आमतौर पर ऐसा समझा जाता है कि अगर आप लेखन, मेकअप या किसी ऐसे क्षेत्र से जुड़ी हैं, जिसमें रचनात्मकता की जरूरत है तो आपकी क्रिएटिव थिंकिंग का बेहतर होना जरूरी है। लेकिन वास्तव में ऐसा नहीं है। आपके प्रोफेशन से भी अलग पर्सनल लाइफ में यहां तक कि जीवन के कई छोटे-बड़े निर्णयों को एक ट्विस्ट देने का माद्दा रखती है क्रिएटिव थिंकिंग। जब आप थोड़ा क्रिएटिव तरीके से सोचती हैं तो इससे आप चीजों व परिस्थितियों को थोड़ा अलग तरीके से समझती हैं। इसे इस तरह समझा जा सकता है कि अगर आपके बाथरूम में शैम्पू की बोतल खाली हो जाती है तो सामान्य महिलाएं उसे बेकार समझकर बाहर फेंक देती हैं। लेकिन अगर आप थोड़ा क्रिएटिव हैं तो शायद आप उसे फेंकने की जगह एक छोटा प्लांटर बना लें या फिर टूथब्रश होल्डर की तरह इस्तेमाल करना चाहें या फिर उससे पेंसिल और मेकअप ब्रश होल्डर बना लें। इस तरह आपका अलग तरीके से सोचना आपके लिए कितना लाभदायी हो सकता है। अब सवाल यह उठता है कि क्रिएटिव थिंकिंग को किस तरह बेहतर बनाया जाए। तो इसके लिए आप कुछ टिप्स अपना सकती हैं-

कंफर्ट जोन से निकलें बाहर

 creative thinking inside

हम सभी की यह आदत होती है कि हम अपनी पर्सनल और प्रोफेशनल लाइफ में हमेशा अपने कंफर्ट जोन में ही रहना चाहते है। यह आपके लिए यकीनन सुविधाजनक होगा। लेकिन जब आप ऐसा करते हैं तो आपके माइंड को कुछ नया करने व जानने का मौका नहीं मिलता। इसलिए अगर आप अपनी क्रिएटिव थिंकिंग को बेहतर बनाना चाहती हैं तो अपने कंफर्ट जोन से बाहर निकलें। आप उन किताबों या मैगज़ीन आदि को पढ़ें, जो अमूमन आप नहीं पढ़ती हैं। इससे आपको काफी कुछ नया जानने व सीखने को मिलेगा।

लिखने की डालें आदत

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यह भी एक मजेदार एक्सरसाइज है, जिसकी मदद से आपके माइंड में कुछ इंटरस्टिंग आईडियाज आते हैं। बस आप एक कॉपी लें और लिखना शुरू कर दें। जरूरी नहीं है कि आप हेडलाइन, टॉपिक या सबहेडिंग आदि लिखें। बस लिखते जाएं। आप देखेंगी कि आपका माइंड खुद ब खुद आगे की लाइनें आपको बताता चलेगा। यह आपको एक पागलपन लग सकता है, लेकिन वास्तव में यह आपके रचनात्मक ऊर्जा को बढ़ावा देने में मदद करता है। इतना ही नहीं, जब आप हर दिन लिखने की आदत डालती हैं तो इससे आपका मन काफी हल्का रहेगा और आप हमेशा खुश महसूस करेंगी।

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अलग हो खाना

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ऐसी कई स्टडीज हैं, जो यह बताती हैं कि खानपान सिर्फ हमारी सेहत ही नहीं, बल्कि सोचने की क्षमता को भी प्रभावित करता है। इसलिए अगर आप अलग तरह से सोचना चाहती हैं तो खाना भी अलग तरह से शुरू करें। आप अपनी डाइट में हेल्दी चीजों को अधिक से अधिक मात्रा में शामिल करें। इससे आपका दिमाग भी स्वस्थ तरीके से सोचना शुरू कर देगा। जिससे आपकी क्रिएटिव थिंकिंग भी बेहतर होगी।

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सोचें कुछ अलग

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यह एक आसान स्टेप है, लेकिन यह क्रिएटिव थिंकिंग को काफी बेहतर बनाता है। इसके लिए जब भी आप किसी चीज को बेकार समझती हैं या फिर बाहर फेंकने के बारे में सोचती हैं तो पहले आपको उसे एक अलग तरीके से देखना व सोचना चाहिए। मसलन, आप अपने मन में यह सोचें कि मैं इस चीज को और किस-किस तरह से इस्तेमाल कर सकती हूं। अगर आपको जवाब ना मिले तो इसके लिए आप इंटरनेट का भी सहारा ले सकती हैं। कुछ ही दिनों में आपकी क्रिएटिव थिंकिंग काफी बेहतर हो जाएगी और आप हर चीज को एक बेहतर नजरिए से देख पाएंगी।

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Image Credit: freepik