जब भी बहुत खुशबूदार फूलों की बात होती है तो रजनीगंधा का नाम जरूर लिया जाता है। रजनीगंधा उन फूलों में से एक है जो बहुत ही ज्यादा खुशबूदार होते हैं और इनकी खुशबू इतनी ज्यादा होती है कि एक बार ये घर पर उगने लगें तो पूरा घर महकने लगता है। रजनीगंधा जिन्हें ट्यूबरोज (Tuberose) भी कहा जाता है वो आसानी से गमलों में उगाए जा सकते हैं। 

किसी भी गार्डन के सबसे बेस्ट हिस्से में से एक वो होता है जहां से मनमोहक खुशबू आती है। रजनीगंधा आपके गार्डन में वही मनमोहक खुशबू लेकर आएगा और इसे बहुत ही खूबसूरत बना देगा। 

कई लोग अपने घर में गुलाब, बेला, चंपा, चमेली, मोगरा जैसे फूल उगाते हैं, लेकिन क्या आपको पता है कि रजनीगंधा फूल उससे भी आसानी से उगाया जा सकता है और इसकी मेंटेनेंस गुलाब से भी कम लगती है। रजनीगंधा को खुशकिस्मती का फूल माना जाता है और इसे कई शुभ कार्यों में भी इस्तेमाल किया जाता है। ऐसे खुशबूदार फूलों के पौधे उगाने के लिए आपको बहुत ज्यादा मेहनत नहीं लगती है।

रजनीगंधा एक ऐसा पौधा है जिसे परफ्यूम इंडस्ट्री में भी इस्तेमाल किया जाता है और इसके फूल रात में खिलते हैं। इसके 12 से भी अधिक वेरिएंट्स होते हैं और इसलिए आप अपने हिसाब से सही वेरिएंट चुन सकते हैं। 

rajnigandha and flower blooming

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रजनीगंधा उगाने का सबसे आसान तरीका-

रजनीगंधा को उगाने का सबसे आसान तरीका ये है कि आप उसके बल्ब्स (Rajnigandha bulbs) किसी नर्सरी या फिर ऑनलाइन स्टोर से खरीद लें। इसे सीधे ही मिट्टी में गाड़ दें और आपका पौधा 8 दिनों के अंदर उगने लगेगा।  

अब आप पूछेंगे कि ये बल्ब्स क्या होते हैं तो मैं आपको बता दूं कि लिली, रजनीगंधा और ऐसे ही ट्यूब वाले फूलों के पौधों की जड़ें इन्हीं बल्ब्स से बनती हैं। ये बहुत ही असरदार होते हैं और आपको इन्हें बहुत ज्यादा महंगी कीमत में खरीदने की भी जरूरत नहीं है। ये आराम से 100-250 रुपए तक की रेंज में आ जाएंगे। बस आपको इन्हें ऑर्डर करते समय ये ध्यान रखना है कि ये कौन सी वेराइटी है।  

rajnigandha bulbs

रजनीगंधा के लिए सूरज की रौशनी-

रजनीगंधा जैसे फूल का पौधा ऐसी जगह पर रखें जहां कम से कम 4-5 घंटे की धूप पड़ती हो। यही तरीका है इस पौधे को बहुत ही अच्छा पोषण देने का। रजनीगंधा 20 डिग्री सेल्सियस से नीचे का तापमान बर्दाश्त नहीं कर सकता और इसलिए इसे सर्दियों में न उगाएं। अगर बहुत ज्यादा बारिश वाली जगह पर रहते हैं तो इसे उगाने का सबसे अच्छा सीजन मार्च-अप्रैल होगा अगर आपके इलाके में ज्यादा बारिश नहीं होती तो जून-जुलाई तक भी ये लगाया जा सकता है, पर सबसे बेस्ट नतीजे मार्च-अप्रैल में ही होंगे।  

rajnigandha plant

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रजनीगंधा उगाने के लिए कैसी मिट्टी चाहिए? 

इस पौधे को लगाने के लिए बहुत अच्छे से ड्रेन होने वाली न्यूट्रिशियस मिट्टी चाहिए। अगर आपके पास नॉर्मल गार्डन की मिट्टी है तो आप उसे 60% लें और बाकी 40% में कोकोपीट, कम्पोस्ट और रेत मिलाएं।  

rajnigandha and plant

कैसे लगाएं रजनीगंधा बल्ब्स? 

इन्हें लगभग 3-4 सेंटीमीटर का गड्ढा करके लगाएं और एक साथ आप दो-तीन बल्ब्स भी लगा सकते हैं। इन्हें 6 सेंटीमीटर के गैप से लगाएं ताकि इन्हें बढ़ने के लिए पूरी स्पेस मिले और न्यूट्रिशन भी भरपूर मिले।  

rajnigandha flowers

इसे लगाने के बाद आप अच्छे से पानी डालें और इसे सेटल होने दें। एक बार अच्छे से पानी डालने के बाद आप इसमें एक दो दिन तक पानी न डालें ताकि मिट्टी अच्छे से सेटल हो जाए। 

  

रजनीगंधा लगाने के बाद कैसे करें उसकी मेंटेनेंस? 

  • रजनीगंधा लगाने के बाद उसकी मेंटेनेंस के लिए आपको सबसे पहले ये ध्यान रखना है कि इसे मीडियम पानी दें। न तो बहुत ज्यादा और न ही बहुत कम, इसकी मिट्टी सूखनी नहीं चाहिए। हां, जब ये जर्मिनेट हो जाए तो थोड़ा और पानी दे सकते हैं। 
  • इसमें हर हफ्ते में 3 दिन ही पानी दें वो भी लगातार तीन दिन नहीं। ऐसा करने से पौधा ज्यादा पानी की वजह से खराब नहीं होगा। 
  • इसमें ज्यादा पोटेशियम वाला कोई भी फर्टिलाइजर काम करेगा। आप चाहें तो घर पर ही बनाना फर्टिलाइजर का इस्तेमाल कर सकते हैं। 
  • इसका ग्रोइंग सीजन करीब 4 महीने का रहता है और एक बार पौधा फूल देने लगे तो आप उन्हें काटकर अपना घर भी डेकोरेट कर सकते हैं। इससे पौधे की ग्रोथ पर या आने वाले फूलों पर कोई असर नहीं होगा। 

 

तो अब आप जान ही गए होंगे कि रजनीगंधा का फूल उगाना कितना आसान है और इसे किस तरह से कम मेंटेनेंस लगती है। आप इसे अपने घरों में जरूर लगाएं। अगर आपको ये स्टोरी अच्छी लगी हो तो इसे शेयर जरूर करें। ऐसी ही अन्य स्टोरी पढ़ने के लिए जुड़े रहें हरजिंदगी से।