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पीरियड्स होने पर इस राज्य में खुशी से मनाया जाता है त्योहार, लड़की को नहीं मानते अछूत

आज भी पीरियड्स जैसे विषय पर खुलकर बात नहीं की जाती है। वहीं भारत में एक ऐसा राज्य है जहां इसे त्योहार की तरह मनाया जाता है।
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Published -23 May 2022, 17:57 ISTUpdated -24 May 2022, 10:31 IST
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tamil nadu  period ritual in hindi

हर महीने करीब 4-5 दिन महिलाओं के शरीर से खून निकलता है। जिसे पीरियड्स कहा जाता है। इस समय महिलाओं के शरीर में कई तरह के बदलाव आते हैं। इन बदलावों को परिपक्वता की निशानी कहा जाता है। लेकिन आज भी भारत देश में कई जगहों पर इस दौरान महिलाओं के साथ भेदभाव किया जाता है। वहीं तमिल नाडु एक ऐसा शहर है जहां लड़की के पहले पीरियड्स पर खुशी मनाई जाती है। यहां इसे एक त्योहार के रूप में सेलिब्रेट किया जाता है। चलिए विस्तार से जानते हैं इसके बारे में। 

मंजल निरातु विजा त्योहार 

तमिल नाडु में पीरियड्स के इस त्योहार को मंजल निरातु विजा कहा जाता है। इस दौरान लड़कियों को इस बात से अवगत कराया जाता है कि अब वह महिला बनने की ओर आगे बढ़ रही हैं। उनके जीवन में एक नया सफर शुरू हो चुका है। इसलिए यह त्योहार मनाया जाता है।

भव्य होता है समारोह

tamil nadu period related ritual

पहले पीरियड्स पर लड़की के सभी रिश्तेदारों को बुलाया जाता है। बकायदा कार्ड भी छपवाए जाते हैं। बेहद ही भव्य समारोह होता है। लड़की का चाचा नारियल, आम और नीम के पत्तों से एक झोपड़ी बनाता है, जिसे कुदिसाई भी कहते हैं। इस झोपड़ी में लड़की के लिए बेहद ही स्वादिष्ट डिशेज रखी जाती हैं। साथ ही एक धातु की झाडू भी रखी जाती है। जिससे झोपड़ी को साफ किया जाता है। 

हल्दी के पानी से नहलाया जाता है 

tamil nadu menstrual rituals

 हल्दी को हिंदू धर्म में बेहद शुभ माना जाता है। हर शुभ काम में हल्दी का इस्तेमाल किया जाता है। इसी तरह जब तमिल नाडु में किसी लड़की को पहली बार पीरियड्स होते हैं तो उसे हल्दी के पानी से नहलाया जाता है। इस समारोह में घर की सभी महिलाएं शामिल होती हैं। (महिलाएं पैर की उंगली में बिछिया क्यों पहनती हैं)

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पहनाई जाती है रेशम की साड़ी

menstrual rituals ()हल्दी के पानी से नहाने के बाद लड़की को रेशम की साड़ी पहनाई जाती है। वह साड़ी के साथ ज्वेलरी भी कैरी करती है। इस त्योहार पर लड़की को बिल्कुल दुल्हन जैसा सजाया जाता है। साथ ही कई उपहार भी दिए जाते हैं।  (जानें शादी से जुड़े अजीब रिवाज)

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'पुण्य धनम'से होता है समारोह संपन्न

मंजल निरातु विजा त्योहार 'पुण्य धनम'से खत्म होता है। 9वें, 11वें और 15वें  पर यह विधि पूरी की जाती है। इसी के बाद चाचा द्वारा लड़की के लिए बनाई गई झोपड़ी को तोड़ दिया जाता है। इसके बाद पंडित द्वारा छोटी सी पूजा की जाती है। 

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Image Credit: Freepik & Richardarunachala

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