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थायराइड को मैनेज करने में मदद कर सकती हैं ये 5 चीजें, आज ही से करेंगी बदलाव तो कुछ हफ्तों में दिख सकता है असर

थायराइड को मैनेज करने में दवाइयों के साथ सही डाइट और लाइफस्टाइल भी बहुत जरूरी है। अगर आप आज से ही एक्सपर्ट के बताए ये बदलाव करेंगी, को कुछ हफ्तों में थायराइड लेवल कंट्रोल में आ सकता है।
Updated:- 2025-12-03, 12:47 IST
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हमारे गले के पास तितली के आकार की थायराइड ग्लैंड होती है। इस ग्रंथि से थायराइड हार्मोन का सीक्रेशन होता है। जब इस हार्मोन का सीक्रेशन सही लेवल से कम या ज्यादा होने लगता है, तो थायराइड की दिक्कत होती है। थायराइड हार्मोन के कमी होने पर हाइपोथायराइड और इसकी अधिकता होने पर हाइपरथायराइड होता है। यह सिर्फ एक हार्मोन नहीं है, बल्कि इससे शरीर के कई फंक्शन्स कंट्रोल होते हैं। ऐसे में इसका इंबैलेंस शरीर को कई तरह से प्रभावित कर सकता है। थायराइड के लक्षण इसके प्रकार पर निर्भर करते हैं।

हाइपरथायराइड या अतिसक्रिय थायराइड के लक्षणों में वजन घटना, धड़कन का तेज होना, गर्मी अधिक लगना और घबराहट होना जैसी दिक्कतें शामिल है, वहीं जब हाइपोथायरायडिज्म यानी अल्पसक्रिय थायरॉइड होता है, तो वजन बढ़ने लगता है, कब्ज बनी रहती है, पीरियड्स अनियमित हो जाते हैं और बाल झड़ने लगते हैं। थायराइड को मैनेज करने के लिए डॉक्टर की सलाह के अलावा सही खान-पान और लाइफस्टाइल में बदलाव भी करने चाहिए। यहां हम आपको 5 ऐसे टिप्स बता रहे हैं, जो थायराइड को बैलेंस करने में मदद कर सकते हैं। यह जानकारी डॉक्टर दीक्षा भावसार दे रही हैं। डॉक्टर दीक्षा, आयुर्वेदिक प्रोडक्ट्स ब्रांड द कदंब ट्री की फाउंडर और BAMS (Bachelor of Ayurveda Medicine) हैं।

थायराइड को मैनेज करने के 5 टिप्स

 

 

 

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  • रोज सुबह कम से कम 5-10 मिनट सूरज की रोशनी में बिताएं। इसे सूर्य चिकित्सा या सन थेरेपी कहते हैं। इससे अग्नि बढ़ती है और कफ कम होता है। इन दोनों ही चीजों का बैलेंस थायराइड को कंट्रोल रखने के लिए बहुत जरूरी है।
  • इससे कोर्टिसोल बैलेंस करने में मदद मिलती है। यह टीएसएच लेवल को सपोर्ट करती है। इससे मूड और मेटाबॉलिज्म में सुधार होता है।
  • आयोडीन रिच फूड्स को डाइट में शामिल कीजिए। ये भी थायराइड लेवल को बैलेंस करते हैं, टी3 और टी4 के प्रोडक्शन को सपोर्ट करते हैं और थायराइड इंबैलेंस को कम करते हैं।
  • नारियल पानी, मोरिंगा की फली, सेंधा नमक, चुकंदर, काले तिल फायेदमंद रहेंगे। ये शरीर को ताकत देते हैं और इनसे टॉक्सिन्स नहीं बढ़ते हैं।

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  • नाक में गाय के घी की 2 बूंदे डालें। ये ब्रेन और थायराइड के कनेक्शन को सुधारती हैं। इससे स्ट्रेस और एंग्जायटी कम होती है और अच्छी नींद लाने में मदद मिलती है।
  • नस्य यानी नाक के दोनों नथुनों में घी डालना सिर और गर्दन के लिए एक थेरेपी है। इससे वात दोष बैलेंस होता है, जो हाइपोथायराइड के लिए बेहद जरूरी है।

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  • रोजाना ब्राजील सीड्स और कद्दू के बीज खाएं। ये थायराइड हार्मोन को बैलेंस करने के लिए बहुत जरूरी होते हैं। इनमें जिंक भरपूर मात्रा में होता है। ये हेल्दी फैट्स से भरपूर होते हैं और शरीर को ताकत देते हैं।
  • रोजाना वॉक जरूर करें और डिनर 7 बजे से पहले कर लें। इससे मेटाबॉलिज्म और ब्लड शुगर लेवल में सुधार होता है।

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थायराइड को मैनेज करने के लिए एक्सपर्ट की सलाह पर ध्यान दें। हर जिंदगी के वेलनेस सेक्शन में हम इसी तरह अपने आर्टिकल्स के जरिए स्वास्थ्य से जुड़ी समस्याओं के बारे में आप तक सही जानकारी पहुंचाने की कोशिश करते रहेंगे।
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Image Credit:Freepik

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