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'मून ऑफ बड़ौदा' डायमंड जिसका रहा है मर्लिन मुनरो से खास नाता, अब कहां है ये हीरा?

भारत के इतिहास को चमकाने वाले 'मून ऑफ बड़ौदा' डायमंड की कहानी जानें, पढ़ें ये आर्टिकल।  
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Published -16 May 2022, 19:08 ISTUpdated -16 May 2022, 19:17 IST
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भारत के इतिहास में ऐसी बहुत सारी बहुमूल्य चीजों का जिक्र मिलता है, जिन्हें अब हम देख तो नहीं पाते मगर उनसे जुड़ी रोचक बातें हमारा मन लुभाती हैं। इतिहास में ऐसे ही कुछ बेशकीमती गहने, हीरे और जेवरात के बारे में भी पढ़ने को मिलता है, जिनसे जुड़ी कहानियां वाकई आपको पुराने समय में ले जाएंगी। 

आज हम आपको एक ऐसे ही बेशकीमती हीरे 'मून ऑफ बड़ौदा' की कहानी सुनाने जा रहे हैं, जो अब कहां है किसी को नहीं पता, मगर इसका एक बेमिसाल इतिहास रहा है।  

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Heere Ka Rahasya

कहां पर पाया गया था 'मून ऑफ बड़ौदा' डायमंड?

भारत में कई जगह हीरे की खाने पाई जाती हैं। मगर 'मून ऑफ बड़ौदा डायमंड दक्षिण भारत में स्थित हैदराबाद के निकट 'गोलकोंडा' में मौजूद हीरे की खान से पाया गया था। 25.95 कैरेट यह हीरा सबसे पहले गुजरात प्रांत के नगर बड़ौदा के महाराजा के पास पहुंचा। तराशने के बाद यह डायमंड 24.04 कैरेट का हो गया और इसे पीयर शेप दिया गया है। इस हीरे को महाराजा की पगड़ी के लिए तैयार किया गया था। 

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कौन था इस हीरे का मालिक? 

नाशपाती के आकार का यह हीरा 15वीं शताब्दी के दौरान बड़ौदा पर राज करने वाले गायकवाड़ परिवार के पास था। ऐसा माना जाता है कि हैदराबाद के निजामों के बाद गायकवाड़, भारत के सबसे पुराने और संपन्‍न राजशाही परिवार में से एक थे। इन्हें दुनिया के सबसे अमीर राजाओं में से एक माना जाता था।  

बताया जाता है कि यह हीरा गायकवाड़ राजशाही परिवार के पास 15वीं और 16वीं शताब्दी तक रहा और फिर गायब हो गया। बाद में वर्ष 1943 में अमेरिका के लॉस एंजिल्स में ईस्‍टर्न फैशन फेस्टिवल में इस हीरे की प्रदर्शनी लगाई गई। बाद में कई लोगों ने इस हीरे को खरीदा और निलाम किया, मगर वर्ष 1950 में मेयर ज्‍वैलरी कंपनी के अध्यक्ष मेयर रोसेनबाउम ने इसे खरीद लिया। 

जब तक यह हीरा मेयर रोसेनबाउम के पास रहा इसे बहुत ज्यादा लोकप्रियता भी मिली। यह हीरा गले में पहन कर मर्लिन मुनरो ने फिल्‍म 'जेंटलमेन प्रेफर ब्लोंड्स' का प्रचार किया था और 'डायमंड्स आर ए गर्ल्स बेस्ट फ्रेंड' गाना गाया था। जो काफी फेमस हुआ था। 

बाद में यह हीरा कुछ वक्त के लिए ऑस्ट्रिया की रानी मारिया थेरेसा के पास भी रहा। बीच में इस हीरे के मालिक बदलते रहे और आखिर में वर्ष 2018 में हांगकांग में इस हीरे की नीलामी हो गई। यह नीलामी क्रिस्टी ज्वेलर्स की तरफ से करवाई गई थे। ऐसा बताया जाता है कि क्रिस्‍टी ज्वेलर्स के पास यह हीरा वर्ष 1990 में आया था। 

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कैसा दिखता है यह हीरा? 

इस हीरे को जब तराशा गया, तब इसे नाशपाती का आकार दिया गया। यह दिखने में पीले रंग का और पारदर्शी हीरा है। 

हीरे से जुड़ा मिथ 

इस हीरे से जुड़ा एक डार्क साइड भी है। ऐसा मिथ है कि इस हीरे का जो भी मालिक होता है, उसके लिए यह हीरा बहुत शुभ साबित नहीं होता है। यह भी कहा जाता है कि जिस किसी के पास ही यह हीरा रहा, उसकी बहुत जल्दी मृत्यु हो गई थी। 

गौरतलब है, कुछ दिन पहले ही हमने आपको पटियाला के महाराज रहे भूपिंदर सिंह के बेशकीमती हीरों के हार की कहानी भी सुनाई थी, जिसे हाल ही में 2930 'डी बियर्स हीरे' वाला 'पटियाला नेकलेस' मेट गाला में नजर आया था। यह नेकलेस अमेरिका की मशहूर यूट्यूब स्टार एम्मा चेम्बरलेन ने पहना था। 

इस बार हमने आपको 'मून ऑफ बड़ौदा' डायमंड के विषय में जानकारी दी है। आपको यह जानकारी पसंद आई हो तो इस आर्टिकल को शेयर और लाइक जरूर करें। इसी तरह और भी आर्टिकल्‍स पढ़ने के लिए जुड़ी रहें हरजिंदगी से।  

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