भगवान हनुमान के सैंकड़ों भक्‍त हैं और ये भक्‍त बजरंगबली को खुश करने और उनका आशीर्वाद पाने के लिए हर सप्‍ताह मंगलवार के दिन उनकी पूजा अराधना करते हैं और साथ ही हनुमान चालीसा पढ़ कर हनुमान जी को याद करते हैं। पुरुषों के साथ महिलाएं भी हनुमान जी की भक्‍त होती हैं और हर मंगलवार को हनुमान जी का पाठ करती हैं।

मगर आपने कभी यह जानने की कोशिश की है कि बजरंगबली का आशीर्वाद पाने के लिए उनकी पूजा और चालीसा को पढ़ने के कुछ नियम कायदे होते हैं और अगर इनका सही तरह से पालन किया जाए तो आपकी पूजा का आपको फल जरूर मिलता है। तो चलिए जानते हैं कि आखिर वो कौन से नियम हैं जिनका पालन हनुमान चालीसा पढ़ते वक्‍त करना चाहिए। 

Read More: महिलाएं भी कर सकती हैं हनुमान जी की पूजा, ध्‍यान रखें ये 4 बातें

women can also worship hanuman ji and can read hanuman chalicha   ()

पहला नियम 

जो लोग भगवान हनुमान के भक्‍त हैं , उन्‍हें हनुमान चालीसा तो अच्‍छी तरह याद होगी ही। याद होने की वजह से कई लोग हनुमान चा‍लीसा को मन ही मन दोहरा कर पूजा कर लेते हैं। ऐसे लोगों को पूरी हनुमान चालीसा दोहराने में मात्र 2-3 मिनट ही लगते हैं। मगर जल्‍दबाजी में वह चालीसा में लिखें कई पदों को गलत तरह से बोल जाते हैं। यह तरीका सही नहीं है। हनुमान चालीसा को शांत मन से बैठ कर एक पद को देख देख कर मुंह से बोल कर पढ़ना चाहिए। इससे आप चालीसा में लिखे हर पद को अच्‍छे से बोल सकेंगी। 

Read More: हनुमान चालीसा का पाठ करेंगी तो तनाव होगा आपसे कोसों दूर

दूसरा नियम 

हनुमान चालीसा पढ़ने का दूसरा महत्‍वपूर्ण नियम है कि आप चालीसा को दिन में तीन बार पढ़ें। सबसे पहले आपको सुबह नहा कर साफ सुथरे कपड़े पहनने के बाद हनुमान चालीसा का पाठ करना चाहिए और इसके बाद दोपहर में फिर रात में सोने से पहले भी एक बार हनुमान जी का पाठ करना चाहिए। महिलाओं को हनुमान जी उपवास नहीं रखना चाहिए क्‍योंकि पीरियड्स की वजह से यदि वह किसी मंगलवार उपवास नहीं रख पातीं तो व्रत खंडित हो जाता है। इसलिए महिलाओं को केवल हनुमान जी का पाठ करना चाहिए। 

women can also worship hanuman ji and can read hanuman chalicha   ()

तीसरा नियम 

महिलाओं को हनुमान जी को छूना मना होता है क्‍योंकि वह ब्रह्मचारी थे। इसलिए महिलाएं न तो हनुमान जी को वस्‍त्र चढ़ा सकती हैं और न ही वे जल से हनुमान जी को स्‍नाना करा सकती हैं। मगर बिना जल चढ़ाए कोई भी पूजा अधूरी मानी जाती हैं इसलिए महिलाओं को हनुमान चालीसा का पाठ करने से पहले अपने सामने एक कलश में पानी भर कर रख लेना चाहिए और चालीसा पढ़ने के बाद उस जल को प्रसाद के रूप में ग्रहण कर लेना चाहिए। 

चौथा नियम 

हनुमान चा‍लीसा पढ़ने के लिए किसी भी स्‍थान का चुनाव न करें। शास्‍त्रों के अनुसार पीपल के पेड़ के नीचे बैठकर हनुमान जी का पाठ करना चाहिए। इसलिए घर की जगह ऐसे मंदिर जाएं जहां पीपल के पेड़ की छाव हो और वहां बैठ कर हनुमान जी का पाठ करें। कहते हैं कि देवी लक्ष्‍मी और शनि देव दानों को ही पीपल का पेड़ प्रिय है। अगर पीपल के पेड़ के नीचे बैठकर हनुमान जी का पाठ किया जाए तो भगवान हनुमान के साथ ही देवी लक्ष्‍मी और शनि देव का भी आशीर्वाद मिलता है। 

women can also worship hanuman ji and can read hanuman chalicha   ()

पांचवा नियम 

हनुमान चा‍लीसा का पाठ करते वक्‍त लाल रंग के वस्‍त्र पहनें और उन्‍हें गुड़ या बूंदी का प्रसाद चढ़ाएं। महिलाएं इस बात का भी ध्‍यान रखें कि हनुमान जी को प्रणाम करते वक्‍त सिर न झुकाएं क्‍योंकि हनुमान जी सभी महिलाओं को मां के स्‍थान पर रखते हैं। इसके साथ ही पूरे दिन मन ही मन ‘राम-राम’ का जाप करें।