न्याय के देवता शनि देव के बारे में हम सभी ने बहुत कुछ सुन रखा है। खासतौर पर शनि देव के क्रोध और प्रकोप से हम सभी परिचित हैं। कई लोग तो ऐसे भी होंगे, जिन्होंने शनि देव के प्रकोप के रूप में शनि की महादशा, साढ़ेसाती और ढैय्या का सामना भी किया होगा। मगर क्या आपको इन विषयों के बारे में संपूर्ण जानकारी है? अगर नहीं है, तो आज हो जाएगी। विशेषतौर पर आज हम आपको शनि की ढैय्या के बारे में बताएंगे। 

शनि की ढैय्या क्या होती है और इससे बचने के उपाय क्या हैं? वर्तमान समय में कौन सी राशियों पर शनि की ढैय्या का प्रभाव है? मन में उठ रहे इन सभी प्रश्नों का जवाब भोपाल के ज्योतिषाचार्य एवं हस्तरेखार्विंद विशेषज्ञ शास्त्री विनोद सोनी पोद्दार हमें दे रहे हैं। 

पंडित जी कहते हैं, 'शनि की ढैय्या से भयभीत होने की जरूरत नहीं है। अगर आप पर शनि की ढैय्या का प्रभाव है तो धैर्य से काम लें।'

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क्या होती है शनि की ढैय्या? 

जब शनि भ्रमण करते हुए किसी राशि से चतुर्थ और अष्टम भाव में गोचर करता है, तो उस स्थिति को शनि की ढैय्या कहा जाता है। किसी भी राशि में शनि का निवास ढाई वर्षों का होता है। इसलिए भी इसे शनि की ढैय्या कहा जाता है। शनि की ढैय्या का फल हमेशा अशुभ नहीं होता है, अगर शनि तीसरे, छठे और ग्यारहवें भाव में है, तो उसके शुभ फल भी प्राप्त हो सकते हैं।

वर्तमान में किन राशियों पर है शनि की ढैय्या का प्रकोप?

वर्तमान समय में शनि मकर राशि में है। इस हिसाब से शनि का प्रभाव तुला राशि के चतुर्थ भाव और मिथुन राशि के अष्टम भाव में देखा जा रहा है,  जिसके कारण इन दोनों राशियों के जातकों पर शनि की ढैय्या का प्रभाव है और यह ढाई वर्ष तक रहेगा। 

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हालांकि, 29 अप्रैल 2022 को शनि कुंभ राशि में गोचर करेगा और तब मिथुन और तुला दोनों से शनि की ढैय्या का प्रभाव हट जाएगा। मगर इन दोनों ही राशि के जातकों को शनि की ढैय्या से पूर्ण मुक्ति 17 जनवरी 2023 तक ही मिल पाएगी। 

शनि की ढैय्या के प्रभाव को कम करने के उपाय 

  • इस स्थिति से छुटकारा पाने और इसके प्रभाव को कम करने के लिए आप प्रतिदिन सुबह चिड़ियों को दाना और पानी दें। इससे आपको बहुत लाभ मिलेगा। 
  • आप चीटियों (क्‍या संकेत देता है घर पर चीटियों का होना) को आटे के गोलियां और शक्‍कर खिला कर भी शनि की ढैय्या के प्रभाव को कम कर सकते हैं। 
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  • नियमित रूप से सूर्य को जल चढ़ाएं। शनि के प्रकोप को कम करने के लिए उनके पिता सूर्य देव की आराधना जरूर करें, साथ ही किसी भी गलत और अनुचित कार्य को करने से बचें। 
  • शनिवार के दिन आपको काली उड़द दाल, काला तिल, काले कपड़े किसी गरीब को दान करने चाहिए। आप इन वस्तुओं को अपने घर पर काम करने वाले किसी व्यक्ति को भी दान कर सकते हैं। 

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  • शनिदेव के प्रकोप से बचने के लिए आप हनुमान जी की भी आराधना कर सकते हैं। इसके लिए आपको हर शनिवार बंदरों को भुने चने खिलाने चाहिए। आप सुंदरकांड का पाठ और हनुमान चालीसा का पाठ भी कर सकते हैं। 
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  • गाय की सेवा करने से भी शनि की ढैय्या का प्रभाव कम होता है। इसके साथ ही आप काले रंग के कुत्ते को मीठी रोटी में तेल लगा कर खिलाएं। 
  • संभव हो तो आपको शनिवार के दिन पीपल के पेड़ के नीचे बैठ कर 108 बार शनि मंत्र 'ॐ शं शनैश्चराय नम:'का जाप करना चाहिए। 
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  • शनि की ढैय्या से मुक्ति पाने के लिए शुक्रवार की रात थोड़े से काले तिल पानी में भिगो कर रख दें और  शनिवार की सुबह इन्हें पीसकर और गुड़ में मिलाकर 8 लड्डू बनाएं। इन लड्डुओं को आप काले कुत्ते को खिला सकते हैं, ऐसा आठ शनिवार तक करें। 

अगर आप भी शनि की ढैय्या का सामना कर रहे हैं, तो इससे जुड़ी संपूर्ण जानकारी आपको हम दे चुके हैं। अब आप इसके प्रभाव को कम करने के उपायों को आजमाएं और लाभ उठाएं। यह जानकारी दूसरों तक पहुंचाने के लिए आर्टिकल को शेयर और लाइक करें, साथ ही इसी तरह और भी आर्टिकल्‍स पढ़ने के लिए जुड़ी रहें हरजिंदगी से।  

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