शीला अपने राजू से परेशान है तो राधिका अपनी पिंकी से। दोनों दिनभर अपने बच्चों को खाना खिलाने से लेकर पढ़ाई करने तक जूझती रहती हैं क्योंकि बच्चे उनकी बातें अनसुनी कर अपने काम में मगन रहते हैं। अगर आपका भी कुछ साल पहले मम्मी बनी हैं तो मुमकिन है कि आप भी ऐसी ही समस्या से जूझ रही हों। जब आप बॉलीवुड एक्ट्रेसेस को उनके क्यूट-क्यूट बेबीज के साथ देखती होंगी तो आपके मन में ये सवाल जरूर आता होगा कि क्या वो भी आपकी तरह ही बच्चों के मान-मनौव्वल में जुटी रहती होंगी।

आपको बता दें कि करीना कपूर खान हों या शिल्पा शेट्टी, किरण राव हों या मीरा राजपूत, एश्वर्या राय हों या फराह खान, सभी अपने बच्चों की अच्छी खासी पैंपरिंग करती हैं और उनके नाज-नखरे उठाने के लिए तैयार रहती हैं। 

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आजकल ज्यादातर पेरेंट्स इस समस्या से जूझ रहे हैं। जब बच्चे लगातार आपकी बात अनसुनी करते हैं तो झुंझलाहट में आप उन पर गुस्सा करती हैं या पिटाई कर देती हैं। आपको लगता है कि बच्चे आपको रेसपेक्ट नहीं दे रहे लेकिन असली समस्या कुछ और है। आपको इस विषय में संजीदा तरीके से सोचने की जरूरत है ताकि आप बच्चे की साइकोलॉजी को समझते हुए उसके व्यवहार को बदल सकें। बच्चे आपकी बातों पर पॉजिटिवली रेसपॉन्ड करें, इसके लिए आप अपनी तरफ से ये प्रयास कर सकती हैं-

बच्चे का मूड देखकर करें बात

अक्सर देखा जाता है कि पेरेंट्स बच्चों से अपने हिसाब से कोई काम करने को कह देते हैं और चाहते हैं कि बच्चे उस काम को झटपट कर दें। आपको यह समझने की जरूरत है कि क्या बच्चा आपको सुनने के लिए तैयार है। मुमकिन है कि जब आप उससे कुछ कह रही हों तो वह खेलने के मूड में हो, बहुत थका हुआ हो या फिर वह अपने मन का कुछ करना चाहता हो। ऐसे में आप बच्चे का मूड भांपने की कोशिश करें।

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अगर बच्चा किसी काम में लगा हुआ है तो बेहतर होगा कि पहले आप उसे वह काम पूरा करने दें और उसके बाद ही उससे कुछ कहें। आप कह सकती हैं, 'अभी तो तुम बिजी दिख रहे हो, क्या थोड़ी देर में हम बात कर सकते हैं?

बच्चे को काम को दोहराने का मौका दें

बच्चे का अटेंशन पाने का एक आसान तरीका है उससे वह बात दोहराने को कहना जो आपने उससे कही है। इससे बच्चा आपकी बात में इन्वॉल्व होगा और उस काम को करने के बारे में सोचेगा। अगर वह आपकी कही बात दोहरा देता है तो आप इस बात के लिए निश्चिंत हो सकती हैं कि उसने आपकी बात समझ ली है। जाहिर है इससे बच्चे के आपकी बात मानने के आसार बढ़ जाएंगे।

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प्यार भरे स्पर्श के साथ करें बात

अगर आप बच्चे को सिर पर हाथ फेरते हुए, किस करते हुए या फिर पीठ थपथपाते हुए कुछ समझाएं तो वे आपकी बात ज्यादा ध्यान से सुनते हैं। बच्चे अलग-अलग तरह से सीखते हैं। जब हम उनसे बोलने के साथ-साथ स्पर्श भी करते हैं तो उनका अटेंशन स्पेन बढ़ जाता है। इस बात का ध्यान रखें कि प्यार भरे स्पर्श से ही बच्चा आपसे प्रेरित होता है, अगर आप गुस्से से बच्चे को खींचें या चपत लगा दें तो उसका बच्चे के ऊपर उल्टा असर होता है। 

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जब बच्चा सुने आपकी बात तो गिफ्ट्स देकर उसे खुश करें

अगर आप क्रिएटिव तरीके से बच्चे को अपनी बात सुनने के लिए इंस्पायर करना चाहती हैं तो हर बार जब बच्चा आपका कहा माने, आप उसे उसकी मनचाही चीज गिफ्ट के रूप में दे सकती हैं, उसके लिए उसका मनपसंद खाना बना सकती हैं, उसके साथ उसका फेवरेट गेम खेल सकती हैं। अगर आप चाहती हैं कि बच्चा आपके साथ डिनर टेबल पर आ जाए तो आप कुछ देर पहले ही टीवी बंद कर दें और उसे खाना खाने के बाद टीवी देखने की इजाजत दे दें। इस तरह से आप बच्चों को रिवॉर्ड देते हुए उनसे आसानी से काम करा सकती हैं।

हर बात के लिए बच्चे को मत डांटें

बच्चों से जुड़ी कुछ चीजें ज्यादा महत्वपूर्ण होती हैं। आपको इस बात पर ध्यान देने की जरूरत है कि आप महत्वपूर्ण चीजों के लिए ही बच्चों को जोर देकर काम करने को कहें। अगर आप हर काम को जल्दी करने का दबाव बनाएंगी तो मुमकिन है आपकी बात पर ध्यान देना ही छोड़ दे या फिर वह अहम कामों को करने में बहुत रुचि ना दिखाए। मसलन अगर बच्चे ने कमरे में खिलौने बिखरे छोड़ दिए हैं, ड्रेस गंदा कर लिया है, किसी सामान का नुकसान कर दिया है, तो ऐसी चीजों पर बहुत गुस्से से रिएक्ट ना करें, बल्कि उन्हें प्यार से इस बारे में समझाएं।

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बच्चे की भी बातें सुनें

जब आप बच्चे की बातें अटेंटिवली सुनती हैं तो एक तरह से आप उसे मोटीवेट करती हैं कि वह आपका कहना माने। अगर आप बच्चे को रेसपेक्ट और भरपूर प्यार देंगी तो निश्चित रूप से इसका बच्चे पर पॉजिटिव असर होगा। इसके जवाब में बच्चा भी आपका कहना मानेगा।