जन्माष्टमी का त्योहार पूरे देश में बड़े ही हर्षोल्लास से साथ श्री कृष्ण के जन्मोत्सव के रूप में मनाया जाता है। इस दिन कृष्ण के बाल रूप की मुख्य रूप से पूजा होती है और लोग कृष्ण जन्म दिवस के दिन को पूरी श्रद्धा भाव से मनाते हैं। जन्माष्टमी का त्योहार हर साल भाद्र मास के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को मनाया जाता है। इसकी वजह यह है कि भगवान श्रीकृष्ण का जन्म मध्य रात्रि में मथुरा के कंस कारागार में वृष लग्न और रोहिणी नक्षत्र में हुआ था।

इसे गोकुलाष्टमी भी कहा जाता है। हर साल भगवान विष्णु के अष्टम अवतार के रुप में इस तिथि को भगवान श्रीकृष्ण का जन्मोत्सव मनाया जाता है। जन्माष्टमी पर लोग कान्हा जी के बाल स्वरूप की पूजा करते हैं। कई लोग अपने घरों में बाल गोपाल को रखते हैं। इस दिन बाल गोपाल की पूजा और सेवा एक छोटे बच्चे की भांति की जाती है। मान्यता है कि लड्डू गोपाल की सेवा से घर की सभी परेशानियां दूर हो सकती हैं। 

लड्डू गोपाल के प्रसन्न होने से व्यक्ति का मन बहुत प्रसन्न रहता है। इस दिन यदि विवाहित दंपत्ति श्रद्धा भाव से लड्डू गोपाल का पूजन करते हैं और भोग लगाते हैं तो उनकी सभी इच्छाएं पूरी होती हैं और वैवाहिक जीवन में मधुरता आती है। आइए जानी मानी एस्ट्रोलॉजी और वास्तु स्पेशलिस्ट डॉ आरती दहिया जी से जानें कि दंपत्ति कैसे जीवन में मिठास लाने के लिए पूजन कर सकते हैं। 

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दम्पत्तियों के लिए जन्माष्टमी पूजन विधि 

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  • विवाहित दंपत्ति जन्माष्टमी के दिन ब्रह्म मुहूर्त में उठकर स्नान करें।
  • एक चौकी लें उस पर पीला कपड़ा बिछाएं फिर चौकी पर चारों ओर से कलावा बांधे।
  • भगवान कृष्ण के बालरूप की फोटो या प्रतिमा को चौकी पर स्थापित करें। 
  • बाल कृष्ण भगवान की प्रतिमा का दूध, दही, गंगाजल, शहद और घी से अभिषेक करें।
  • यदि आप लड्डू गोपाल की सेवा करते हैं तो फोटो पर केवल अभिषेक के छींटे करें और लड्डू गोपाल का अभिषेक करें।
  • अभिषेक के बाद पानी से प्रतिमा को स्नान कराएं और सूती वस्त्र से प्रतिमा को पोंछें फिर चौकी पर विराजित करें।
  • भगवान का पूर्ण श्रृंगार करें, चंदन लगाएं, दीपक जलाकर फूलों का हार बाल गोपाल की प्रतिमा पर अर्पित करें।
  • भगवान की प्रतिमा पर मोर पंख और तुलसी दल भी चढ़ाएं। तुलसी दल चढ़ाना अनिवार्य माना जाता है। 
  • साथ में मिलकर कृष्ण स्तुति, कृष्ण गर्भ स्तुति और कृष्ण मधुराष्टकम् का पाठ करें।
  • श्री कृष्ण के नाम का या उनके किसी मंत्र का जाप करें।
  • इसके बाद आरती करें और मक्खन-मिश्री, धनिए की पंजीरी या नारियल की बर्फी का भोग लगाएं।

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निसंतान दम्पति संतान सुख के लिए करें ये उपाय 

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  • डॉ आरती दहिया कहती है कि संतान की इच्छा रखने वाला शादीशुदा जोड़ा इस दिन प्रातः जल्दी उठकर स्नान ध्यान से निवृत्त हो जाए। 
  • शुद्ध मन से लड्डू गोपाल को स्नान करवाएं और श्रृंगार चढ़ाएं। 
  • लड्डू गोपाल के सम्मुख एक जटा नारियल और पांच प्रकार के फल चढ़ाएं। 
  • फिर भगवान के सम्मुख बैठ कर श्री कृष्ण गर्भ स्तुति का पाठ  लगातार पांच बार करें फिर नारियल फोड़ कर दोनों पति पत्नी खा लें। 
  • ईश्वर की कृपा से उनकी संतान इच्छा को पूर्ति अवश्य होगी।  
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वैवाहिक जीवन में कैसे बढ़ाएं मधुरता 

डॉ आरती दहिया कहती है कि यदि पति पत्नी के जीवन में मिठास नहीं है या एक दूसरे को समझने में परेशानी आ रही है जिसके चलते आपसी संबंध बिगड़ रहे है तो आप दोनो जन्माष्टमी पर श्री कृष्ण का मधुराशतकम् का पाठ दो बार करें। आप यदि इस उपाय को आजमाते हैं तो दंपत्ति के जीवन में मधुरता आएगी और लड़ाई झगड़े आपसी प्रेम में  बदल जाएंगे। 

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जन्माष्टमी के दिन किये गए ये सभी उपाय और इन तरीकों से किया गया पूजन आपकी सभी मनोकामनाओं को पूरा करने के साथ वैवाहिक जीवन में मधुरता भी लाएगा। 

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