कोविड-19 एक त्रासदी बन चुका है जिसने न जाने कितने लोगों की जिंदगी बर्बाद कर दी और कितने लोगों की उम्मीदें तोड़ दीं। न सिर्फ इसकी वजह से कई लोगों की जिंदगी चली गई बल्कि कई लोगों के रोज़गार, आजीविका पूरी तरह से तहस-नहस हो गई और हज़ारों बच्चे अनाथ हो गए। अनाथ बच्चों को लेकर सोशल मीडिया पर बहुत सारी पोस्ट आ रही हैं जिनमें ये कहा जा रहा है कि बच्चों को गोद लेने के लिए किसी नंबर पर कॉल करें पर क्या ये सही है?

फेसबुक, ट्विटर, वॉट्सएप आदि में फॉर्वर्ड किए जा रहे ये मैसेज गलत हैं और अलग-अलग प्लेटफॉर्म पर अलग-अलग नंबरों के साथ ऐसा किया जा रहा है। पर क्या आप जानते हैं कि ऐसा करना गैरकानूनी है? अगर आप कोविड-19 से अनाथ हुए बच्चों की मदद करना चाहते हैं या उन्हें गोद लेना चाहते हैं तो आपको कुछ खास नियमों का पालन करना होगा जिनके बारे में आज हम विस्तार से बात करने जा रहे हैं। 

अब तक कितने बच्चे हुए अनाथ?

1 जून 2021 की रिपोर्ट कहती है कि नेशनल कमिशन फॉर प्रोटेक्शन ऑफ चाइल्ड राइट्स (NCPCR) ने सुप्रीम कोर्ट को दिए गए एक एफिडेविट में बताया है कि 9346 बच्चों ने देश में या तो अपने माता-पिता में से एक को खो दिया है या फिर कोविड-19 की वजह से उन्हें अकेला छोड़ दिया गया है। इसमें 1742 बच्चे ऐसे हैं जो अपना परिवार खो चुके हैं, माता-पिता दोनों की मौत हो गई है और अनाथ हो गए हैं।  इसमें से 1224 बच्चे अभी अपने गार्डियन के साथ रह रहे हैं। 985 बच्चे किसी रिश्तेदार के साथ रह रहे हैं जो उनका लीगल गार्डियन नहीं है, 6612 बच्चे अभी सिंगल पेरेंट के साथ हैं और इसके साथ ही 31 बच्चों को स्पेशल अडॉप्शन एजेंसी में भेजा गया है। 

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बच्चे इस वक्त बहुत सेंसिटिव हैं और इस बात का ध्यान रखें-

कोविड-19 से अनाथ हुए बच्चे इस वक्त बहुत ही नाजुक मोड़ पर हैं और हो सकता है कि आपकी एक छोटी सी बात का असर भी उनपर हो जाए। इसलिए ये ध्यान रखें कि बच्चों को डील करते समय ऐसी कोई बात न कहें जिससे उनके नाजुक मन पर कोई गंभीर चोट लग सके। उनके माता-पिता की मौत के बारे में बार-बार बोलना, उन्हें जिम्मेदारी बताना या ऐसी कोई भी बात कहना सही नहीं होगा। 

ऐसे बच्चों के साथ ये काम बिलकुल भी न करें-

कोविड-19 का प्रकोप झेलकर अपने माता-पिता या दोनों में से किसी एक को खो चुके बच्चों की देखभाल करते समय आपको ये ध्यान रखना चाहिए कि आप कुछ चीज़ें बिलकुल न करें जैसे-

सोशल मीडिया पोस्ट का हिस्सा न बनाएं-

किसी भी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर बच्चे की तस्वीर, व्यक्तिगत जानकारी आदि न डालें। ये गौरकानूनी है और ये बच्चे को किसी गंभीर समस्या में भी डाल सकता है। अगर आप ऐसी कोई पोस्ट देखें तो आपको यकीनन उस इंसान को इस बारे में बताना चाहिए जिसने ऐसी पोस्ट की है। 

बच्चे नहीं होते तुरंत गोद लेने योग्य-

आपको ये समझना होगा कि कोविड-19 से अनाथ हुए बच्चे अपने आप गोद लेने योग्य नहीं हो जाते हैं। भारत में गोद लेना कानूनी प्रक्रिया है और इसे कानून के हिसाब से ही आपको करना होगा। आप ऐसे ही किसी भी बच्चे को अपने घर पर नहीं रख सकते हैं क्योंकि वो अनाथ हो चुका है।  

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अगर आपके आस-पास ऐसा कोई बच्चा है तो क्या करें? 

