कोरोना महामारी ने न जाने कितने लोगों को घर से बेघर कर दिया। न जाने कितने लोग बेरोजगार हो गए और कितने बेसहारा। कुछ ऐसा रहा हमारे देश में कोरोना का कहर। लेकिन जब पूरा देश महामारी के कहर से जूझ रहा है, तब बहुत से ऐसे भी लोग हैं जो बेसहारा लोगों का सहारा बने और उनकी हर तरह से मदद की। ऐसा ही एक उदाहरण प्रस्तुत किया बड़ोदरा गुजरात के शाही परिवार की महारानी राधिका राजे ने। 

राधिका राजे गुजरात के शाही परिवार की होते हुए भी कोरोना काल में बेरोजगार हुए लोगों की पूरी मदद कर रही हैं और लॉकडाउन के दौरान, जिन कारीगरों ने अपनी आय का स्रोत खो दिया था उनका सहारा बनकर एक उदाहरण प्रस्तुत किया है। उन्होंने अपनी बहन के साथ मिलकर गांवों की यात्रा की और उनकी दुर्दशा के बारे में ऑनलाइन पोस्ट किया। उन्होंने 700 से अधिक परिवारों का महामारी के दौरान समर्थन किया। आइए जानें राधिका राजे के जीवन और अब तक के सफर की कुछ बातें जिनसे हमें प्रेरणा लेनी चाहिए। 

राधिका राजे का प्रारम्भिक जीवन 

radhika raje story

राधिका राजे का जन्म वांकानेर के एक शाही परिवार में हुआ था और उनका जीवन साधारण से अलग था। उनके पिता डॉ. रंजीत सिंह IAS थे और जब भोपाल गैस त्रासदी हुई थी, तब वह वहां तैनात थे। उस समय राधिका के परिवार ने भोपाल नहीं छोड़ा और उनके पिता ने लोगों की बढ़-चढ़ कर मदद की। उस समय राधिका मात्र 6 साल की थीं। कुछ साल बाद, राधिका के माता-पिता, बहन और वो दिल्ली आ गए। उनकी मां हमेशा उन्हें स्वतंत्र बनाना चाहती थीं, इसलिए राधिका पब्लिक बसों में स्कूल जाती थीं। राधिका हमेशा अपने पैरों पर खड़ी होना चाहती थीं। उन्होंने स्नातक करने के बाद एक मीडिया कंपनी में नौकरी की और उन्होंने मास्टर्स भी किया। 20 साल की उम्र में राधिका काम करने वाली परिवार की पहली महिला थीं। 

इसे जरूर पढ़ें:कथक डांसर मंजरी चतुर्वेदी कोरोना काल में बनीं गरीब कलाकरों की उम्मीद की किरण

परिवार का मिला पूरा सपोर्ट 

radhika raje with father

राधिका राजे ने humans of bombay को बताया कि उन्हें हमेशा परिवार का पूरा सपोर्ट मिला। एक पत्रकार के रूप में काम करते हुए, उनका समय अनिश्चित था। लेकिन उनके  माता-पिता सपोर्टिव थे- जब भी उन्हें काम से देर होती थी, तो उनके पिता उन्हें ऑफिस से पिक कर लेते थे। नौकरी करते हुए 3 साल के बाद उनके माता-पिता ने उनके जीवन साथी की तलाश शुरू की। राधिका किसी ऐसे लड़के से शादी करना चाहती थीं जो पूरी तरह से स्वतंत्र हो। 

राधिका राजे का विवाह  

radhika raje wedding pic

महारानी राधिका राजे ने साल 2002 में महाराजा सिमरजीत सिंह राव गायकवाड़ से शादी की। महाराजा सिमरजीत से शादी के बाद वो पूरी तरह से महारानी बनीं। महल की दीवारों पर रवि वर्मा के चित्र थे, इसलिए राधिका ने सोचा कि, क्यों न इन चित्रों से प्रेरित बुनाई की पुरानी तकनीकों को पुनर्जीवित किया जाए?' इस तरह, उन्होंने स्थानीय बुनकरों को सशक्त बनाने की कोशिश की। राधिका और उनकी सास ने बुनकरों के साथ काम किया और फिर अपनी साड़ियों को एक प्रदर्शनी में प्रदर्शित किया जिसमें सब कुछ बिक गया ! 

Recommended Video

कौन हैं महाराजा सिमरजीत सिंह

radhika  wedding samarjeet maharaja

महाराजा सिमरजीत सिंह, हिंदू मराठा राजवंश गायकवाड़ के वर्तमान प्रमुख हैं। वह एक पूर्व प्रथम श्रेणी क्रिकेटर थे और अब एक क्रिकेट प्रशंसक हैं। मोती बाग स्टेडियम में उनकी एक क्रिकेट अकादमी भी है। महाराजा सिमरजीत सिंह गायकवाड़ लक्ष्मी विलास पैलेस परिसर में 10-होल गोल्फ कोर्स में गोल्फ भी खेलते हैं। राधिका राजे का शाही परिवार भव्य लक्ष्मी विलास पैलेस में रहता है जो वडोदरा, गुजरात के मध्य में स्थित है। यह महाराजा सयाजीराव गायकवाड़ द्वारा 1890 में बनाया गया था। इसके निर्माण को पूरा करने में लगभग 12 साल लगे थे। महल के वास्तुकार मेजर चार्ल्स मंट थे। लक्ष्मी विलास पैलेस अब 142 साल पुराना हो गया है और अपनी खूबसूरती को अब तक कायम किए हुए है।

इसे जरूर पढ़ें: 7 बेटियों की मां होने पर सास देती थी ताने, आज Spice Girls के नाम से हैं मशहूर

लॉक डाउन में की गरीबों की मदद

radhika raje covid period 

लॉक डाउन के दौरान, कारीगरों ने जब अपनी आय का स्रोत खो दिया था। तब राधिका और उनकी बहन ने कई गावों में जाकर गरीबों की मदद का बीड़ा उठाया। उन्होंने अपनी बहन के साथ मिलकर गांवों की यात्रा की और उनकी दुर्दशा के बारे में ऑनलाइन पोस्ट किया। उन्होंने 700 से अधिक परिवारों का समर्थन किया और उनकी मदद की। लोगों को ऐसा लगता है कि रानी होने के नाते उन्होंने टियारा पहन रखा है, लेकिन वास्तविकता कोसों दूर है और राधिका ने कभी भी थाली में चीजों को स्वीकार नहीं किया है- उन्होंने परंपरा को तोड़ा है और अपनी सीमाएं तय की हैं। उन्होंने हमेशा वही किया जो वो शुरुआत से करना चाहती थीं। 

 
 
 
View this post on Instagram

A post shared by Radhikaraje Gaekwad (@radhikaraje)

शाही परिवार का हिस्सा होते हुए भी राधिका राजे का कोरोना काल में किया जाने वाला ये प्रयास वास्तव में प्रशंसनीय होने के साथ प्रेरणादायी भी है।

अगर आपको यह लेख अच्छा लगा हो तो इसे शेयर जरूर करें व इसी तरह के अन्य लेख पढ़ने के लिए जुड़ी रहें आपकी अपनी वेबसाइट हरजिन्दगी के साथ।

Image Credit: instagram.com Radhikaraje Gaekwad@radhikaraje