हिंदु घरों में तुलसी को पूज्‍यनीय माना जाता है। साथ ही तुलसी जानी-मानी औषधि भी है, इसका इस्तेमाल कई बीमारियों को दूर करने के लिए किया जाता है। आयुर्वेद में तो तुलसी के पौधे के हर भाग को हेल्‍थ के लिहाज से फायदेमंद बताया गया है। तुलसी में कई औषधीय गुण होते हैं, जिसका इस्तेमाल वर्षों से सर्दी जुकाम से लेकर हार्ट को हेल्‍दी रखने तक किया जाता है। मैं भी रोजाना तुलसी के 5 पत्‍ते जरूरी खाती हूं। ऐसा करने से मैं सर्दी-जुकाम से बची रहती हूं और मेरे चेहरे अलग सा ग्‍लो दिखाई देता हैं। लेकिन क्‍या आप जानती हैं कि तुलसी से अनियमित पीरियड्स की समस्‍या को भी दूर किया जा सकता है। तुलसी ब्‍लड को शुद्ध करने के लिए जानी जाती है, लेकिन इसमें कई गुण भी होते हैं जो सेक्‍सुशल और प्रजनन हेल्‍थ को प्रभावित करते हैं। इसलिए अगर आपको पीरियड्स टाइम पर नहीं होते तो दवाएं लेने की बजाय तुलसी जैसे घरेलू टिप्‍स को अपनाएं। लेकिन सबसे पहले पीरियड्स के अनियमित होने के कारणों के बारे में जान लेते हैं।

इसे भी पढ़ें: Can Tulsi Help With Your Irregular Periods?

अनियमित पीरियड्स के क्‍या कारण है?
tulsi to time periods

Image Courtesy: www.fertilitytips.com

  • हार्मोनल समस्याएं जैसे थायरॉयड डिजीज, पेल्विक अंगों के विकार जैसे कि पीसीओडी
  • बहुत ज्‍यादा वजन बढ़ना या वजन कम होना
  • तनाव या चिंता जैसे भावनात्मक मुद्दे
  • आहार संबंधी विकार, जैसे एनोरेक्सिया और बुलिमिया
  • गर्भ निरोधकों का सेवन
  • बहुत ज्‍यादा एक्‍सरसाइज
  • ब्रेस्‍टफीडिंग

तुलसी कैसे करती हैं हेल्‍प?
tulsi tea remedy for periods

तुलसी एक शक्तिशाली एडाप्टोजेन है जो स्‍ट्रेस लेवल को कम करने में हेल्‍प करती है, आपकी इम्‍यूनिटी को बढ़ा सकती है और आपकी बॉडी में हार्मोन लेवल को भी मैनेज कर सकती है। इतना ही नहीं, यह एक नेचुरल एंटीऑक्सीडेंट है जिसमें एंटी-इंफ्लेमेटरी और एंटी-माइक्रोबियल गुण भी है। तुलसी कोर्टिसोल हार्मोन को कंट्रोल कर पीरियड्स को रेगुलर बनाती है। अनियमित पीरियड्स की समस्‍या से बचने के लिए इंस्टीट्यूट ऑफ अल्टरनेटिव मेडिसिन के डॉक्‍टर अमरजीत सिंह जस्सी ने 10 ग्राम तुलसी के बीजों को पानी में उबालकर नियमित रूप से सुबह पीने की सलाह दी है।

तुलसी का सेवन न करें अगर...
tulsi not for pregnant mothers

चूंकि तुलसी का शरीर के हार्मोन्स पर प्रभाव पड़ता है, इसलिए प्रेग्‍नेंट और डायबिटीज से परेशान महिलाओं को इसका सेवन करने से बचना चाहिए। अगर आप पहले से ही एसिटामिनोफेन जैसी पेन किलर ले रही हैं तो तुलसी के सेवन से बचना चाहिए। यह ब्‍लड को पतला करने वाली दवाओं को प्रभावित कर सकता है और आपके लिवर को नुकसान पहुंचा सकता है।

ल्यूकोरिया और एमेनोरिया का इलाज

आपने अपने पीरियड्स के दौरन तुलसी के पौधे को न छूने के बारे में सुना होगा क्योंकि यह समय अशुद्ध माना जाता है लेकिन यह एक पूर्ण मिथ है। वास्तव में तुलसी विभिन्न रोगों का इलाज कर सकती है जैसे ल्यूकोरिया (असामान्य योनि स्राव) और एमेनोरिया (पीरियड्स का न होना)। ल्यूकोरिया से बचने के लिए आप चावल के पानी में 20 मिलीलीटर तुलसी का रस मिला कर नियमित रूप से ले सकती हैं। यह उपाय अच्‍छी तरह से काम करें, इसके लिए अपनी डाइट में चावल और दूध / चावल और घी लेना कम कर दें। एमेनोरिया के लिए, 125 ग्राम तुलसी के बीज, काले तिल और 220 ग्राम गुड़ के साथ कपास के पौधे + बांस के पौधों की कोमल पत्तियों के पाउडर के मिश्रण का सेवन करें।

इसे भी पढ़ें: घर में है शादी या पूजा और हो रही है पीरियड्स की टेंशन,तो आजमाएं ये 6 घरेलू नुस्खे जल्दी आ जाएंगे पीरियड्स

आप ऐप्स का इस्‍तेमाल करके अपने पीरियड्स को अच्छी तरह से ट्रैक कर सकती हैं। हेल्‍दी रहने के लिए पीरियड्स का रेगुलर होना बहुत जरूरी हैं ताकि आपकी लाइफस्‍टाइल हेल्‍दी हो। पीरियड्स के दर्द को कम करने, पीरियड्स के दौरान स्वच्छता या देखभाल के बारे में अधिक जानने के लिए हर जिंदगी पढ़ते रहें।

Recommended Video