अगर आपके आस-पास ऐसा कोई बच्चा है जिसने हाल ही में अपने माता-पिता को खोया है तो आप कुछ चीज़ों का ध्यान जरूर रखें जो आपको तत्काल प्रभाव से करनी चाहिए- 

  • बच्चे को या तो खुद अपने पास सुरक्षित रखें या अगर आपके पास बच्चे के परिवार वालों का नंबर है तो उन्हें कॉल करें। बच्चे को ऐसे समय पर अकेला छोड़ना बिलकुल सही नहीं है। 
  • अनाथ बच्चों की सहायता के लिए नेशनल चाइल्डलाइन नंबर 1098 पर कॉल करें। 
  • आप नेशनल प्रोटेक्शन फॉर चाइल्ड राइट्स 1800-121-2830 पर कॉल कर सकते हैं। 
  • अगर किसी कारण से इन दो नंबरों से आपका संपर्क नहीं हो पा रहा है तो आप नजदीकी पुलिस स्टेशन में जाकर बच्चे की जानकारी उन्हें दे सकते हैं।  
  • इससे सरकार और चाइल्ड वेलफेयर में कार्यरत एनजीओ आदि बच्चे के रिश्तेदारों, परिवार आदि से संपर्क करेंगे और या तो बच्चे के लिए नया घर ढूंढेंगे या फिर किसी फॉस्टर होम का इंतज़ाम करेंगे।  

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अगर बच्चे का परिवार या रिश्तेदार सामने नहीं आते हैं तो? 

मान लीजिए किसी वजह से बच्चे के परिवार या रिश्तेदारों में से कोई सामने नहीं आता है तो बच्चे को सरकारी चाइल्ड केयर होम्स में भेजा जा सकता है। इसके बाद आप बच्चे को गोद लेने के लिए सरकारी एजेंसी से संपर्क कर सकते हैं।  

  • केंद्रीय एजेंसी CARA में आपको बच्चे को गोद लेने के लिए अर्जी देनी होगी। 
  • ऐसे मामले में आपका बैकग्राउंड तेक किया जाएगा और सभी डिटेल्स देखी जाएंगी। 
  • कुछ समय इंतज़ार भी करना होगा और जब तक ये सरकारी प्रक्रिया चलेगी उसके बाद ही उन्हें गोद लेने की अनुमति मिल सकती है। ऐसा भी हो सकता है कि किसी वजह से आवेदनकर्ता की एप्लिकेशन खारिज हो जाए।  

 

अगर आप बच्चे के परिवार को अच्छी तरह से जानते हैं तो- 

अगर आप बच्चे के परिवार वालों को अच्छी तरह से जानते हैं और सरकारी प्रक्रिया में समय लग रहा है तो आप बच्चे को अपने साथ भी रख सकते हैं, लेकिन उससे पहले भी आपको 1098 पर कॉल करके या पुलिस को जानकारी देकर आपको आगे बढ़ना होगा।  

जब तक बच्चे की केयर के लिए सरकार काम कर रही है तब तक आप तत्कालीन फॉस्टर सर्टिफिकेट के लिए CARA में अप्लाई कर सकते हैं। तब तक बच्चा अस्थाई तौर पर आपके साथ रह सकता है।  

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कोविड-19 से अनाथ हुए बच्चों के लिए सरकारी मदद- 

सरकार ने कोविड-19 से अनाथ हुए बच्चों के लिए पीएम केयर्स फॉर चिल्ड्रन योजना शुरू की है। इसके लिए बच्चों को- 

  • फ्री शिक्षा मिलेगी
  • 18 साल की उम्र के बाद मासिक सहायता राशि दी जाएगी
  • 23 साल की उम्र के बाद पीएम केयर्स से 10 लाख रुपए का फंड दिया जाएगा
  • 18 साल तक पांच लाख रुपए तक का हेल्थ इंश्योरेंस भी दिया जाएगा
  • अगर हाई एजुकेशन के लिए किसी तरह का लोन चाहिए तो भी सरकार मदद कर सकती है।  

इन सारी बातों का ध्यान रखने के साथ-साथ आपको ये भी ध्यान रखना है कि बच्चे के बारे में कहीं किसी तरह से कोई गलत जानकारी न फैल जाए। आपको बच्चे को इन सभी चीज़ों से दूर रखना होगा। किसी की सहायता करना बहुत अच्छी और जिम्मेदारी की बात है और बच्चों की सहायता करने में आप मदद करें।  

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