ऑनलाइन बैंकिंग और पेमेंट एप्स जैसे यूपीआई, गूगल पे, पेटीएम आदि का इस्तेमाल अब आम हो गया है। हर तरफ डिजिटल पेमेंट्स का ही बोलबाला है। ये सुरक्षित भी हैं और कैश ट्रांजैक्शन्स की तरह इनमें चिल्लर पैसे और फटे हुए नोटों की परेशानी भी नहीं होती, लेकिन जिस तरह ये सुरक्षित हैं उसी तरह हमारी एक गलती से ये नुकसानदेह भी साबित हो सकते हैं। दरअसल, ऑनलाइन ट्रांजैक्शन करते-करते हम इतने आदि हो जाते हैं कि हमारा स्कैम्स और फ्रॉड की तरफ नहीं जाता है। 

बैंक से जुड़े स्कैम्स काफी परेशान कर सकते हैं और आपकी जमा पूंजी को खत्म कर सकते हैं। बैंकिंग ट्रांजैक्शन में न सिर्फ फ्रॉड की गुंजाइश रहती है बल्कि गलती की गुंजाइश भी रहती है। दरअसल, एक नंबर भी ऊपर-नीचे हो जाए तो आप गलत ट्रांजैक्शन कर सकते हैं। इसके बारे में हमने स्मार्टफोन और गैजेट रिव्यूअर महेश टेलिकॉम के सह संस्थापक मनीष खत्री से बात की। उनका कहना है कि बैंकिंग ट्रांजैक्शन में ओटीपी की अहमियत को कम नहीं समझना चाहिए। ये ही सबसे जरूरी कड़ी होता है जो आपको स्कैमर्स से बचा सकता है। 

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अगर आप ऑनलाइन बैंकिंग करते हैं तो हम आपको बताते हैं वो 7 बातें जिन्हें आपको नजरअंदाज़ नहीं करना चाहिए। 

1. बैंकिंग ट्रांजैक्शन के लिए कभी न यूज करें पब्लिक वाई-फाई

आपके लिए ये सबसे जरूरी है कि आप किसी पर्सनल नेटवर्क पर ही ऑनलाइन ट्रांजैक्शन करें। ऑनलाइन ट्रांजैक्शन करने के लिए आपने अगर पब्लिक वाई-फाई नेटवर्क या इंटरनेट कनेक्शन चुना तो ये हो सकता है कि आपकी पर्सनल डिटेल्स हैकर्स के पास चली जाएं। ऑनलाइन बैंकिंग ट्रांजैक्शन में आपकी लोकेशन से लेकर पर्सनल आईडी पासवर्ड आदि भी इस्तेमाल होता है इसलिए बेहतर होगा कि आप इसे प्राइवेट नेटवर्क पर ही करें। 

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2. पब्लिक चार्जिंग स्टेशन्स पर मोबाइल चार्जिंग से बचें-

आपके लिए ये जरूरी होगा कि आप फोन को या तो घर पर चार्ज करें या फिर आप अपने पर्सनल चार्जिंग बैटरी बैकअप का इस्तेमाल करें। ऐसा इसलिए क्योंकि पब्लिक चार्जिंग स्टेशन पर कई बार एक्स्ट्रा यूएसबी डिवाइज या अडैप्टर लगे होते हैं जो आपके फोन से डेटा चुराने का काम कर सकते हैं। 

3. गूगल से नंबर न सर्च करें, बैंकिंग साइट पर भरोसा करें- 

अक्सर लोगों की आदत होती है कि वो गूगल पर कस्टमर केयर नंबर सर्च कर उसे ही डायल कर देते हैं। ऐसे में स्कैम होने की गुंजाइश भी होती है। आपके लिए बेहतर होगा कि आप बैंकिंग वेबसाइट या आधिकारिक चैनल के जरिए ही नंबर निकालें।  

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4. थर्ड पार्टी एप्स से रहें दूर- 

आपने कई बार सुना होगा कि गूगल और एपल स्टोर से कई एप्स को बैन कर दिया गया है क्योंकि वो हमारे स्मार्टफोन का डेटा चुराते हैं। इसलिए जरूरी है कि आप अपने एप्स गूगल प्ले या एप्पल स्टोर जैसे आधिकारिक स्टोर्स से ही डाउनलोड करें। 

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5. स्मार्टफोन में हमेशा इंस्टॉल करें अपडेट्स- 

स्मार्टफोन की सुरक्षा इसलिए भी जरूरी होती है कि उसमें कई पासवर्ड्स आदि सेव रहते हैं और जो भी नई अपडेट्स आती हैं वो असल में फोन की सुरक्षा बढ़ाती हैं। इसलिए इन्हें इग्नोर न करें। नया ऑपरेटिंग सिस्टम हमेशा लेटेस्ट सिक्योरिटी पैचेज के साथ आता है जिससे हैकर्स आसानी से उसे हैक न कर पाएं।  

6. किसी भी लिंक पर बिना जांच के क्लिक न करें- 

एसएमएस, ईमेल आदि के जरिए अगर आपके पास कोई लिंक आया है, कोई पेमेंट की जानकारी दी जा रही है, किसी लिंक में लोन संबंधित जानकारी की बात है, कुछ और कहा जा रहा है जैसे सिर्फ आपके लिए ये ऑफर आदि तो फिर इसे क्लिक न करें। स्पैम और स्कैम दोनों इसी तरह के लिंक्स के जरिए होता है। अगर देखा जाए तो इस तरह के लिंक्स सबसे ज्यादा असुरक्षित होते हैं।  

7. ओटीपी का रखें खास ख्याल- 

हमेशा टू-स्टेप वेरिफिकेशन चुनें। आप किसी भी हाल में ओटीपी, केवाईसी जैसी जानकारी किसी अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर शेयर न करें। ये सबसे आसान तरीका होता है हैकर्स का आपकी पर्सनल जानकारी चुराने का।  

इसके अलावा आपके लिए परफेक्ट पासवर्ड रखना भी जरूरी है। अपने पासवर्ड को हमेशा छुपाकर रखें और साथ ही साथ अपने पासवर्ड को किसी के साथ शेयर न करें। आसान पासवर्ड रखना सही नहीं है और सभी अकाउंट्स के लिए एक जैसा पासवर्ड भी न रखें।  

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