भगवान श्री कृष्‍ण के लड्डू गोपाल स्‍वरूप को सभी ने देखा है। कई लोग तो लड्डू गोपाल के मनमोहक स्‍वरूप के इतने भक्‍त हो जाते हैं कि वह घर में भी लड्डू गोपाल की प्रतिमा स्‍थापित कर लेते हैं। वहीं कुछ लोग ऐसे भी होते हैं, जो अपने घर के मंदिर में लड्डू गोपाल को रखना तो चाहते हैं, मगर उन्‍हें लड्डू गोपाल की प्रतिमा को रखने के सही नियम कायदे नहीं पता होते हैं। 

उज्‍जैन के पंडित कैलाश नारायण कहते हैं, ' अन्‍य देवी-देवताओं से अधिक लड्डू गोपाल की सेवा करनी होती है क्‍योंकि यह श्री कृष्‍ण का बाल स्‍वरूप है। इसलिए घर पर यदि आप लड्डू गोपाल की प्रतिमा रख रही हैं तो आपको इन्‍हें रखने के कुछ नियमों का पालन जरूर करन चाहिए। '

laddu gopal in home

रोज कराएं स्‍नान 

जिस तरह आप रोज स्‍नान करते हैं, उसी तरह आपको रोज लड्डू गोपाल को भी स्‍नान करना होगा। लड्डू गोपाल को स्‍नान कराने के लिए आपको दूध, दही, शहद, गंगाजल, घी का इस्‍तेमाल करना चाहिए। लड्डू गोपाल को स्‍नान कराने के लिए शंख का इस्‍तेमाल करेंगे तो इससे माता लक्ष्‍मी भी प्रसन्‍न हो जाएंगी। आपको बता दें कि शंख में देवी लक्ष्‍मी का वास होता है। लड्डू गोपाल को स्‍नान कराने के बाद जो मिश्रण बने उसे पंचामृत समझ कर आप पी सकती हैं। इतना ही नहीं, आप इस मिश्रण को तुलसी के पैधे पर विसर्जित भी कर सकती हैं। इस बात का विशेष ध्‍यान रखें कि इस मिश्रण को नाली में न बहाएं। 

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श्रृंगार करें 

स्‍नान कराने के बाद लड्डू गोपाल का श्रृंगार भी जरूर करें। वैसे तो धार्मिक मान्‍यताओं के अनुसार जो वस्‍त्र लड्डू गोपाल को एक बार पहना चुकी हैं उसे दोबारा न पहनाएं। यदि आप नियमित रूप से लड्डू गोपाल को नए वस्‍त्र अर्पित न कर सकें तो आपको पुराने ही वस्‍त्रों को धो कर लड्डू गोपाल को पहना चाहिए। इसके साथ ही लड्डू गोपाल का रोज श्रृंगार करें, उन्‍हें चंदन का टीका लगाएं और फिर उनकी नजर भी उतारें। 

how to keep laddu gopal

नियमित भोग चढ़ाएं 

लड्डू गोपाल को नियमित रूप से 4 बार भोग चढ़ाएं। धार्मिक महत्‍व के अनुसार भगवान श्री कृष्‍ण शाकाहारी थे और सात्विक भोजन ही करते थे। इस लिए जिस घर में लड्डू गोपाल विराजमान हों, उस घर की रसोई में प्‍याज, लहसुन और मांस  नहीं पकना चाहिए। आप रसोई में जो भी भोजन पकाएं, उसका भोग लड्डू गोपाल को जरूर लगाएं। वैसे आप माखन-मिश्री, बूंदी के लड्डू, खीर और हलवे का प्रसाद भी चढ़ा सकते हैं। आपको बता दें कि श्री कृष्‍ण को खीर आति प्रिय है। अगर आप कम मीठी और बिना मेवे की खीर का भोग लड्डू गोपाल को चढ़ाती हैं तो वह आपसे अति प्रसन्‍न हो जाएंगे। 

नियमित आरती करें 

जब-जब लड्डू गोपाल को भोग लगाएं, तब-तब उनकी आरती भी जरूर करें। भगवान श्री कृष्‍ण की आरती के साथ ही आपको धूपबत्‍ती भी जरूर जलानी चाहिए। भगवान श्री कृष्‍ण को बेले के फूल और केला अति प्रिय हैं आरती करते वक्‍त आप लड्डू गोपाल को यह चीजें जरूर अर्पित करें। इसके साथ ही लड्डू गोपाल के पास श्री राधा रानी की प्रतिमा जरूर रखें और उनकी भी आरती करें। दिन में चार बार लड्डू गोपाल की आरती करना अनिवार्य है। 

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कभी न छोड़ें अकेला 

लड्डू गोपाल को यदि घर पर स्‍थापित किया है तो उनका ख्‍याल आपको बिलकुल वैसे ही रखना होगा, जैसे घर के छोटे बच्‍चे का रख जाता है। इसलिए घर में लड्डू गोपाल को कभी अकेला न छोड़ें। खासतौर पर यदि आप लंबे वक्‍त के लिए कहीं जा रही हैं तो लड्डू गोपाल को अपने संग लेकर जाएं और जहां जाएं वहां उनकी पूजा जरूर करें। इसके साथ ही रात के समय और दोपहर के समय लड्डू गोपाल का शयन भी करें। 

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