विद्या बालन की आगामी फिल्म 'शकुंतला देवी' का ट्रेलर रिलीज हो गया है। यकीनन विद्या ने इस फिल्म में अपना रोल बखूबी निभाया है और इसका अंदाज़ा आप ट्रेलर से ही लगा सकते हैं। ट्रेलर की शुरुआत होती है वहां से जहां विद्या खुद को शकुंतला के रूप में इंट्रोड्यूस करती हैं। विद्या का अंदाज़ मजाकिया है और ये उस जीनियस मैथेमेटीशियन की झलक दिखाता है जिन्हें हम शकुंतला देवी के नाम से जानते हैं। इस ट्रेलर में ऐसे कई उतार-चढ़ाव देखे जा सकते हैं जो फिल्म के लिए हमारी रुचि बढ़ा देते हैं। तो चलिए जानते हैं कि आखिर क्या हैं इस फिल्म के ट्रेलर से जुड़ी खास बातें।

1. विद्या की बदली हुई एक्सेंट-

ट्रेलर में जहां भी विद्या की जवानी का दौर दिखाया जा रहा है वहां विद्या की एक्सेंट बदली हुई है और गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में अपना नाम दर्ज करवाने और लंदन में सक्सेस हासिल करने के बाद विद्या फर्राटेदार तरीके से इंग्लिश बोलती हैं। एक्सेंट का ये हल्का सा बदलाव साबित करता है कि विद्या बालन ने अपने इस किरदार में जान डालने के लिए कितनी मेहनत की है। खास तौर पर एक डायलॉग है जिसमें विद्या कहती हैं कि, 'We Indians Are like that only drama or nothing', यहां पर उनका एक्सेंट और स्टेज पर मैथ्स के इक्वेशन सॉल्व करते समय उनका एक्सेंट अलग है।

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2. शकुंतला देवी की जिंदगी का सार-

शकुंतला देवी की जिंदगी के बारे में हमने अभी तक यही सुना था कि वो मैथेमेटिक्स जीनियस थीं। पर उनकी पर्सनल लाइफ के बारे में ज्यादा जानकारी नहीं दी गई थी। कर्नाटक में 1929 में पैदा हुईं शकुंतला देवी ने 1982 में गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में अपना नाम दर्ज करवाया था। बिना किसी फॉर्मल एजुकेशन के भी शकुंतला देवी मुश्किल से मुश्किल मैथ्स प्रॉब्लम्स हल कर लेती थीं। उन्होंने कई किताबें लिखी हैं, दुनिया में काफी नाम कमाया है, लेकिन अपने परिवार और खासतौर पर अपनी बेटी के साथ उनकी बॉन्डिंग कैसी थी ये हमें फिल्म देखकर पता चलेगा। फिल्म में शकुंतला की बेटी का किरदार सान्या मल्होत्रा ने निभाया है।

 
 
 
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3. ह्यूमन कंप्यूटर-

फिल्म में कुछ सीन्स ऐसे भी हैं जहां विद्या बालन ने बहुत ही आसानी से नंबर्स को बोला है। ये उनके लिए आसान नहीं रहा होगा। कई मुश्किल कैल्कुलेशन्स को याद कर ऐसे मैथ्स को किसी भाषा के तौर पर बोलना काफी मुश्किल है और विद्या बालन ने ये साबित कर दिया कि वो यकीनन बहुत ही आगे हैं इस मामले में।

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4. डायलॉग्स का जादू-

'जब ऑसम हो सकती हूं तो नॉर्मल क्यों बनूं', इस फिल्म में विद्या ने ऐसे कई रोचक डायलॉग्स बोले हैं और यकीनन इनकी वजह से फिल्म और भी ज्यादा इंट्रस्टिंग लगती है।



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5. हर मां को अपने बच्चों की देखभाल के लिए नोबेल प्राइज मिलना चाहिए क्या?

सान्या मल्होत्रा इस ट्रेलर में अपनी मां से कहते हुए दिखती हैं, 'अपनी बेटी की देखभाल के लिए आपको नोबेल प्राइज मिलना चाहिए', ये एक बहुत अहम डायलॉग है जो जाहिर करता है कि हर वर्किंग मदर अपने बच्चों की देखभाल के लिए कितनी मेहनत करती है। अक्सर ये सीधा सा टाइटल दे दिया जाता है कि वर्किंग वुमेन होना आसान है, लेकिन मां बनना नहीं पर उन महिलाओं के बारे में भी बात करनी जरूरी है जिन्हें ये दोनों ही करने हैं। उनके स्ट्रगल्स बहुत हद तक वही महिलाएं समझ सकती हैं।

shakuntala devi and her role

बहरहाल, फिल्म देखने के बाद ही पता चलेगा कि आखिर फिल्म की कहानी क्या है, लेकिन फिलहाल तो इतना कहा जा सकता है कि विद्या ने इस ट्रेलर में जान डाल दी है।

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