जब हम मुगल साम्राज्य की बात करते हैं, तो ज्यादातर लोगों के दिमाग में मुगल बादशाहों के नाम जैसे अकबर, शाहजहां, हुमायूं आदि के आते हैं। इन सभी बादशाहों में सबसे लोकप्रिय और शक्तिशाली सम्राट अकबर रहा है। शायद ही कोई होगा जिसने अकबर के बारे में नहीं सुना होगा। क्योंकि अकबर एक ऐसा मुगल बादशाह था, जिसकी मोहब्बत की मिसाल भी दी जाती है। 

जी हां, जोधा और अकबर की प्रेम कहानी से आप सभी वाकिफ होंगे। लेकिन बहुत कम लोग होंगे, जिन्हें यह मालूम होगा कि अकबर की जोधा बेगम के अलावा कई और बेगमों भी थीं, जिनका नाम इतिहास के पन्नों में दर्ज है। इसलिए आज हम आपको अकबर की कुछ ऐसी बेगमों के बारे में बताने जा रहे हैं, जिन्होंने मुगल शासन में अकबर के अलावा नीति-निर्माण में भी अपनी एक अहम भूमिका अदा की है। 

कौन था मुगल बादशाह अकबर? 

rukkaiya begum

अकबर मुगल साम्राज्य का सबसे महान बादशाह था। जिसका जन्म 15 अक्टूबर 1542 को सिंध के राजपूत किले, अमरकोट में हुआ था। अकबर का पूरा नाम जलालुद्दीन मोहम्मद अकबर था। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि अकबर मुगल साम्राज्य का तीसरा बादशाह था, जिसने अपने शासनकाल में कई ऐतिहासिक और सांस्कृतिक कार्य करवाए थे। हिन्दुस्तान पर अकबर ने कई सालों तक शासन किया था। इस दौरान अकबर ने कई शादियां भी कीं। हालांकि, अकबर की कुल कितनी बेगमें थीं, इसके बारे में कोई स्पष्ट जानकारी तो नहीं है। लेकिन कहां जाता है कि अकबर की 7 बेगमें थीं। इन सात बेगमें में से हम आपको 3 बगमों के बारे में बताने जा रहे हैं। (जानें 'मैसूर के शेर' टीपू सुल्‍तान के बारे में कुछ रोचक तथ्‍य)

मुगल साम्राज्य का इतिहास 

मुगल साम्राज्य का दौर लगभग सन 1526 से 1707 तक रहा, जिसकी स्थापना बाबर ने पानीपत की पहली लड़ाई में इब्राहिम लोदी को हराकर की थी। इसके बाद हुमायूं, अकबर, जहांगीर, शाहजहां आदि के बाद अंतिम मुगल शासक औरंगजेब था, जिन्होंने अपने शासन के दौरान समाज का निर्माण किया था। हालांकि, कई इतिहासकारों का मनना है कि सन 1707 से लेकर सन 1857 तक मुगल साम्राज्य अपने पतन यानि विघटन दौर से गुजर रहा था। इसके अलावा, कुछ महिलाएं भी थीं, जिन्होंने अपना योगदान नीति-निर्माण में दिया था। 

रुकैया सुल्तान बेगम

akbar wives ()

रुकैया बेगम से कौन काफी नहीं हैं, भला। रुकैया बेगम मुगल साम्राज्य की सन 1557 से लेकर 1605 तक मालिका थीं। क्योंकि ये मुगल साम्राज्य के तीसरे बादशाह अकबर की पहली बेगम यानि पत्नी थीं। हालांकि, रुकैया बेगम अकबर की चचेरी बहन थीं, जिनसे अकबर से निकाह कर लिया था। रुकैया बेगम अकबर की बेहद खास और पसंदीदा पत्नी थीं। इनका जन्म 1542 के आसपास हुआ था। उनके पिता का नाम हिंदाल मिर्ज़ा था, जो अकबर के पिता हुमायूं के छोटे भाई थे। 

उन्होंने अपने शासन काल में कई ऐतिहासिक कार्य करवाए थे। हालांकि, रुकैया बेगम अकबर को संतान नहीं दे पाई थीं। इसलिए बादशाह ने संतान के लिए दूसरी शादी की थी। रुकैया बेगम की 82 वर्ष की आयु में 19 जनवरी 1626 में मृत्यु हुई थी। उनकी कब्र काबुल के गार्डेन ऑफ बाबर में बनाई गई है। 

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सलीमा सुल्तान बेगम

sultan jahan begum

अकबर की सबसे लोकप्रिय और पावरफुल बेगमों में सलीमा बेगम का भी नाम आता है। सलीमा बेगम तैमूरी राजवंश से ताल्लुक रखती थीं। इनका जन्म 23 फरवरी 1539 को हुआ था। इनके पिता का नाम नूरुद्दीन था। हालांकि, सलीमा बेगम अकबर की दूसरी पत्नी थीं। इससे पहले उनका निकाह बैरम खां से करवा दिया था। किसी कारणवश उनके पति की मृत्यु हो गई थी। फिर अकबर ने उनसे निकाह कर लिया था।

सलीमा बेगम दिल की बेहद साफ और सच्चाई पर चलने वाली इंसान थीं। उन्होंने अकबर को कई बार संभाला है। उनकी मृत्यु 15 दिसम्बर 1612 में हुई थी। कहा जाता है कि उनकी कब्र आगरा में मौजूद है। (भारत में मौजूद हैं मुगलों की यह खूबसूरत इमारतें)

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जोधा सुल्तान बेगम

jodha akbar 

आपने यकीनन जोधा और अकबर की प्रेम कहानी के बारे में सुना होगा। लेकिन क्या आपको जोधा बेगम का पूरा नाम पता है? आपकी जानकारी के लिए बता दें कि जोधा बेगम का पूरा नाम मरियम-उज़-ज़मानी जोधा बाई था। हालांकि, उन्हें हरका बाई, हीर कुंवर आदि नामों से भी पुकारा जाता था। इनका जन्म सन 1542 में हुआ था।

जोधा एक हिन्दू राजवंशी राजकुमारी थीं, जिनके साहस की मिसाल आज भी जाती है। उनके पिता आमेर रियासत के राजा भारमल थे। जोधा और अकबर के निकाह को लेकर कहा जाता है कि उनका निकाह एक राजनीतिक समझौता था। हालांकि, जोधा अकबर की पहली ऐसी बेगम थीं, जिन्होंने अकबर को संतान दी। 

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इन बेगमों के अलावा भी अकबर की कई बेगमों थीं, जिनका नाम इतिहास के पन्नों में दर्ज है। आपको लेख पसंद आया हो तो इसे शेयर और लाइक ज़रूर करें, साथ ही, ऐसी अन्य जानकारी पाने के लिए जुड़े रहें हरजिन्दगी के साथ।

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