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इन food myths पर अब बिल्कुल भी न करें भरोसा

हम अक्सर कुछ फूड मिथ्स के बारे में सुनते आए हैं और उन पर बिना सच जानें भरोसा भी कर लेते हैं। लेकिन अब आपको इन पर विश्वास नहीं करना चाहिए।
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  • Mitali Jain
  • Editorial
Published -09 Mar 2020, 12:56 ISTUpdated -25 Jun 2021, 17:56 IST
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coomon food myths you should not believe

भोजन को लेकर अधिकतर लोगों की यह धारणा होती है कि वह मात्र पेट भरने के लिए होता है। क्या आप भी ऐसा ही सोचती हैं। तो हम आपको बता दें कि ऐसा बिल्कुल नहीं है। भोजन इससे अधिक फायदा आपको पहुंचाता है। यह शरीर में आवश्यक पोषक तत्वों की पूर्ति करता है। सभी फूड-ग्रुप्स आहार में शामिल करने से आपको आपके शरीर के हिसाब से जरूरी तत्व मिल जाते हैं। वहीं, अलग-अलग संस्कृति में भोजन को लेकर लोगों की अलग-अलग पसंद व सोच होती है। साथ ही खाने को लेकर उनकी अपनी मान्यताएं होती है। यह खाने की विविधता ही है कि पंजाब में जहां लोगों को राजमा चावल खाना अच्छा लगता है, वहीं साउथ इंडियन लोग इडली और ढोसे के दीवाने होते हैं।

जिस तरह अलग-अलग प्रांत में लोगों को लेकर खाने की अलग पसंद होती है, ठीक उसी तरह लोग कई तरह के फूड मिथ को सच मानते हैं। हो सकता है कि आपने भी बचपन में सुना हो कि खट्टे फल खाने से आपकी ठंड बढ़ सकती है या फिर बहुत अधिक प्रोटीन किडनी को नुकसान पहुंचा सकता है और केले से वजन बढ़ सकता है। हम सभी बचपन में ऐसे फूड मिथ के बारे में सुनते हैं और उस पर आंख मूंदकर भरोसा करते हैं। हालांकि यह जरूरी है कि आप किसी भी बात पर भरोसा करने से पहले उसकी सच्चाई के बारे में जानें। तो चलिए आज हम आपको कुछ ऐसे ही फूड मिथ्स के बारे में बता रहे हैं, जिन पर आपको भरोसा कर देना छोड़ देना चाहिए-

मसालेदार भोजन से होगा अल्सर

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आमतौर पर महिलाओं की यह धारणा होती है कि मसालेदार भोजन से अल्सर की समस्या होती है। लेकिन विभिन्न शोधों के अनुसार, पेट के अल्सर के पीछे का असली कारण बैक्टीरिया हेलिओबैक्टीर पाइलोरी होता है। जबकि, मिर्च में कैपसाइसिन नामक एक्टिव कपाउंड पाया जाता है, तो पेट में स्राव को उत्तेजित कर सकता है और पेट के एसिड को कम कर सकता है।

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भूखे रहने से घटेगा वजन

यह तो हम सभी जानते हैं कि खाने और वजन का आपस में गहरा नाता है। इसलिए जब भी वजन कम करने की बात होती है तो लड़कियां अपना एक वक्त का भोजन छोड़ देती हैं या फिर भूखा रहना शुरू कर देती हैं। उन्हें लगता है कि इससे उनका वजन तेजी से घटेगा। हालांकि यह पूरी तरह मिथ है। भूखे रहने से एनर्जी कम हो जाती है और इसलिए शरीर  conservation mode में चला जाता है, जिससे कैलोरी धीरे-धीरे जलती है। ऐसा करने से शुरूआत में आप भले ही अपना वजन कम करें, लेकिन वास्तव में आप muscle mass खो रही हैं, जो बिल्कुल भी ठीक नहीं है।

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पपीते से होगा मिसकैरिज

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यह एक ऐसा फूड मिथ है, जिसे हर विवाहित महिला ने कभी ना कभी सुना है। दरअसल, कच्चे व अधपके पपीते में लेटेक्स नामक एक एंजाइम होता है और  विभिन्न शोधों के अनुसार लेटेक्स गर्भाशय के संकुचन को जन्म दे सकता है, जिससे लेबर पेन जल्दी हो सकता है। लेकिन इसके लिए भी आपको पपीते को काफी मात्रा में खाना होगा। हालांकि, फिर भी एहतियातन गर्भावस्था में पपीता खाने से बचने की सलाह दी जाती है।

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पोषक तत्वों को नष्ट करेगा माइक्रोवेव

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ऐसा कहा जाता है कि माइक्रोवेव खाने के पोषक तत्व को नष्ट करता है, इसलिए खाने को माइक्रोवेव में नहीं पकाना चाहिए। हालांकि सच्चाई यह है कि माइक्रोवेविंग को खाना पकाने के अन्य तरीकों की तुलना में कम गर्मी और समय की आवश्यकता होती है। यह खाद्य पदार्थों की पोषण सामग्री को संरक्षित करने का सबसे अच्छा तरीका है। बस आपको एक बात का ध्यान रखना होगा कि आप अपने भोजन को अत्यधिक उच्च तापमान में ना पकाएं।

तो अब आप भी इन फूड मिथ्स पर भरोसा करना छोड़ दें। अगर आपको यह आर्टिकल पसंद आया हो तो हमें जरूर बताएं। ऐसे अन्य आर्टिकल्स पढ़ते रहने के लिए जुड़ी रहें हरजिंदगी के साथ।

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