अधिकतर घरों में आजकल नॉन-स्टिक बर्तनों का इस्तेमाल होता है। ये बर्तन वैसे तो सहूलियत भरे होते हैं, लेकिन सेहत के लिए इन्हें अच्छा नहीं माना जाता। पहले के जमाने में लोहे की कढ़ाई के साथ-साथ मिट्टी के बर्तनों में खाना बनाने की प्रथा थी। मिट्टी के बर्तन न सिर्फ सस्ते होते थे बल्कि इनमें खाना बनाने का तरीका भी अलग होता था और इन्हें सेहत के लिए भी अच्छा माना जाता था। पर आजकल इनका उपयोग बहुत कम हो गया है। 

अगर आपसे पूछा जाए कि मिट्टी के बर्तनों में खाना बनाने के कई फायदे माने जाते हैं, पर कई लोगों को ये नहीं पता होता कि आखिर इन्हें ठीक से सीजन (Seasoning) कैसे किया जाए जिससे मिट्टी के बर्तनों से तेल आदि बाहर न निकले और खाना भी सही पके। 

शेफ संजीव कपूर ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर मिट्टी के बर्तनों को सीजन करने की दो अलग ट्रिक्स बताई हैं जिससे आपका मिट्टी का बर्तन खाना पकाने के लिए रेडी हो जाएगा। तो चलिए जानते हैं वो ट्रिक्स।

cooking earthen pots

इसे जरूर पढ़ें- न सूखेगी हरी मिर्च न होगी लाल, मिर्च को लंबे समय तक स्टोर करने के ट्रिक्स

मिट्टी के बर्तनों को खाना पकाने के लिए तैयार करने की पहली ट्रिक-

मिट्टी के बर्तन पोरस होते हैं यानि इनमें छोटे-छोटे होल्स होते हैं जो तेल आदि सोख लेते हैं। अगर आपने बिना सीजन किए इसमें खाना पका दिया तो लंबे समय तक खाने की बदबू रह जाएगी और ऐसा भी हो सकता है कि खाना ठीक से न बने इसके लिए आप पानी का इस्तेमाल कर सकते हैं। 

  • सबसे पहले मिट्टी के बर्तन को 8-10 घंटे के लिए पानी में डुबाकर रखें। 
  • इसके बाद इसे पानी से बाहर निकालें और गैस पर रखें और इसके अंदर पानी को उबालें।
  • इसके बाद उबले हुए पानी को फेंक दें और मिट्टी का बर्तन इस्तेमाल करें। 
cooking in earthen pots

मिट्टी के बर्तनों को खाना पकाने के लिए तैयार करने की दूसरी ट्रिक-

दूसरी ट्रिक भी पहली ट्रिक की तरह काफी आसान है और आपके मिट्टी के बर्तन को ठीक तरह से सीजन कर देगी। इसके लिए हमें गेहूं के आटे का इस्तेमाल करना होगा। 

  • सबसे पहले गेहूं के आटे को पॉट में अच्छी तरह से रब करें। अंदर की तरफ से पूरा पॉट कवर हो जाना चाहिए और उसके बाद इस आटे को झड़ा दें।
  • अब पॉट को फ्लेम पर रखें और तब तक इसे गर्म करें जब तक आटा काला नहीं पड़ जाता। 
  • अब एक मस्लिन के कपड़े से इस पॉट को साफ करें। 
  • गैस बंद करें और पॉट को अच्छी तरह से ठंडा होने दें। इसके बाद पॉट इस्तेमाल करने के लिए तैयार है। 
  • अगर मिट्टी के पॉट का ढक्कन भी मिट्टी का ही लेकर आए हैं तो उसे भी इसी तकनीक के इस्तेमाल से सीजन करें।  
 
 
 
View this post on Instagram

A post shared by Sanjeev Kapoor (@sanjeevkapoor)

 

इसे जरूर पढ़ें- साबूदाने से जुड़े ये 5 हैक्स क्या जानते हैं आप? 

Recommended Video

क्या हैं मिट्टी के बर्तन में खाना पकाने के फायदे- 

जैसा कि हम पहले ही बता चुके हैं कि मिट्टी के बर्तन पोरस होते हैं और वो अपने अंदर पानी को सोख लेते हैं। ऐसे में जब इनमें खाना बनाया जाता है तो ये हीट को भी सोख लेते हैं और यही कारण है कि मिट्टी के बर्तन में खाना ज्यादा देर तक गर्म रहता है। पर मिट्टी के बर्तनों में खाना पकाने के सिर्फ इतने ही फायदे नहीं हैं कई और भी हैं, जैसे- 

  • मिट्टी के बर्तनों में खाना काफी धीमे पकता है और इसके कारण खाने की सारी न्यूट्रिटिव वैल्यू अच्छी तरह से सर्कुलेट हो जाती है। मेटल के बर्तनों में ये प्रोसेस नहीं होता। 
  • मिट्टी के बर्तन अल्कलाइन होते हैं और इसलिए खाने की एसिडिटी से रिएक्ट करते हैं। इस प्रोसेस के बाद खाना कम एसिडिक रह जाता है और ये काफी हेल्दी होता है। 
  • मिट्टी के बर्तनों में खाना धीमे पकता है और इसलिए आप तेल का इस्तेमाल कम कर सकते हैं। आप सब्जी आदि पकाने के लिए कम तेल डालें और धीमी आंच पर इसे पकने दें। सब्जी जलेगी भी नहीं और खाना भी हेल्दी बनेगा। 
  • मिट्टी के बर्तनों में कैल्शियम, फॉसफोरस, आयरन, मैग्नीशियम और सल्फर आदि पहले से ही मौजूद होता है जो खाने में भी जाता है। ये हमारे शरीर के लिए काफी फायदेमंद होता है। 
  • मिट्टी के बर्तनों में खाना बनाने से खाने में एक सौंधी खुशबू आ जाती है जो काफी सुहानी लगती है। 
  • मिट्टी के बर्तन सस्ते होते हैं और काफी अफोर्डेबल भी होते हैं।  

अब तो आप समझ ही गए होंगे कि मिट्टी के बर्तनों में खाना पकाना और खाना कितना फायदेमंद साबित हो सकता है। अगर आपको ये स्टोरी अच्छी लगी हो तो इसे शेयर जरूर करें। ऐसी ही अन्य स्टोरी पढ़ने के लिए जुड़े रहें हरजिंदगी से।