कई बार जीवन में हमें मुश्किल वक्त से गुजरना पड़ता है। जीवन में आई तमाम मुश्किलों से निपटने का तरीका सभी का अलग-अलग होता है। कुछ लोग बेहतर तरीके से इनसे निपट लेते हैं, और कुछ उलझते रह जाते हैं। यही उलझन धीरे-धीरे उनके मानसिक स्वास्थ्य पर असर डालती है। जो भी, लेकिन अगर आप इमोशनल स्ट्रगल से गुजर रहे हैं और इस वजह से हर दिन आपको एंग्जायटी हो रही है, तो संभवत: आप मेंटल हेल्थ प्रोबल्म से जूझ रहे हैं।

ऐसे कितने बाजारों में उपलब्ध दवाईयों का सेवन अपनी एंग्जायटी के लिए करते हैं, लेकिन इससे आपको कितने दिन आराम मिलेगा? क्या आपको पता है कि अगर लंब समय तक आप अपनी इस हालात को अनदेखा करेंगे तो इसके परिणाम आपको भविष्य में झेलने पड़ते हैं। कुछ लोगों को तो यह भी पता नहीं होता कि वह मेंटल हेल्थ प्रोब्लम से गुजर रहे हैं। वह इसे आम मानकर, अपने दैनिक कार्यों में व्यस्त रहते हैं। इसी एंग्जायटी से निकालने के लिए आपकी मदद करते हैं साइकोलॉजिस्ट। मगर इससे पहले सीनियर क्लिनिकल साइकोलॉजिस्ट डॉ. भावना बर्मी से उन साइन को बारे में जानें, जो दर्शाते हैं कि आपको थेरेपी की जरूरत है।

रिलेशनशिप हैंडल न कर पाना

anger

चाहे आप घर में हों या फिर ऑफिस में, अगर आप अपने पार्टनर या साथियों के साथ हर छोटे-मोटे मुद्दे पर झगड़ रही हैं। अगर आप बात-बात पर उनकी चीजों पर बिगड़ रही हैं, तो यानी कुछ समस्या जरूर है। आप समझ नहीं पा रही हैं कि कैसे चीजों के बीच में संतुलन बैठाएं। अगर ऐसा कुछ आपके साथ हो रहा है, तो थेरेपी के बारे में जरूर सोचें

किसी काम में मन लगना

lack of interest

अगर आपका मन कुछ कामों में बिल्कुल नहीं लग रहा है। या जिन चीजों को करने में पहले आनंद आता था और अब उन्हीं में कोई रुचि नहीं रही। आप यदि समय-समय पर डिमोटिवेटेड महसूस करती हैं। तो इसका अर्थ है कि आप अवसाद, चिंता जैसी स्थिति से घिरी हुई हैं। 

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नींद में कमी और हर समय थकावट रहना

no sleep

कुछ बातें, कुछ चीजें ऐसे होती हैं, जो मन को अशांत कर देती हैं। आपके दिमाग में हर दफा वो बातें चलने से नींद बाधित होती हैं। लेकिन अगर यह आपके साथ अक्सर हो रहा है। आप हर वक्त थकावट महसूस करती हैं, तो आपको सतर्क होने की जरूरत है। ऐसे में किसी अच्छे थेरेपिस्ट को दिखाना बहुत आवश्यक हो जाता है।

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doc bhavna barmi

डॉ. भावना बर्मी कहती हैं इसके अलावा भी कई और लक्षण हैं जो यह बताते हैं कि आपको थेरेपी की जरूरत है जैसे हमेशा नेगेटिव रहना, अपने इमोशन्स को जता नहीं पाना, भूख का एकदम कम हो जाना, आत्महत्या के ख्याल आना आदि। अगर ऐसा कुछ भी आप महसूस कर रही हैं, तो तुरंत किसी साइकोलॉजिस्ट की सलाह लें। इस बात को स्वीकार करें कि आपको किसी से मदद लेने की आवश्यकता है। इसके लिए खुद को कैसे तैयार करें, देखें-

खुद को समझाएं कि यह सिर्फ कमोजर लोगों के लिए नहीं

you are strong

डॉ. भावना बर्मी कहती हैं, यह लोगों के अंदर एक बड़ी गलतफहमी है कि वे सोचते हैं कमजोर लोग ही थेरेपी करते हैं। ऐसा बिल्कुल नहीं है। आप जिस तरह किसी आम बीमारी के लिए डॉक्टर को दिखाते हैं, यह ठीक वैसा है। इससे कमजोर का कोई लेना-देना नहीं है। इसलिए थेरेपी के लिए आप तभी तैयार होंगे, जब आप यह समझेंगे कि किसी की मदद लेना कमोजरी की निशानी नहीं है।

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थेरेपी एक वेकेशन जैसी ही है

therapy is vacation

वह कहती हैं कि जैसे आप लगातार काम करके थक जाती हैं और एक लंबी छुट्टी पर चली जाती हैं रिलैक्स करने के लिए। वैसे ही थेरेपी भी एक वेकेशन ही है। आपका मन हर वक्त काम करते हुए थक जाता है, उसे शांत करने के लिए और उत्साह से भरने के लिए आपको थेरेपी लेनी की जरूरत होती है। थेरेपी के लिए खुद को इस तरह से ही तैयार करें।

खुद को बेहतर बनाने के बारे में सोचें

work together

जब आपके काम की कोई आलोचना करता है, तो आप उसे और बेहतर बनाने के लिए काम करती हैं। बस ऐसे ही खुद को थेरेपी के लिए तैयार करना है। आप यह मान कर चलेंगी कि आपको एक बेहतर इंसान बनना है, तो आप इसे लेकर संशय में नहीं आएंगी। खुद को स्वस्थ और खुशमिजाज रखने के लिए थेरेपी के बारे में जरूर सोचें।

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