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  • Hema Pant
  • Editorial, 17 Jan 2022, 21:00 IST

मीना कुमारी की ऐसे दीवानगी कि डाकू अमृत लाल ने चाकू से लिया था हाथ पर आटोग्राफ, जानें पूरा किस्सा

पाकीजा फिल्म की शूटिंग के दौरान मीना कुमारी ने डाकू अमृत लाल के हाथों पर चाकू से दिया था आटोग्राफ, जानें उसके बाद क्या हुआ।
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  • Editorial, 17 Jan 2022, 21:00 IST
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meena kumari autograph by amrit lal

बॉलीवुड की ट्रेजडी क्वीन कही जाने वाली एक्ट्रेस मीना कुमारी करीब 92 फिल्मों में काम कर चुकी हैं। उन्होनें बॉलीवुड को दो बीघा जमीन, साहिब बीबी और गुलाम, फूल पत्थर और पाकीजा जैसी कई बेहतरीन फिल्में दी हैं। लेकिन उनकी साल 1972 में आई फिल्म पाकीजा ने उन्हें बॉलीवुड एंडस्ट्री में अमर बना दिया। जब भी मीना कुमारी का नाम आता है तो लोगों के जहन में सबसे पहले फिल्म पाकीजा की याद फिर से ताजा हो जाती है। 

ऐसा कहा जाता है कि जिस तरह से अपने प्यार की याद में शांहजहां ने ताज महल बनाकर मुमताज को मशहूर कर दिया था उसी तरह कमाल अमरोही ने फिल्म पाकीजा बनाकर मीना कुमारी को अमर कर दिया। यह फिल्म जितनी अच्छी है उतनी ही खास इस फिल्म की बनने की कहानी है। लेकिन सिर्फ इस फिल्म की वजह से ही नहीं मीना कुमारी ने अपनी बेहतरीन अदाकारी से पहले ही भारत की जनता का दिल जीत लिया था। उनकी सुंदरता और एक्टिंग की ऐसी दीवानगी की उनसे एक बार डाकू ने चाकू से हाथ पर आटोग्राफ लिया गया था। चलिए जानते हैं इस किस्से के बारे में। 

फिल्म को बनने में लगे 16 साल

meena kumari the tragedy queen

बता दें कि पाकीजा फिल्म को बनने में 16 साल  लग गए थे। 1972 में रिलीज हुई यह फिल्म उस समय की सबसे सुपरहिट फिल्म में से एक थी।  इस फिल्म में अहम भूमिका में मीना कुमारी, राज कुमार और अशोक कुमार नजर आए थे। इस फिल्म से मीना कुमारी अमर हो गई थीं फिल्म के गाने से लेकर कहानी तक हर एक चीज बेहद शानदार थी। हालांकि, यह फिल्म मीना कुमारी की आखिरी फिल्म साबित हुई क्योंकि इसके बाद बीमारी की वजह से उनकी मौत हो गई थी।

कमाल अमरोही और मीना कुमारी का इश्क 

meena kumari and kamal amrohi

बता दें कि कमाल अमरोही वो शख्स हैं जिन्होनें मुगल-ए-आजम, महल, रजिया सुल्तान और पाकीजा जैसी कई बेहतरीन फिल्में डायरेक्ट की हैं। वह बॉलीवुड के सबसे प्रसिद्ध डायरेक्टर्स में से एक थे। मीना कुमारी जब पहली बार कमाल अमरोही से मिली थी, तब वह शादी शुदा थे। लेकिन इसके बावजूद भी दोनों एक-दूसरे को प्यार करने लगे थे और इसके बाद साल 1952 में दोनों ने शादी कर ली । वह प्यार से एक-दूसरे को मंजू और चंदन कहा करते थे। लेकिन इस रिश्ते में बेहद जल्दी दरार आ गई थी। ऐसा कहा जाता था कि कमाल अमरोही मीना कुमारी के लिए बेहद पसेजिव थे।

जिसके चलते उन्होनें मीना कुमारी के काम में दखल अंदाजी की और फिल्मों में काम करने के लिए मीना कुमारी के सामने 3 शर्ते रखीं। उनकी पहली शर्त यह थी कि मीना कुमारी को साढ़े 6 बजे तक वापस घर लौट कर आना होगा। दूसरी कि उनके मेकअप रूम में केवल मेकअप मैन के अलावा दूसरा कोई भी पुरुष नहीं होगा और तीसरी शर्त यह थी कि वह स्टूडिया आने और जाने के लिए अपनी ही कार का इस्तेमाल करेंगी। 

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डाकू ने लिया चाकू से आटोग्राफ

film pakeezah facts

बता दें कि फिल्म पाकीजा की एक शूटिंग के लिए कमाल अमरोही और मीना कुमारी मध्य प्रदेश से दिल्ली जा रहे थे। इसी बीच मध्य प्रदेश के शिवपुरी इलाके में आकर उनकी गाड़ी का पेट्रोल खत्म हो गया। जिसके बाद कमाल अमरोही ने फैसला किया कि वह रात भर कार में रहेंगे। लेकिन कमाल को यह नहीं पता था कि जहां वह रूके हुए हैं, वह इलाका डाकुओं का था। इसके बाद आधी रात को करीब 1 दर्जन डाकुओं ने उनकी सभी गाड़ियों को घेर लिया। गाड़ी को घेरने के बाद डाकुओं ने कहा कि गाड़ी में बैठे सभी लोगों को गाड़ी से उतरना होगा।

लेकिन कमाल अमरोही ने गाड़ी से उतरने के लिए मना कर दिया और कहा कि जो भी मुझसे मिलना चाहता है, वह मेरी गाड़ी के पास आ जाए। इसके कुछ समय बाद ही उनकी गाड़ी के पास एक शख्स पहुंचा जिसने सिल्क का पजामा और कमीज पहना हुआ था। उस सख्श ने पूछा कि आप कौन हैं, अमरोही ने कहा मैं कमाल हूं और यहां शूटिंग करने आया हूं। लेकिन मेरी गाड़ी का पेट्रोल खत्म हो गया है। इसलिए हम यहां गाड़ी के अंदर बैठे हुए हैं। यह सुनने के बाद डाकुओं को लगा कि वे रायफल की शूटिंग के लिए वहां आए हैं।

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जब डाकू ने मीना कुमारी को देखा

लेकिन कुछ समय बाद ही डाकू को बताया गया कि वे फिल्म( सच्ची घटना पर आधारित फिल्में)  की शूटिंग कर रहे हैं और दूसरी कार में मीना कुमारी बैठी हुई हैं। इसे सुन डाकू की आंखों में चमक आ गई और उसने सभी लोगों के लिए रात के खाने और रूकने का इंतजाम करवाया और गाड़ी में पेट्रोल भी भरवाया। जब सुबह हुई और पूरी टीम वापस जाने के लिए तैयार होने लगी तब डाकू ने मीना कुमारी से आटोग्राफ मांगा और कहा कि वह उनके हाथ पर चाकू से अपना नाम लिखे। बड़ी हिम्मत कर जैसे तैसे मीना कुमारी ने उस डाकू के हाथ पर अपना ऑटोग्राफ दिया। इसके बाद जब मीना कुमारी दूसरे शहर पहुंची तो वहां जाकर उन्हें पता चला कि उन्होनें मध्य प्रदेश के उस समय के डाकू अमृत लाल के साथ एक रात बिताई थी। 

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Image Credit: twimg.com, amarujala.com,medium.com & cloudfront.net 

 
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