंगी होती है।

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Image Credit: freepik