यौवन प्रकृति का उपहार है, लेकिन बढ़ती उम्र को रोका नहीं जा सकता है। अधिकांश महिलाओं के लिए 30 एक खतरनाक नंबर हो सकता है। लेकिन परेशान होने की जरूरत नहीं है क्‍योंकि सही दिशा में छोटे-छोटे कदम इस अवस्था को हेल्‍दी और सुंदर बनाने में मदद कर सकते हैं।

जी हां ऐसा नहीं है कि महिलाएं खुद की उपेक्षा करना पसंद करती हैं। लेकिन वह घर और बाहर की जिम्‍मेदारियों में इतना उलझ जाती हैं कि उनके लिए हर सुबह नींबू और शहद का पानी पीने जैसी छोटी-छोटी चीजों के लिए भी समय निकालना एक मुश्किल काम हो जाता है। हालांकि, समय बदल गया है और महिलाएं आज अपने स्वास्थ्य के बारे में अधिक जागरूक हैं, जो उन्हें समय पर स्वास्थ्य संबंधी चिंताओं का जवाब देने में मदद करता है। 

30 वर्ष से अधिक उम्र की महिलाओं के लिए यह सबसे अच्छा है कि चाहे वह करियर या बच्चों जैसी जिम्मेदारियों में कितनी ही व्यस्त क्यों न हों, लेकिन हेल्‍दी जीवन को एक नियमित आदत बना लें ताकि उन्‍हें जीवन में बाद में कोई स्वास्थ्य समस्या न हो। इसके लिए आयुर्वेदिक डॉक्‍टर जीतू रामचंद्रन ने अपने इंस्‍टग्राम के माध्‍यम से ऐसी 4 आसान नेचुरल थेरेपीज शेयर की हैं जिन्‍हें 30 की उम्र के बाद महिलाओं को जितनी जल्‍दी हो सके शुरू कर देनी चाहिए। यह निश्चित रूप से 30 के बाद अनुभव होने वाली बीमारी के चक्र से बाहर आने में मदद करेंगी। आप भी इन थेरेपीज के बारे में इस आर्टिकल के माध्‍यम से विस्‍तार से जानें।

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1. तेल मालिश (अभ्यंग)

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  • नहाने से पहले शरीर की तेल से मालिश करने से वात दोष को संतुलित करने में मदद मिलती है। 
  • त्वचा के स्वास्थ्य में सुधार होता है।
  • इससे जोड़ों को लुब्रिकेशन मिलता है और मसल्‍स रिलैक्‍स होती है जिससे शरीर का दर्द और जोड़ों का दर्द कम होता है।

2. रेगुलर एक्‍सरसाइज (व्यायाम)

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  • शरीर के वजन को नियंत्रित करती है।
  • हड्डी और मसल्‍स की हेल्थ को बनाए रखती है।
  • तनाव, चिंता, भय, डिप्रेशन से छुटकारा दिलाती है।

3. वात दोष (वातानुलोमन) की सामान्य गति बनाए रखना

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  • गर्म पानी पीने से पाचन में सुधार होता है।
  • रात-भर पानी में किशमिश भिगोकर पीने से सुबह खाली पेट वात की गति सामान्य हो जाती है। यह हल्के रेचक के रूप में कार्य करता है जिससे मल त्याग में आसानी होती है।

4. मेडिटेशन

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  • यह महिलाओं के जीवन के सभी चरणों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
  • तनाव, चिंता आदि को दूर करने में मदद करता है।
  • शरीर की रोग सहने की क्षमता में सुधार करता है।
  • आपको आंतरिक रूप से जुड़ने में मदद करता है। 

30 की उम्र के बाद खुद को हेल्‍दी रखने के लिए आप क्या कर रही हैं? हमें फेसबुक पर कमेंट करके जरूर बताएं। इस तरह की और जानकारी पाने के लिए हरजिंदगी से जुड़ी रहें।  

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