'खतरों से आगाह होने के बावजूद अपने बच्चों की तस्वीरें आनलाइन साझा कर रहे भारतीय पेरेंट्स'

सोशल मीडिया साइट्स पर अक्सर पेरेंट्स अपने बच्चों की तस्वीरें साझा करते हुए नजर आते हैं। चाहें वे सेलेब्रिटीज हों या आम इंसान, बच्चों के बर्थडे से लेकर घर की पार्टी और फंक्शन्स में बच्चों की ढेर सारी तस्वीरें ट्विटर, इंस्टाग्राम और फेसबुक पर नजर आती हैं। हालांकि भारतीय पेरेंट्स इस बात को लेकर जागरूक हैं कि अपने बच्चों की तस्वीर को ऑनलाइन पोस्ट करने वे गलत हाथों में पहुंच सकती हैं, लेकिन फिर भी ज्यादातर पेरेंट्स अपने बच्चों से बिना इस बारे में चर्चा किए उनकी तस्वीरें ऑनलाइन साझा करते हैं। ग्लोबल साइबर सुरक्षा कंपनी मैकेफी के एक सर्वे में यह बात सामने आई है।

फोटो शेयर करने में मुंबई के पेरेंट्स सबसे आगे
'द एज ऑफ कन्सेंट' शीर्षक वाले सर्वे में पाया गया कि भारत में 40 फीसदी पेरेंट्स अपने सोशल मीडिया एकाउंट्स पर दिन में कम से कम एक बार अपने बच्चों की एक तस्वीर या वीडियो पोस्ट करते हैं, जबकि 36 फीसदी एक हफ्ते में अपने बच्चे की तस्वीर पोस्ट करते हैं। दिन में एक बार बच्चों की तस्वीर साझा करने वालों में मुंबई के पेरेंट्स सबसे आगे हैं।
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सॉफ्ट टार्गेट हैं बच्चे, पेरेंट्स बरतें सावधानी
सर्वे में ज्यादातर पेरेंट्स ने ऑनलाइन तस्वीर साझा करने से जुड़ी मुख्य चिंताओं में बाल यौन शोषण (16.5 प्रतिशत), पीछा करना (32 प्रतिशत), अपहरण (43 प्रतिशत) और साइबर धमकी (23 प्रतिशत) की पहचान की है। अपने बच्चों की सेफ्टी के लिए चिंता करने के बावजूद 62 फीसदी पेरेंट्स ने अपने बच्चों की तस्वीरें साझा करते हुए यह सोचने की जरूरत नहीं समझी कि इसमें उनके बच्चे की सहमति होगी या नहीं।
चाइल्ड ट्रैफिकिंग और बाल अपराध अंजाम देने वाले अराजक तत्व अक्सर सोशल मीडिया से जानकारी उठाकर सॉफ्ट टार्गेट (बच्चों ) तक पहुंच जाते हैं। इसके बारे में पेरेंट्स को संजीदा होने की जरूरत है। अपने ग्रुप या सोशल सर्किल में बच्चे की क्यूटनेस या मजेदार एक्टिविटी पर वाहवाही लूटने से ज्यादा बच्चों की सुरक्षा के बारे में पेरेंट्स को फिक्रमंद होना चाहिए। पेरेंट्स को कोशिश करनी चाहिए कि वे रेगुलर बेसिस पर अपने बच्चों के बारे में संवेदनशील सूचना या उनकी तस्वीर कतई साझा ना करें, जिसका किसी तरह से गलत फायदा उठाया जा सके। मैकेफी के एक सर्वे में पाया गया कि 76 फीसदी पेरेंट्स ने कहा कि बच्चों की तस्वीरें ऑनलाइन पोस्ट करते वक्त उसके गलत हाथों में जाने के खतरे से वे वाकिफ हैं।
उम्मीद है कि इस सर्वे के नतीजों को जानने के बाद आप निश्चित रूप से अपने बच्चे की सेफ्टी का ध्यान रखेंगी और अपने बच्चे के बारे में किसी तरह की संवेदनशील जानकारी या फोटो सोशल मीडिया पर पोस्ट करने से परहेज करेंगी।
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