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Hariyali Teej 2022: कुंवारी लड़कियां इस विधि से रखेंगी हरियाली तीज का व्रत तो जल्द ही मिलेगा अच्छा वर

अगर आप सावन के महीने में हरियाली तीज का व्रत करती हैं तो यहां पूजा के सही नियमों के बारे में जानें।  
Updated:- 2022-07-18, 15:15 IST
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सावन के महीने में शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि को हरियाली तीज के रूप में मनाया जाता है। यह व्रत मुख्य रूप से भारत के कुछ क्षेत्रों में मनाया जाता है और  विवाहित महिलाओं के लिए बहुत महत्व रखता है। इस उत्सव में दिन भर का उपवास, भगवान शिव और पार्वती की पूजा और प्रार्थना शामिल होता है। हालांकि यह व्रत केवल विवाहित महिलाएं ही नहीं बल्कि अविवाहित लड़कियां भी रखती हैं, जिससे उन्हें अच्छे वर की प्राप्ति होती है।

इस साल हरियाली तीज 31 जुलाई की मनाई जाएगी। यह त्योहार सावन में नाग पंचमी से दो दिन पहले मनाया जाता है। इस त्यौहार में विवाहित महिलाऐं पति की लंबी उम्र की कामना के साथ उपवास करती हैं और माता पार्वती का पूजन भगवान शिव के साथ करती हैं। हरियाली तीज में कुंवारी लड़कियों के लिए भी विशेष पूजा नियम हैं। आइए ज्योतषाचार्य एवं वास्तु विशेषज्ञ डॉ आरती दहिया जी से जानें कि कुंवारी लड़कियां इस दिन कैसे व्रत और पूजन कर सकती हैं जिससे उनकी सभी मनोकामनाएं पूर्ण हो सकें।

कुंवारी लड़कियां कैसे करें हरियाली तीज का व्रत  

puja vidhi of hariyali teej

  • यदि कुंवारी लड़कियां हरियाली तीज का व्रत करती हैं तो उन्हें इस दिन प्रातः जल्दी उठना चाहिए।
  • साफ कपड़े पहनें और जहां तक हो सके इस दिन पारम्परिक कपड़े पहनें।
  • भगवान शिव और माता पार्वती का नाम लेकर व्रत का संकल्प करें।
  • संकल्प के बाद अपना व्रत शुरू करें। इस व्रत में यदि आप निर्जला व्रत का संकल्प लेती हैं तो आपको इस दिन पानी का सेवन भी नहीं करना चाहिए।
  • जो लोग निर्जला व्रत नहीं करते हैं वो इस दिन फलाहार का सेवन करें।
  • शिव मंत्रों का जाप करें या शिव पुराण का पाठ करें।

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विवाहित महिलाओं के लिए हरियाली तीज व्रत के नियम

hariyali teej puja vidhi for married women

  • सुबह जल्दी उठकर स्नान कर लें।
  • पूरे दिन श्रद्धा से व्रत का संकल्प लें और शिव पूजन करें।
  • माता पार्वती को सिन्दूर चढ़ाएं और सुहाग की सामग्री अर्पित करें।
  • शिव परिवार को पंचामृत से स्नान कराएं और पूजन करें।
  • व्रत का पालन करें और भोग के रूप में खीर अर्पित करें।
  • संध्या काल में शिव पूजन और आरती करें।

 

तीज पर्व का महत्व

तीज का पर्व पूरे देश में बहुत ही उत्साह के साथ मनाया जाता है। यह त्योहार भारत में कई अलग-अलग नामों से जाना जाता है। उत्तर भारत के क्षेत्रों जैसे बुंदेलखंड, झांसी, राजस्थान आदि में हरियाली तीज को बहुत उत्साह और धूमधाम से मनाया जाता है। पूर्वी उत्तर प्रदेश, बनारस, गोरखपुर, जौनपुर, सुल्तानपुर आदि जिलों में काजली तीज धूमधाम से मनाई जाती है। वहीं भादो के महीने में हरतालिका तीज बड़े ही धूमधाम से मनाई जाती है। तीज में व्रत करने और शिव पार्वती का पूजन करने से सभी मनोकामनाओं की पूर्ति होती है।

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हरियाली तीज में यहां बताए नियमों के अनुसार व्रत और पूजन करने से सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं। अगर आपको यह आर्टिकल अच्छा लगा हो तो इसे शेयर जरूर करें। इसी तरह के अन्य लेख पढ़ने के लिए आपकी अपनी वेबसाइट हरजिन्दगी के साथ जुड़ी रहें।

Image Credit: Freepik, shutterstock

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