सुपर फूड अमरूद स्वादिष्ट होने के साथ-साथ कई तरह के स्वास्थ्य गुणों से भी भरपूर है। यह बात कम ही लोग जानते है कि अमरूद की पत्तियों में भी कई खूबियां होती हैं। जो जुकाम, खांसी,वायरल और डेंगू जैसी कई बीमारियों को दूर करती है। अमरूद के पत्तों में मौजूद एंटीऑक्सिडेंट, एंटीबैक्टीरियल और एंटीइंफ्लेमेटरी गुण कई प्रकार की स्वास्थ्य समस्याओं को दूर करने में मदद करते हैं। इन बीमारियों के  इलाज में अमरूद की पत्तियों का काढ़ा बहुत फायदा करता है।

अमरूद की पत्तियों का काढ़ा बनाने का तरीका

2 गिलास पानी में अमरूद की 4-5 पत्तियां अच्छी तरह से धो कर डाल दें। फिर गैस को जला कर इस पत्ती वाले पानी को गैस पर चढ़ा दें। धीमी आंच में इसे टैब तक उबालें जब तक पानी आधा न हो जाएं। फिर इस पानी को ठंडा होने के लिए रख दें। जब ठंडा हो जाएं तो उसे छान कर पिएं।

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मसूड़ों और दांतों के लिए सबसे ज्यादा फायदेमंद होती हैं अमरूद की पत्तियां। मसूड़ों के दर्द से निजात पाने के लिए अमरूद की पत्तियों को पीसकर इसमें एक से दो लौंग डालें और इसमें सेंधा नमक मिलाएं। इन सबको पानी में खूब उबालकर यदि आप गरारे करेंगे तो देखेंगे कि मसूडों की परेशानी से आराम मिल रहा है।

बाजार के माउथ वॉश से बहुत ही बेहतर है अमरूद की पत्तियों का माउथवॉश।इस माउथ वॉश से मुंह की दुर्गन्ध भी दूर होगी।

मुंह में छाले हैं तो भी अमरूद की पत्तियां फायदेमंद है।

अमरूद की कोमल पत्तियों को तोड़कर उन्हें साफ करके अगर आप धीरे-धीरे चबाएंगे तो मुंह के छालों में आराम मिलेगा। इन पत्तियों को चबाकर आप निगल भी सकते हैं या थूक भी सकते हैं।

जिन लोगों को डाजेशन की समस्या है उन्हें अमरूद का काढ़ा बनाकर पीना चाहिए।

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डायरिया है तो अमरूद के पत्ते, अमरूद के पेड़ की छाल में आधा ग्राम सौंढ़ मिलाकर काढा बनाकर पीएं। इससे लीवर संबंधी बीमारियों से भी निजात मिलेगी।

त्वचा, बाल और स्वास्थ्य की देखभाल के लिए अमरूद की ताजी पत्तियों का रस या फिर इसकी बनी हुई चाय बहुत ही फायदेमंद होती है।

अमरूद के पत्तों में मौजूद यौगिक ब्लड प्रेशर और हार्ट रेट की दर को कम करने में मदद करते हैं।

अमरूद के पत्तों से बनी चाय के सेवन से ब्लड लिपिड, ब्लड में कोलेस्ट्रॉल का निम्न स्तर और अस्वस्थ ट्राइग्लिसराइड्स में सुधार करने में मदद मिलती है।

आइए जानें अमरूद के पत्तों के फायदे

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अमरूद के पत्ते जटिल स्टार्च को शुगर में बदलने की प्रक्रिया को रोकते हैं, इससे शरीर के वजन को घटाने में सहायता मिलती है। अमरूद के पत्ते कार्बोहाइड्रेट की गति को रोकते हैं, जो उपलब्ध यौगिक के रूप में लिवर में टूटता है और वजन घटाने में मदद करता है।

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अमरूद के पत्ते डायरिया और पेचिश में काफी फायदेमंद हैं। समस्या होने पर 30 ग्राम अमरूद के पत्ते और एक मुट्ठी चावल के आटे को दो गिलास पानी में मिलाकर उबाल लें। डायरिया के इलाज के लिए इस मिश्रण को दिन में दो बार पिएं। पेचिश के इलाज के लिए, अमरूद के पत्तों और जड़ों को लेकर 90 डिग्री पर 20 मिनट के लिए उबालें। इस पानी को छानकर दिन में दो बार पीने से राहत मिलेगी।

अमरूद के पत्ते पाचन एंजाइम के उत्पादन को बढ़ाकर पाचन तंत्र को दुरुस्त रखने में मदद करते हैं। शक्तिशाली एंटी-बैक्टीरियल एजेंट प्रभावी ढंग से पेट के अस्तर से हानिकारक बैक्टीरिया को नष्ट करने और बैक्टीरिया से विषाक्त एंजाइमों के प्रसार को रोकने में मदद करता है।

अमरुद के पत्ते की चाय

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जापान में यकुल्ट सेंट्रल इंस्टीट्यूट में अमरूद के पत्तों से बनी चाय पर एक शोध किया गया। शोध के निष्कर्ष के अनुसार, अमरूद के पत्तों से बनी चाय में एल्फा-ग्लूकोसाइडिस एंजाइम गतिविधि को कम कर मधुमेह रोगियों में प्रभावी रूप से रक्त शर्करा को कम करती है। इसके अलावा यह सुक्रोज और माल्टोज को सोखने से शरीर को रोकती है, जिससे शुगर का स्तर नियंत्रित रहता है।

अमरूद के पत्तों में मौजूद यौगिक ब्लड प्रेशर और हार्ट रेट की दर को कम करने में मदद करते हैं। अमरूद के पत्तों से बनी चाय के सेवन से ब्लड लिपिड, ब्लड में कोलेस्ट्रॉल का निम्न स्तर और अस्वस्थ ट्राइग्लिसराइड्स में सुधार करने में मदद मिलती है।