कश्मीरी कुजीन का दिल! Czot-Lavasa और Bakarkhani... जानें 5 तरह की रोटी की अनोखी कहानी, खास होता है स्‍वाद

भारत में हर राज्‍य की कोई न कोई खास‍ियत‍ जरूर है। हर राज्य की थाली भी खास है। यहां के इलाके की अपनी एक खास पहचान होती है। कहीं मसालों का जादू, तो कहीं रोटियों का स्वाद। कश्‍मीर भी उन्‍हीं में से एक है। कश्‍मीर न केवल अपनी खूबसूरती के ल‍िए फेमस है, यहां का खानपान भी बहुत स्‍वाद‍िष्‍ट है। कश्‍मीर की रोट‍ियां तो पूरी दुन‍िया में फेमस हैं।
Updated:- 2025-11-04, 12:00 IST
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भारत की खूबसूरती सिर्फ उसकी वादियों या त्योहारों में नहीं, बल्कि हर राज्य की थाली में भी झलकती है। हर इलाके की अपनी एक खास पहचान होती है। कहीं मसालों का जादू, तो कहीं रोटियों का स्वाद। इन्हीं में से एक है कश्मीरी कुजीन, जो न सिर्फ अपने रंग, खुशबू और जायके के लिए जानी जाती है, बल्कि यहां की रोटियां भी इस स्वाद यात्रा का अहम हिस्सा हैं। कश्मीर में रोटी सिर्फ खाने का हिस्सा नहीं होती, बल्कि हर सुबह-शाम की चाय, त्योहारों और खास मौकों की पहचान बन चुकी हैं।

चाहे Czot हो या Lavasa, हर रोटी की अपनी कहानी और अपना स्वाद है। अगर आप खाने की शौकीन हैं, तो कश्मीर की ये ट्रेड‍िशनल रोटियां जरूर ट्राई करें। क्योंकि ये सिर्फ रोटियां नहीं, बल्कि कश्मीर की संस्कृति और परंपरा का स्वाद हैं। आइए उन रोट‍ियों के बारे में जानते हैं-

kashmiri breads (1)

चोट (Czot)

ये मीड‍ियम साइज की रोटी होती है। इसे मैदे से बनाया जाता है और तंदूर में सेंकी जाती है। इसका रंग हल्का गोल्‍डन और सफेद होता है। इस पर उंगलियों के निशान दिखते हैं जो इसे बाकी रोटियों से अलग बनाते हैं। Czot रोजाना खाई जाने वाली रोटी है। इसे कश्मीरी लोग चाय के साथ बहुत पसंद करते हैं।

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घी वाली चोट (Ghyev Czot)

ये Czot की ही खास वैरायटी है, लेकिन इसमें घी, नमक और मसाले मिलाए जाते हैं जिससे ये और ज्यादा सॉफ्ट और स्वादिष्ट बन जाती है। इसे खास मौकों पर बनाया जाता है, जैसे रमजान के महीने में या किसी त्योहार पर। इसे अक्सर नून चाय यानी गुलाबी नमक वाली कश्मीरी चाय के साथ खाया जाता है।

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लवासा (Lavasa)

ये एक बहुत पतली, बड़ी और बिना खमीर की रोटी होती है। इसका रंग सफेद और बनावट बिलकुल कागज जैसी हल्की होती है। लवासा को आमतौर पर मीट या छोले जैसी डिशेज लपेटकर खाने में इस्तेमाल किया जाता है। नाश्ते में इसे पिंक टी यानी कश्मीरी नमक चाय के साथ सर्व क‍िया जाता है।

शीरमल (Shirmal)

शीरमल कश्मीर की एक ट्रेड‍िशनल मीठी रोटी है, जिसमें केसर और दूध का स्वाद होता है। ये थोड़ी सूखी और झरझरी बनावट वाली होती है, जिससे इसकी शेल्फ लाइफ भी लंबी रहती है। इसे गर्मागरम कहवा के साथ खाना सबसे अच्छा माना जाता है।

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बाकरखानी (Bakarkhani)

ये कश्मीरी बेकरी की सबसे मशहूर रोटियों में से एक है। इसका स्वाद थोड़ा मीठा होता है और बनावट पफ पेस्ट्री जैसी होती है। इसे बनाने के लिए आटे की कई लेयर तैयार की जाती हैं और हर लेयर पर घी लगाया जाता है। तंदूर में पकने के बाद ये बाहर से कुरकुरी और अंदर से हल्की साॅफ्ट बन जाती है। इसे भी अक्सर कहवा चाय के साथ सर्व क‍िया जाता है।

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Image Credit- Freepik

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