कई लोगों की ये सबसे बड़ी समस्या होती है कि उन्हें दिन में नींद नहीं आती है। ये समस्या कई लोगों की है और रात में ठीक से न सो पाने के कारण अगले दिन बहुत ज्यादा परेशानी होती है और साथ ही साथ उन्हें ये तकलीफ भी होती है कि उनका ध्यान नहीं लग पाता है। रात में ठीक से न सो पाना बहुत ज्यादा परेशानी वाली स्थिति हो सकती है खासतौर पर उन लोगों के लिए जिन्हें अगले दिन काफी महत्वपूर्ण काम करने हैं। 

इस समस्या का हल निकालने के लिए वर्ल्ड वॉर 2 के दौरान अमेरिकी मिलिट्री ने बाकायदा साइकोलॉजिस्ट और स्पोर्ट्स आदि के एक्सपर्ट्स के साथ मिलकर स्लीपिंग तकनीक इजाद की थी। 

किसने बनाई है ये साइंटिफिक स्लीपिंग तकनीक-

इसे एक्सपर्ट बड विंटर ने कई साइकोलॉजिस्ट की मदद से बनाया है। दरअसल, बड विंटर पहले एक फुटबॉल कोच थे जिन्होंने साइकोलॉजी की फील्ड में काफी रिसर्च की और एथलीट्स को रिलैक्स करने और प्रेशर के साथ काम करने की ट्रेनिंग दी और इसके बाद मिलिट्री के साथ काम करके उन्होंने पायलट्स के लिए स्लीपिंग टेक्नीक बनाई जिससे वो 2 मिनट यानि 120 सेकंड के अंदर ही सो सकते थे। 

इस तकनीक के बारे में आप  “Relax and Win: Championship Performance” नामक किताब में भी पढ़ सकते हैं। इसके मुताबिक ये तकनीक कॉफी पीने या बंदूक की आवाज़ सुनने के बाद भी काम करती है। 

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कितना समय लगता है ट्रेनिंग में?

अपने शरीर को पूरी तरह से इस तकनीक के हिसाब से ढालने में 6 हफ्तों का समय पायलेट्स को लगता है, लेकिन इतने में 96% पायलट्स सिर्फ 2 मिनट के अंदर ही सो जाते हैं। ये प्रैक्टिस उन लोगों के काम भी आती है जो सीधे बैठकर सोते हैं। 

कैसे काम करती है ये स्लीपिंग टेक्नीक?

  • सबसे पहले अपने पूरे चेहरे को रिलैक्स करें इसमें मुंह के आस-पास की मसल्स भी शामिल होंगी। चेहरे को एक्सप्रेशन लेस करना है। 
  • अब अपने कंधों को झुकाकर टेंशन को कम करें और हाथों को अपने शरीर के साइड में रखें। 
  • सांस लेकर तेज़ी से सांस छोड़ें और अपने सीने को रिलैक्स करें। 
  • ऐसे ही आपको अपने पैरों, जांघों और पिंडलियों को रिलैक्स करना है। 
  • अपने दिमाग को 10 सेकंड के लिए रिलैक्स करना है। 
  • ये तकनीक कहती है कि आप सिर्फ 10 सेकंड में ही सो जाएंगे।  

अगर दिमाग रिलैक्स नहीं हो पा रहा है तो क्या करें?  

कई बार लोगों का दिमाग रिलैक्स नहीं हो पाता है और ये बहुत बड़ी समस्या होती है। ऐसे में आप 10 सेकंड के लिए कुछ और नहीं बस 'Don't think' शब्द बोलेंगे। अगर आप ज़ोर से नहीं बोल सकते तो इसे सोचेंगे। आपको बस अपने मन में ये सोचना है कि आप सोच नहीं रहे। अपना पूरा ध्यान इसी चीज़ पर लगाना है ताकि आपका दिमाग साफ हो।  

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अगर ये भी काम नहीं करता है तो मिलिट्री की 4-7-8 ब्रीदिंग तकनीक करेगी मदद- 

ऐसे कुछ लोग जिनपर ये तकनीक भी काम नहीं करती है ऐसे में आप ब्रीदिंग एक्सरसाइज की मदद ले सकते हैं। ये 4-7-8 ब्रीदिंग तकनीक है जो आपके सांस लेने के पैटर्न पर निर्भर करती है और ये आपकी नींद न आने की समस्या में मदद कर सकती है।  

क्या करना है- 

1. सबसे पहले अपनी जीभ की टिप को ऊपरी दांतों के पीछे रख दें। 

2. अब मुंह से जोर से सांस छोड़ें कि आवाज आए। 

3. अब मुंह बंद करें और नाक से सांस लेकर मन में 4 तक गिनें। 

4. अब अपनी सांस को होल्ड करना है और मन में 7 तक गिनना है। 

5. अब अपना मुंह खोलकर सांस छोड़नी है और मन में 8 तक गिनना है। 

6. इस तकनीक को तीन बार करना है जिससे शरीर रिलैक्स हो जाए। 

7. इस ब्रीदिंग एक्सरसाइज के दौरान आपका पूरा ध्यान सिर्फ और सिर्फ सांस लेने और छोड़ने पर रहेगा। ये आपकी एंग्जाइटी को कम करने में काफी मदद कर सकती है।   

नोट: अगर आपको सांस लेने में दिक्कत हो रही है तो इसे न करें।  

अगर आपको इन चीज़ों के बाद भी नींद लेने में दिक्कत हो रही है, एंग्जाइटी की समस्या बहुत बढ़ गई है या फिर आपको नींद की समस्या लंबे समय से परेशान कर रही है तो आप डॉक्टर की मदद लें और अपनी सेहत का ख्याल रखें। अगर आपको ये स्टोरी अच्छी लगी तो इसे शेयर जरूर करें। ऐसी ही अन्य स्टोरी पढ़ने के लिए जुड़े रहें हरजिंदगी से।