बच्चों की सेहत और तेज दिमाग के लिए वास्तु एक्सपर्ट से जानें टिप्स

बच्चों से घर गुलजार रहता है। बच्चों की किलकारियों से घर-आंगन में हमेशा चहल-पहल रहती है और घर में उदासीनता का नामो-निशान नहीं रहता। बच्चे किसी भी परिवार की अहम कड़ी होते हैं। बच्चे माता-पिता को जिंदगी जीने का मकसद देते हैं। बच्चों के लिए पेरेंट्स बड़े से बड़ा त्याग करने को भी तैयार रहते हैं और कितनी ही मुश्किलें उठाते हैं। पेरेंट्स हर संभव प्रयास करते हैं कि उनके बच्चों का भविष्य उज्ज्वल हो और उन्हें कामयाबी मिले।
बच्चों का अच्छा विकास हो, उनकी याद्दाश्त तेज रहे, वे फोकस्ड रहें और कुछ अच्छा करने के लिए इंस्पायर्ड रहें, इसके लिए बहुत जरूरी है कि बच्चों का कमरा वास्तु के अनुकूल हो। इससे बच्चों का पढ़ाई में मन लगता है। अगर घर को वास्तु के अनुसार रखा जाए तो इससे बच्चों का फोकस बना रहता है और वे ज्यादा एकाग्रता के साथ पढ़ाई करने में सफल होते हैं, जिसका नतीजा अच्छे रिजल्ट्स के रूप में सामने आता है।
बच्चोंका कमरा वास्तु के अनुसार होने से उन्हें अच्छी नींद अच्छी आती है, उनकी स्मरण शक्ति बढ़ती है और सेल्फ स्टडी में भी उनका मन लगता है। इसी का नतीजा एक्जाम में उनके अच्छे रिजल्ट के तौर पर सामने आता है। वास्तु एक्सपर्ट नरेश सिंगल आज आपको बता रहे हैं कुछ ऐसे टिप्स, जिनके जरिए आप बच्चों का कमरा वास्तु सम्मत बना सकती हैं।
इसे जरूर पढ़ें: घर में नहीं टिक रहा है पैसा तो इन कारगर तरीकों से दूर करें वास्तुदोष
ये वास्तु टिप्स आएंगे काम

- वास्तु के अनुसार छोटे बच्चों का बेडरूम पश्चिम दिशा में बनाना चाहिए। बेटी का बेड रूम उत्तर-पश्चिम में बनाएं, वहीं लड़के के लिए उत्तर एवं पूर्व दिशा में बेडरूम बनाएं।
- बच्चों के बेडरूम का दरवाजा उत्तर या पूर्व दिशा में हो और जहां तक हो सके दरवाजा एक ही लगाएं।
- कमरे में खिड़कियां दरवाजे की विपरीत दिशा में हों। खिड़की अगर पश्चिमी दीवार पर हो, तो वह उत्तर व पूर्व की दीवार में बनी खिड़की की तुलना में छोटी होनी चाहिए।
- फर्नीचर दीवार से सटाकर नहीं, बल्कि कुछ इंच की दूरी पर रखें।
- बेड दक्षिण दिशा में रखना चाहिए। बेड के चारों ओर थोडा-सा खुला स्थान छोड़ें। अगर यह संभव न हो तो बेड को दक्षिण-पश्चिमी कोने में अथवा दक्षिणी या पश्चिमी कोने में रख सकते हैं।
इसे जरूर पढ़ें:वास्तु के ये शुभ प्रतीक लाएं तो घर में होगा सुख और समृद्धि का वास
- सोते समय बच्चों को अपना सिर पूर्व की ओर रखना चाहिए। इससे उनकी स्मरण-शक्ति बढ़ती है।
- अलमारी या कैबिनेट को कमरे में दक्षिणी या पश्चिमी हिस्से में रखें।
- कंप्यूटर और टेलिविजन बच्चों के कमरे में नहीं रखने चाहिए। अगर रखें तो टेलीविजन दक्षिण-पूर्व में जबकि कंप्यूटर पूर्वी दिशा में लगाएं।
- बच्चों के बेड रूम में एलसीडी मोनिटर नहीं लगाना चाहिए। एलसीडी मॉनिटर में लगा शीशा नकारात्मक ऊर्जा का संवाहक बनता है, इसीलिए वह बच्चों के बेड रूम के लिए ठीक नहीं है।
- कमरे में अगर स्टडी टेबल रखनी हो तो उसे दक्षिण दिशा में रखें, जिससे अध्ययन के दौरान बच्चे का मुख उत्तर, पूर्व अथवा उत्तर-पूर्व में रहे। इससे वे पढ़ाई में एकाग्रचित होंगे।
- बच्चों के कक्ष में प्रकाश के लिए लाइट दक्षिण-पूर्व में लगाएं। ध्यान रखें कि बच्चों के कमरे में स्पॉट लाइट या तेज रोशनी वाली लाइट्स न हों। यह मानसिक तनाव का कारण बनती हैं।
- बच्चों के कमरे में हरा रंग सबसे बेहतर होता है। यह रंग ताजगी और शांति प्रदान करता है।
इन उपायों को अपनाएं और कुछ ही दिनों में आपको अपने बच्चों में सकारात्मक बदलाव नजर आने लगेगा। दरअसल बच्चों का कमरा वास्तु सम्मत होने से उन्हें ज्यादा से ज्यादा पॉजिटिव एनर्जी मिलती है, जिसका उन पर काफी अच्छा प्रभाव पड़ता है। और नतीजा ये होता है कि बच्चों की छोटी-छोटी चीजों के लिए आपको परेशान होने की जरूरत नहीं पड़ती, बल्कि बच्चे खुद अपनी चीजों के लिए सजग हो जाते हैं।
हमारा उद्देश्य अपने आर्टिकल्स और सोशल मीडिया हैंडल्स के माध्यम से सही, सुरक्षित और विशेषज्ञ द्वारा वेरिफाइड जानकारी प्रदान करना है। यहां बताए गए उपाय, सलाह और बातें केवल सामान्य जानकारी के लिए हैं। किसी भी तरह के हेल्थ, ब्यूटी, लाइफ हैक्स या ज्योतिष से जुड़े सुझावों को आजमाने से पहले कृपया अपने विशेषज्ञ से परामर्श लें। किसी प्रतिक्रिया या शिकायत के लिए, compliant_gro@jagrannewmedia.com पर हमसे संपर्क करें।