ज्‍योतिष शास्‍त्र में राहु-केतु को छाया ग्रह माना गया है। इन्‍हें असुर ग्रह भी कहा जाता है। कुंडली में इनकी स्थिति बिगड़ने पर व्यक्ति को जीवन में गंभीर समस्याओं का सामना करना पड़ता है। इसलिए शनि ग्रह के बाद सबसे अधिक लोगों को राहु-केतु ग्रह से भय लगता है। शनि ग्रह की शांति के साथ-साथ राहु-केतु ग्रह का शांत होना भी सुखी जीवन के लिए अनिवार्य है। 

इस विषय में हमने भोपाल के ज्योतिषाचार्य एवं हस्तरेखार्विंद विशेषज्ञ शास्त्री विनोद सोनी पोद्दार से बातचीत की और जाना कि राहु-केतु की कुंडली में दशा खराब होने के लक्षण क्या होते हैं और इसके प्रकोप से कैसे बचा जा सकता है? 

पंडित जी कहते हैं, 'बेशक नाम में राहु-केतु दो शब्द आते हों, मगर यह ग्रह एक ही है और इस ग्रह का अपना कोई अस्तित्व नहीं है। इसलिए कुंडली में जिस ग्रह के साथ राहु-केतु बैठ जाते हैं, उसी के अनुरूप व्यक्ति को जीवन में प्रभाव देखने पड़ते हैं।'

कुंडली में राहु-केतु की स्थिति खराब होने के लक्षण 

  1. नकारात्मक विचार आना। 
  2. विवाह में विलम्ब होना। 
  3. जीवनसाथी की अकाल मृत्यु होना।  
  4. मेहनत करने के बावजूद व्यापार और नौकरी में असफलताएं मिलना।  
  5. उपचार के बाद भी संतान न हो पाना। 
  6. जीवनसाथी से अकारण विवाद होना।
 
rahu ketu graha effects on job

राहु-केतु को शांत करने के उपाय 

बीज मंत्र का जाप 

राहु-केतु ग्रह की शांति के लिए नियमित 108 बार इसके बीज मंत्र (राहु का बीज मंत्र – ॐ रां राहवे नमः एवं केतु का बीज मंत्र –ॐ क्र केतवे नमः) का जाप करें। इस तरह आपको 18000 बार दोनों के बीज मंत्र का जाप करना है। जब यह संख्‍या पूरी हो जाए, तब आप इस मंत्र के जाप को बंद कर सकते हैं। 

हनुमान जी की पूजा करें 

मंगलवार के दिन नीले रंग के कपड़े में तिल बांधकर हनुमान जी को अर्पित करें, साथ ही हनुमान जी के आगे सरसों के तेल का दीपक जला कर हनुमान चालीसा का पाठ करें। ऐसा करने पर राहु-केतु ग्रह का प्रकोप शांत हो जाएगा।

rahu ketu graha effects

चंदन का प्रयोग करें 

चंदन का गुण होता है, शरीर को ठंडक, मन को शांति और दिमाग को स्थिरता पहुंचाना। अगर कुंडली में राहु-केतु खराब दशा में है, तो जाहिर है कि आपके मन में नकारात्मक विचार आते होंगे। ऐसे में चंदन की माला धारण करें, चंदन की धूपबत्ती का प्रयोग करें या फिर चंदन का इत्र लगाएं। सबसे अच्‍छा होगा कि आप नाभि में चंदन का इत्र लगाएं। इससे नकारात्मकता आपसे कोसो दूर रहेगी। 

विवाह में मुश्किलों को समाप्त करने के उपाय 

अगर राहु-केतु की बिगड़ी हुई स्थिति के कारण जीवनसाथी से विवाद हो रहा है, तो आपको नियमित रूप से जल में कुशा (एक प्रकार की घास) डालकर शिव जी पर प्रतिदिन जलाभिषेक करना चाहिए। इसके अलावा, आप शनिवार के दिन पीपल के पेड़ के नीचे शाम के वक्त सरसों के तेल का दीपक भी जला सकते हैं। इसके अलावा आपको राधा-कृष्ण की पूजा करनी चाहिए। 

इसे जरूर पढ़ें: Astro Tips: विवाह से पहले 'मंगल दोष' के उपाय, पंडित जी से जानें

rahu ketu grah shanti remedies

राहु-केतु से आर्थिक स्थिति प्रभावित हो रही हो तो उपाय

मां दुर्गा को छाया रूपेण भी कहा गया है राहु-केतु भी छाया ग्रह हैं इसलिए राहु-केतु की शांति से जुड़े उपाय के लिए मां दुर्गा की पूजा करना लाभकारी रहेगा l आपको सोमवार के दिन भगवान शिव का व्रत रखना चाहिए और उन्हें सफेद रंग का मिष्ठान अर्पित करना चाहिए। इसके अलावा, आपको पूरे दिन (ॐ नमः शिवाय मंत्र) का जाप करते रहना चाहिए।  

Recommended Video

अन्‍य उपाय 

  • किसी भी मादक पदार्थ को हाथ न लगाएं और नशे की आदत को त्याग दें। 
  • शरीर में पानी की कमी न होने दें और पानी भरपूर मात्रा में पीएं। 
  • छ: मुखी रुद्राक्ष धारण करने से भी राहु-केतु से जुड़ी समस्याओं से छुटकारा मिल सकता है। 
  • नाग पर नाचते हुए कृष्ण की तस्वीर को समाने रखें और रोज 108 बार ओम नमो भगवते वासुदेवाय मंत्र का जप करें। 

अगर आपकी कुंडली में भी राहु-केतु की दशा खराब चल रही है, तो पंडित जी द्वारा बताए गए उपायों को एक बार आजमाकर जरूर दखें। यह आर्टिकल पसंद आया हो, तो इसे शेयर और लाइक जरूर करें। इसी तरह और भी ज्‍योतिष शास्‍त्र से जुड़ी बातें जानने के लिए पढ़ती रहें हरजिंदगी। 

Image Credit: Freepik