घर पर शक्कर की चाशनी बनाना काफी आसान काम लगता है, लेकिन सही मायनों में ये काम थोड़ा ट्रिकी है क्योंकि परफेक्ट कंसिस्टेंसी की चाशनी बनाने में काफी समय लग सकता है। कई बार लोगों की शिकायत होती है कि उनके गुलाब जामुन अच्छे नहीं बने, चाशनी काफी पतली हो गई, जलेबी में ठीक मिठास नहीं आई, शाही टुकड़ा ने चाशनी को सही तरह से सोक नहीं किया और वगैराह-वगैराह। 

अगर आपने भी इसके पहले चाशनी नहीं बनाई है और आप भी इसे ठीक तरह से बनाना चाहते हैं तो चलिए आज आपको हम मिठास से भरी चाशनी से जुड़े कुछ खास हैक्स के बारे में बताते हैं। 

1. कितनी शक्कर-कितना पानी?

सबसे बड़ी गलती चाशनी बनाने में जो की जाती है वो है शक्कर और पानी का अनुपात सही नहीं रखना। अगर आप गुलाब जामुन जैसी किसी स्वीट डिश के लिए चाशनी बनाने जा रहे हैं तो ये जरूरी है कि आप पानी और चीनी की मात्रा बराबर रखें और फिर उसे एक बार चलाकर 5-7 मिनट तक ऐसे ही उबलने दें। 

यहां से जो सिरप बनना शुरू होगा वो सही चाशनी होगी। इसकी कंसिस्टेंसी ज्यादा बेहतर होगी। 

sugar syrup at home

अब आप यहां से ही आधे तार या एक तार की चाशनी बना सकते हैं। ध्यान रहे कि इससे ज्यादा गाढ़ी चाशनी में गुलाब जामुन सही नहीं बनेंगे। 

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2. चिक्की बनाने के लिए चाशनी-

अगर आप घर पर ही चिक्की बनाने के बारे में सोच रहे हैं तो आपको गाढ़ी चाशनी की जरूरत होगी। ये लड्डू और चिक्की के लिए बेस्ट होती है, लेकिन ये दो तार की चाशनी नहीं होती जिसे लेकर लोग अक्सर गलती कर बैठते हैं। 

दरअसल, ये चाशनी दो तार वाली चाशनी से भी ज्यादा गाढ़ी होती है। इसकी कंसिस्टेंसी कुछ ऐसी होनी चाहिए कि पानी में डालते ही ये एक हार्ड बॉल जैसी हो जाए। दो तार वाली चाशनी को थोड़ी देर और गर्म करेंगे तो ये कंसिस्टेंसी आएगी और यही सबसे अच्छी चाशनी होती है जिसमें परफेक्ट बाज़ार जैसी चिक्की बनती है। 

sugar syrup makin

3. पतली चाशनी-

एक तरह की चाशनी ऐसी होती है जिसमें बहुत ज्यादा गाढ़ापन नहीं होता और ये गुलाब जामुन वाली चाशनी से भी ज्यादा पतली होती है। ये शक्कर और पानी को उबालने और शक्कर के पूरे घुलने तक बनाई जाती है। 

इसे गाजर का हलवा, काजू कतली, बूंदी लड्डू, मैसूर पाक, नारियल की बर्फी जैसी मिठाइयों में इस्तेमाल किया जाता है।   

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4. गुड़ की चाशनी- 

गुड़ की चाशनी भी इसी तरह से बनती है, लेकिन आप गुड़ में पानी का इस्तेमाल कम करें। ये 2:1 के अनुपात में बन सकता है। गुड़ की चाशनी बहुत ही स्वादिष्ट होती है और रिफाइंड शुगर की चाशनी के मुकाबले इसमें ज्यादा दानेदार कंसिस्टेंसी होती है। इसे हेल्दी भी माना जाता है।  

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5. कैसे स्टोर करें चाशनी? 

अगर आप चाशनी को सही तरह से स्टोर करने के बारे में सोच रहे हैं तो ये जरूरी है कि आप उसे एयरटाइट कंटेनर में फ्रिज में रखें।  

सिंगल तार वाली चाशनी कम से कम 3-4 हफ्ते फ्रिज में चल जाती है। इसी जगह अगर आपने 2:1 (चीनी और पानी) अनुपात वाली गाढ़ी चाशनी बनाई है तो वो दो महीने तक फ्रिज में अच्छी रह सकती है।  

कोल्ड प्रोसेस (बिना हीट के ब्लेंडर की मदद से चाशनी बनाना, पानी और चीनी एक ही अनुपात में लेना) से बनी हुई चाशनी 14-15 दिनों से ज्यादा नहीं चलती है।  

अगर आप चाशनी बनाने के बारे में सोच रहे हैं तो ये हैक्स जरूर ध्यान रखें। अगर आपको ये स्टोरी अच्छी लगी है तो इसे शेयर जरूर करें। ऐसी ही अन्य स्टोरी पढ़ने के लिए जुड़े रहें हरजिंदगी से।