डिलीवरी के बाद पहला पीरियड कब आता है? नई मां डॉक्टर से समझें 5 जरूरी बातें

अगर आपकी डिलीवरी डेट नजदीक है या हाल ही में डिलीवरी हुई है, तो बेशक आपके मन में कई सवाल उठ रहे होंगे। सभी महिलाओं के लिए प्रेग्नेंसी जर्नी अलग होती है और डिलीवरी और इसके बाद का अनुभव भी अलग हो सकता है। हम सभी इस बात को जानते हैं कि कंसीव करने के बाद 9 महीने तक पीरियड्स नहीं आते हैं, लेकिन फिर डिलीवरी के बाद कई दिनों तक ब्लीडिंग होती है। डिलीवरी के बाद हैवी ब्लीडिंग होती है और फिर कुछ दिनों हल्की ब्लीडिंग रहती है। यह यू्ट्रस के ठीक होने के प्रोसेस का एक हिस्सा है। डिलीवरी के बाद कितने वक्त तक पीरियड्स नहीं आते हैं और फिर नॉर्मल पीरियड कब आते हैं, क्या मां बनने के बाद पीरियड साइकिल में कुछ बदलाव होता है, चलिए इन सवालों के जवाब एक्सपर्ट से जानते हैं। इस बारे में डॉक्टर मनीषा रंजन, गायनेकोलॉजिस्ट-क्लाउडनाइन हॉस्पिटल, नोएडा जानकारी दे रही हैं।
डिलीवरी के बाद पहला पीरियड कब आता है?

- डिलीवरी के बाद हर महिला का शरीर अलग तरह से रिकवर होता है, इसलिए पहला पीरियड लौटने का समय भी अलग-अलग हो सकता है। आमतौर पर, डिलीवरी के 6 से 8 सप्ताह यानी डेढ़ से दो महीने बाद पीरियड आ सकता है, लेकिन यह आपकी ब्रेस्टफीडिंग की आदतों, हार्मोनल बदलाव, और बॉडी रिकवरी पर निर्भर करता है।
- अगर आप ब्रेस्टफीडिंग करवा रही है यानी बच्चा सिर्फ मां का दूध पी रहा है, तो पीरियड 6 महीने या उससे भी ज्यादा देर से आ सकता है। असल में प्रोलैक्टिन हार्मोन, जो दूध बनाने में मदद करता है, वो अंडाशय को ओव्यूलेशन से रोकता है और इस वजह से पीरियड्स डिले होते हैं।
- अगर आप फॉर्मूला दूध या दूध और ब्रेस्टफीड दोनों दे रही हैं, तो पीरियड लगभग 6-12 हफ्तों में लौट सकता है।
- पहले कुछ महीनों तक पीरियड कम-ज्यादा, अधिक दर्द वाला या अलग रंग का हो सकता है। यह सामान्य है और समय के साथ नियमित हो जाता है। आपको इससे घबराने की बिल्कुल जरूरत नहीं है।
- कई महिलाएं सोचती हैं कि डिलीवरी के बाद पीरियड आने तक वे प्रेग्नेंट नहीं हो सकती हैं, लेकिन ओव्यूलेशन पीरियड से पहले होता है, इसलिए अगर आप गर्भधारण नहीं चाहतीं, तो डॉक्टर से सेफ बर्थ कंट्रोल के बारे में बात जरूर करें।
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डिलीवरी के बाद पीरियड में नजर आएं ये बातें, तो डॉक्टर से जरूर मिलें

- अगर आपको बहुत अधिक ब्लीडिंग हो यानी हर 1 घंटे में पैड बदलने की जरूरत पड़े, तो यह नॉर्मल नहीं है।
- पीरियड्स में बहुत ज्यादा ब्लड क्लॉट आने पर भी डॉक्टर को दिखाएं।
- अगर हैवी ब्लीडिंग और ब्लड क्लॉट्स के साथ बुखार भी आए, तो यह ट्यूमर का लक्षण हो सकता है। इसके अलावा यह किसी इंफेक्शन का संकेत भी हो सकता है।
- अगर आपको तेज पेट में दर्द रहे और ब्रेस्टफीडिंग न करवाने पर भी 2-3 महीने तक पीरियड्स न आए, तो यह सही नहीं है।
एक्सपर्ट का कहना है कि डिलीवरी के बाद आपको किसी भी मिथ पर यकीन नहीं करना चाहिए। अगर मन में कोई सवाल हो, तो डॉक्टर की सलाह जरूर लें। हर जिंदगी के वेलनेस सेक्शन में हम इसी तरह अपने आर्टिकल्स के जरिए स्वास्थ्य से जुड़ी समस्याओं के बारे में आप तक सही जानकारी पहुंचाने की कोशिश करते रहेंगे।
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