होली का त्‍यौहार हिंदू धर्म में काफी महत्‍व रखता है। वैसे तो इस पर्व से धार्मिक कई कथाएं जुड़ी हुई हैं, मगर यह पर्व इतना लोकप्रिय हो चुका है कि इसे हर धर्म के लोगों ने अपना लिया है। बुराई पर अच्‍छाई की जीत को मद्देनजर रखते हुए इस पर्व को सदियों से मनाया जा रहा है। रंगों के इस पर्व पर जहां गुलाल से होली खेली जाती है, वहीं होलिका दहन कर लोग अपनी सभी बुराइयों को त्‍याग देना का प्रण करते हैं। 

भोपाल के पंडित एंव ज्‍योतिषाचार्य कैलाश नारायण बताते हैं, 'होलिका दहन को सबसे बड़ा हवन माना गया है। इस हवन से पर्यावण भी शुद्ध होता है और बीमारियों एवं संक्रमण का नाश होता है।' 

इस वर्ष फाल्‍गुन मास की पूर्णिमा तिथि के दिन होलिका दहन मनाया जाता है और इसके अगले दिन रंग खेला जाता है। इस बार 28 मार्च को होलिका दहन और 29 मार्च को होली का पर्व मनाया जाएगा। पंडित जी हमें होलिका दहन का शुभ मुहूर्त और होली का राशिफल बता रहे हैं- 

holika dahan

शुभ मुहूर्त 

होलिका दहन 28 मार्च 2021, रविवार के दिन शाम 6 बज कर 37 मिनट से प्रारंभ होकर रात 8 बज कर 56 मिनट किया जा सकता है। 

होलिका की कहानी 

होलिका दहन का महत्‍व होलिका देवी से है जो कि हिरण्यकश्यप की बहन थी और विष्‍णु भक्‍त प्रह्लाद की बुआ थी। पौराणिक कथाओं के अनुसार असुरों का राज हिरण्यकश्यप अपने बेटे प्रह्लाद की विष्‍णु भक्ति से तंग आ चुका था। हिरण्यकश्यप खुद को ही ईश्‍वर मानता था और जगतपिता नारायण को अपना शत्रु। ऐसे में बेटे प्रह्लाद के मन में भगवान विष्‍णु के प्रति आस्‍था को देख हिरण्यकश्यप ने कई बार उसे मारने का प्रयास किया था, मगर प्रह्लाद हमेशा ही किसी न किसी कारण से बच जाता था। तब हार कर हिरण्यकश्यप ने बहन होलिका की मदद ली।

होलिका को वरदान स्‍वरूप एक दुपट्टा मिला था, जिसे पहनने के बाद न तो जल उसे हानि पहुंचा सकता था और न अग्नि उसका कुछ बिगाड़ सकती थी। होलिका ने भाई हिरण्यकश्यप की बात मान कर प्रह्लाद को गोद में बैठाया और दुपट्टा ओढ़ कर लकड़ियों की शय्या पर बैठ गई। मगर जब शय्या में आग लगाई गई तो होलिका का दुपट्टा हवा में उड़ गया और प्रह्लाद पर जा गिरा। इस तरह प्रह्लाद बच गया और होलिका जल कर राख हो गई। इसलिए हर वर्ष होलिका दहन कर इस पर्व को मनाया जाता है।   

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होली राशिफल 

मेष 

मेष राशि का स्‍वामि मंगल होता है और मंगल का रंग लाल होता है। आपको इस वर्ष लाल रंग के गुलाल को भगवान श्री कृष्‍ण के लड्डू गोपाल (लड्डू गोपाल की पूजा के नियम) स्‍वरूप को अर्पित करना चाहिए। 

वृषभ 

आपके लिए पीला रंग शुभ है। आप पीले रंग का गुलाल भगवान शिव को आर्पित कर इस पर्व को मना सकते हैं। इसके साथ ही आप पीले रंग के कपड़े भी दान कर सकते हैं। 

मिथुन

होली के पर्व पर आपको संतान की ओर से कोई बड़ी खुशखबरी मिल सकती है। इस पर्व पर आप भगवान शिव के परिवार पर लाल गुलाल चढ़ाएं। 

कर्क 

होली के दिन भगवान गणपित के दर्शन करें और उन्‍हें हरा गुलाल अर्पित करें। ऐसा करने से आपके लिए यह होली बहुत ही शुभ रहेगी। 

सिंह 

आपको होली के दिन मां दुर्गा का पूजन करना चाहिए और उन्‍हें लाल या गुलाबी रंग का गुलाल अर्पित करना चाहिए। इसके साथ ही किसी कन्‍या को भोजन कराना चाहिए । 

कन्या 

होली के दिन सुबह उठ कर सूर्य को जल अर्पित करें और पीला गुलाल चढ़ाएं। ऐसा करने से आपके लिए यह पर्व शुभ साबित होगा। 

तुला 

इस वर्ष होली पर आपको वह वस्‍तु प्राप्‍त हो जाएगी, जिसकी तलाश में आप काफी दिन से भटक रहे थे। आप भगवान शिव पर नीले रंग का गुलाल चढ़ाएं और उन्‍हें भांग का प्रसाद अर्पित करें। 

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वृश्चिक 

इस होली के पर्व पर आपके लिए केसरिया रंग शुभ है। हो सके तो इसी रंग के गुलाल को मां दुर्गा के चरणों में अर्पित करें और इसी रंग के वस्‍त्र भी पहने। 

धनु 

रूठे लोगों को मनाने के लिए होली का पर्व आपको अच्‍छा अवसर देगा। आपके रिश्‍ते भी मजबूत होंगे। इस वर्ष आपके लिए हरा रंग शुभ रहेगा। 

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मकर 

भगवान शिव की पूजा करें और उन पर सफेद रंग का फूल चढ़ाएं। ऐसा करने से आपकी सेहत में सुधार होगा और आपका आत्‍मविश्‍वास भी बढ़ेगा। नीला रंग आपके लिए शुभ है। 

कुंभ 

अगर बहुत समय से आर्थिक परेशानियों से जूझ रहे हैं तो देवी लक्ष्‍मी पर पीले रंग का गुलाल चढ़ाएं। आपकी आर्थिक मुसीबतें कम हो जाएंगी। 

मीन 

इस होली आपके लिए हर रंग शुभ है। अगर आप किसी से प्रेम करते हैं तो घरवालों को उसके बारे में बताने का यह अच्‍छा मौका है। 

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